SexKahani.Desi

– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

Advertisements

अनजान लड़की को रखेल बनाया

हाई, मेरा नाम रोशन है. मैं मुंबई का रहने वाला हु. मैं इस वेबसाइट का रेगुलर रीडर हु और मुझे इस वेबसाइट पर लिखी हुई सारे सेक्स अनुभव और सेक्स कहानिया बहुत पसंद है. जब भी मुझे टाइम मिलता है, मैं ये वेबसाइट खोल कर आप सबके सेक्स अनुभव और सेक्स कहानिया पढने बैठ जाता हु. मैं आज मैं आपको सच्चा अनुभव सुनाने जा रहा हु. बात उस समय की है. जब मुझे नई जॉब मिलने की वजह से दिल्ली आना पड़ा. दिल्ली में मेरा एक दोस्त रहता था. उसने मेरे रहने का बंदोबस्त किया. मेरे आने से पहले ही मेरे लिए ओने रूम सेट विथ किचन और बाथरूम बुक किया, रेंट पर.

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

अब मैं अपना सामान पैक कर जाने की तैयारी कर रहा था. ट्रेन का रिजर्वेशन किया और दिल्ली के लिए रवाना हो गया. मेरी सीट खिड़की के पास थी और ट्रेन काफी खाली थी. ज्यादा लोग नहीं थे और मैं टाइम पास करने के लिए दरवाज़े के पास आकर खड़ा हो गया. तभी टीसी आया और उसने मेरा टिकेट चेक किया और आगे जाकर और टिकेट चेक करने लगा. तो मैंने देखा, कि एक २० से २२ साल की लड़की पुराने से कपड़े में उससे हलके आवाज़ में बात कर रही थी और टीसी टिकेट चेक किये जा रहा था. तब मैं वहां पर गया और उससे मेटर के बारे में पूछा. उसने बताया, कि उसके पास टिकेट नहीं है और टीसी उसे ट्रेन से उतरने को कह रहा है अगले स्टेशन पर. मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने उसका टिकेट बनवाया और फाइन भी भर दिया. टीसी ने उसे मेरे बाजु वाली सीट दे दी और चले गया. अब मैं उससे बात करने लगा था. पहले तो वो मुझसे झूठ बोल रही थी. पर बाद में उसे पता नहीं क्या हुआ, वो मुझसे सच बोलने लगी और अपनी सच्ची स्टोरी बतानी शुरू कर दी.

उसने बताया, कि उसका बाप शराबी है और माँ मर चुकी है. उसका बाप उससे घर पर बहुत तंग करता है. वो घर से भाग कर आई है. उसके पास कोई पैसे भी नहीं है. बात करते – करते सफ़र कट गया और दिल्ली स्टेशन आ गया और मैं अपना सामान उठा कर उतर गया. वो लड़की भी चली गयी. मैं ऑटो स्टैंड पर पहुच गया. मैं पीछे मुड़कर देखा, तो वो मेरे पीछे ही खड़ी थी. मैंने उससे पूछा, कि अब वो क्या करेगी और कहाँ जायेगी.

वो बोली – पता नहीं. दिल्ली शहर उसके लिए बिलकुल नया है और वो अपने गाँव से कभी भी बाहर नहीं निकली है. तब मैंने उसे पूछा, कि अगर तुम्हे एतराज़ ना हो, तो तुम मेरे साथ मेरे घर पर चल सकती हो. उसने भी मना नहीं किया. उसके पास कोई और चारा भी तो नहीं था. हम दोनों साथ में घर गये. मेरे दोस्त ने सारा अरेंजमेंट किया हुआ था. घर में सिर्फ २ ही रूम थे और घर पहुच कर मैं फ्रेश होने चला गया.

वो एक कोने में ही बैठी थी. मैं वापस आया. तो उसे भी फ्रेश होने को कहा. उसने कहा, कि उसके पास कपडे भी नहीं है. मैंने उसे अपना कुरता – पयजामा दिया. उसने पहन लिया और रात को मैं हॉल में और किचन में सोयी. दुसरे दिन, मैं सुबह ड्यूटी पर चले गया और वो घर में पूरा दिन. जब मैं शाम को लौटा, तो देखा उसने पूरा घर साफ़ करके रखा और मेरे लिए खाना भी बना दिया था. मैं तो बहुत खुश हो गया.

मैंने उससे को कहा, कि चलो कहीं बाहर चलते है. ताकि मैं तुम्हे कुछ कपड़े दिला दू और तुम वो पहन सको. मैं उसे एक पास के शौपिंग मॉल में ले गया और कुछ कपडे लिए, उसके लिए. इस तरह थोड़े दिन गुज़र गये. फिर एक दिन, मैं काम से जल्दी घर आ गया और उसे कहीं बाहर घुमाने के लिए ले गया. जब मैंने उसको अपनी बाइक पर बैठने को कहा, तो उसने मना किया और कहा – उससे इस से डर लगता है. तब मैंने उसे कहा – तुम डरो मत, मुझे पीछे से कस कर पकड़ लेना.

मेरे इस तरह से कहने से वो बाइक पर बैठ गयी. तब पहली बार, मुझे कुछ अनोखा महसूस हुआ. पूरा दिन काम में बिजी होने की वजह से, मैंने कभी उसकी तरफ ध्यान ही नहीं दिया. लेकिन उसमें कुछ तो बात जरुर थी. जब वो मेरे साथ बाइक पैर बैठी, उसके नरम नीबू मेरी पीठ को छु रहे थे. मुझे भी मज़ा आ रहा था. हम होटल गये. कुछ खाया, थोड़ा घुमे और फिर घर वापस आ गये.

रास्ते में खूब बारिश होने लगी. हम पुरे भीग गये थे. हम घर पहुचे, तब मैंने उसको देखा. उसका पूरा बदन भीगा हुआ था और वो काँप रही थी. मैंने उससे कपड़े बदलने को कहा. वो किचन में गयी और कपड़े बदलने लगी. मैंने भी चेंज किया और तभी लाइट चली गयी और जोर से बिजली कड़कने लगी और वो भाग कर आई और मुझसे लिपट गयी. उसने कहा, कि उसे बिजली से बहुत डर है.

उसने मुझे कास कर पकड़ा हुआ था. मैंने भी मना नहीं किया. क्या बताऊ यारो.. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगा. उसका पूरा बदन मेरी बाहों में था. उसके छोटे – छोटे नीम्बू मेरे सीने को छु रहे थे. तभी लाइट वापस आ गयी. मैंने देखा, कि वो सिर्फ कमीज़ में है और उसने सलवार भी नहीं पहनी हुई थी. मैं सिर्फ शॉर्ट्स में था. वो मुझे छोड़ ही नहीं रही थी. मैंने भी मौके का फायदा उठाया. उसकी कमर पर हाथ फेरा, तो देखा उसकी पेंटी पूरी भीगी हुई थी.

मैंने उसके चुतड जोर से दबाये. उसने मना नहीं किया. मैंने उससे कहा, तुम इसे उतार दो. मैंने उसे कमीज़ उतारने के लिए मद्दत भी करी. वो अब मेरे सामने बिलकुल नंगी खड़ी हुई थी. मेरा लंड तो बम्बू की तरह खड़ा हो गया था. मैंने देर ना करते हुए, उसके होठो पर होठ रखे और जोर से चूसने लगा.

उसने भी मना नहीं किया. बहुत मजेदार होठ थे उसके. नरम गुलाब की पंखुड़ी की तरह. फिर उसकी चूची पर हाथ फेरने लगा. क्या नरम थी यारो. एकदम मुलायम और उसको मुह में लेकर चूसने लगा. वो उफफ्फ्फ्फ़ उफफ्फ्फ्फ़ आआअह्हह्हह ऊऊओह्हह्हह करने लगी थी. करीब १५ मिनट तक ये ही चलता रहा. वो एकदम मदहोश होकर मेरा साथ देने लगी थी. मैंने फिर उसे अपने बेड पर लिटाया और उसके पुरे बदन को चाटने लगा. नीचे आया, तो देखा; उसकी चूत पर हलके – हलके बाल थे.

उसकी चूत एकदम लाल, बिलकुल कश्मीरी शीप की तरह थी. मैंने देर ना करते हुए, उसकी चूत पर मुह रख दिया. वो बुरी तरह से मचल उठी. उसकी चूत – चूत पानी छोड़ने लगी थी. क्या खुशबु थी यारो.. वो कुछ भी नहीं बोल रही थी. चुपचाप मज़ा ले रही थी और अजीब तरह की आवाज़े निकाल रही थी अहहहः अहहहः एकदम उसका बदन अकड़ने लगा और वो झड़ गयी. हम थोड़ी देर तक शांत रहे और फिर मैंने अपना लंड निकाला और उसे चूसने को कहा. तो एकदम दंग रह गयी.

उसने पहले तो मना किया, कि उसने कभी पहले इतना लम्बा लंड नहीं देखा था. लेकिन मेरे कहने पर उसने अपने मुह में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी. मेरी गोटियो से खेलने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. करीब १० मिनट ये ही चलता रहा. बाद में झड़ गया और उसने मेरे लंड को मुह से निकाला और पानी जमीन पर फेंक दिया. अजीब सा लगा, मुझे ये देख कर. पर ये सब उसका पहली बार था. फिर मैंने देर ना करते हुए, उसे लिटाया और उसके ऊपर लेट गया. अब मैंने अपना लंड उसकी कंवारी चूत पर रखा और वो एकदम से डर गयी और बोली – प्लीज मत करो. बहुत दर्द होगा मुझे.

मैंने उससे कहा – डरो मत. कुछ नहीं होगा. मैंने क्रीम लिया और थोड़ा उसके चूत पर लगाया और थोड़ा मेरे लंड पर. फिर मैंने धीरे से चूत के अन्दर डाला. जैसे ही मेरा टोपा उसकी चूत के अन्दर गया, उसने मुझे धक्का दे दिया और कहने लगी, बहुत दर्द हो रहा है. मैंने और क्रीम लगाया और एक हल्का सा धक्का लगाया, तो उसने एक तेज चीख मारी – ऊऊऊऊईईईईइमा…. मर गयीईईईइ … और ये कह कर रोने लगी. मैंने भी बेरहम होकर एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समां गया.

अब वो जोर – जोर से रोने लगी थी और कुछ देर बाद जब शांत हुई, तो मैंने फिर उसे चोदना शुरू किया. अब मैं अपने पुरे लंड को उसकी चूत से अन्दर – बाहर कर रहा था. उसकी चूत मस्त टाइट थी यार… एकदम गरम और वो जोर – जोर से चिल्ला रही थी अहहः अहहहः ऊऊऊऊईईईईइमा ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् … मेरे बिस्तर की चादर पूरी भीग चुकी थी. वो थोड़े समय के लिए बेहोश भी हो गयी थी. फिर मैंने लंड वापस से उसकी चूत में डाला और इस बार उसे उतना दर्द नहीं हुआ.

मैंने अपने होठो से उसके होठो को दबा लिया और चोदने लगा. वो पूरी तरह से काँप रही थी, जैसे मछली बिना पानी के. पूरा घर छप – छप – छप – छप – छप की आवाजो से गूंज रहा था. वो मदहोश होकर गांड उठा – उठा कर मेरा साथ दे रही थी. करीब १० मिनट में वो झड़ गयी. पर मैं उसे चोदता रहा और थोड़े समय के बाद, मैं भी झड गया. फिर मैंने उसके अपनी गोद में उठाया और सीज़र पोजीशन में चोदा.

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

उसे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैंने उसे उल्टा लिटाया और उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रखा और धीरे से घुसाया. एकदम प्यार से, ताकि उसे ज्यादा दर्द ना हो. हमने अलग – अलग तरीके से चुदाई की और अब वो मेरी रखैल बन गयी. अब जब भी मुझे मन करता, मैं उसे चोदता रहता हु, चाहे दिन हो या रात. वो मुझे कभी मना नहीं करती.

Rate this post

Advertisements

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

Statutory Warning: This site is just for fun fictional stories on the site | All the stories sent by readers, is published on the site | Readers can view the personal stories | None of these stories to the editor or managing the class association | To use this website, you must be over 18 years of age, and you should have full adult Cetradikar legally or according to where you are using this website if you do not meet these requirements, If you do not have permission to use this website | Any item that is presented on this website, we do not claim to be their own |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer