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पति के बॉस ने साड़ी को खोला

मेरा नाम सिमरन है मैं चंडीगढ़ की रहने वाली हूं और मेरी शादी भी चंडीगढ़ में ही हुई है। मेरे पति का नाम सुरेंदर है और हमारी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं। जब मैं अपने कॉलेज में थी तो मैं अपने कॉलेज की सबसे सुंदर लड़की थी और सारे लड़की मेरे पीछे पड़े हुए थे परंतु मैं किसी को भी भाव नहीं देती थी। मेरे लिए एक रिश्ता आया था  परन्तु मैं शादी नही करना चाहती थी लेकिन फिर भी मैंने शादी के लिए हां कर दी क्योकि मैं नहीं चाहती थी कि मेरे घर वालों को मेरी वजह से कोई तकलीफ हो इसीलिए मैंने अपने घर वालों के कहने पर ही सुरेंद्र के साथ शादी कर ली। सुरेंद्र भी एक कंपनी में मैनेजर है और वह एक अच्छे पद पर हैं। उनकी फैमिली भी बहुत अच्छी है और वह मेरा बहुत सपोर्ट करती है लेकिन इन दो सालों में मुझे ऐसा लगा सुरेंद्र मुझ पर इतना ध्यान नहीं देते।

शादी के कुछ समय बाद मैं उनके साथ कई बार अपने रिलेटिव के घर भी गई लेकिन उसके बावजूद भी वह अपने काम पर ही व्यस्त रहते थे और मुझे लगता कि शायद वह मुझ में अपनी कोई भी रुचि नहीं दिखा रहे है। एक दिन वह घर पर ही थे और उस दिन उनके पास समय भी था, मैंने सुरेंद्र से उस दिन बात की और कहा क्या आपको मुझ में कोई इंटरेस्ट नहीं रहा या फिर आपका मुझ से मन भर चुका है, सुरेंद्र कहने लगे तुम यह पागलों जैसी बात क्यों कर रही हो, मैंने उन्हें कहा मुझे तो तुम्हारे व्यवहार से लगता है कि अब  मुझ में कोई भी इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे हो और ना ही तुम मुझसे प्यार करते हो,  शुरू में तो तुमने मुझे बहुत ज्यादा प्रेम किया और अब तुम मुझे ना तो समय दे पाते हो और ना ही तुम्हारे पास मेरे लिए वक्त होता है। सुरेंद्र कहने लगे मैं अपने ऑफिस के काम में इतना उलझा रहता हूं कि मैं तुम्हें वक्त नहीं दे पाता यदि तुम मेरी जगह एक दिन काम कर के देखो तो तुम्हें पता चल जाएगा कि मैं कितना ज्यादा बिजी रहता हूं। मैंने सुरेंद्र से कहा मुझे यह बात तो पता है कि तुम बिजी रहते हो लेकिन उसके बावजूद भी तुम थोड़ा बहुत समय तो मेरे लिए निकाल ही सकते हो, पहले भी तो तुम मेरे लिए समय निकालते थे और मुझे अपने साथ घुमाने के लिए लेकर जाते थे।

सुरेंद्र मुझसे कहने लगे मुझे अब अपनी फैमिली प्लानिंग भी करनी है, उसके लिए ही मैं यह सब कर रहा हूं ताकि मैं किसी अच्छी कंपनी में जॉब कर पाऊँ, मैं अभी जिस कंपनी में जॉब कर रहा हूं वहां पर मेरी सैलरी अच्छी है परंतु मैं चाहता हूं कि मेरा किसी अच्छी कंपनी में सिलेक्शन हो जाए लेकिन जब मैं यहां पर अच्छे से काम कर के दूंगा उसके बाद ही तो मैं किसी कंपनी में अपनी प्रोफाइल दिखा पाऊंगा। मैंने उनसे उसके बाद ज्यादा बात नहीं की और मैं वहां से उठकर अपने कमरे में चली गई, उस दिन के बाद मैंने उनसे कभी भी इस बारे में बात नहीं की और उन्हें बिल्कुल फ्री छोड़ दिया, अब वह भी मेरे किसी भी निर्णय में बिल्कुल भी दखलंदाजी नहीं देते थे और हमेशा ही मुझे कहते कि तुम अपने निर्णय खुद ही लिया करो। एक दिन मैं घर का काम कर रही थी,  सुरेंद्र मुझसे कहने लगे हमारे बॉस ने ऑफिस की एक पार्टी रखवाई है उसमें हमारे ऑफिस के सारे कर्मचारी आने वाले हैं और सब लोग अपने परिवार के साथ वहां पर आने वाले हैं, तुम भी तैयार हो जाना। यह बात 2 महीने पहले की है मैंने उन्हें कहा आपके ऑफिस की पार्टी कब है, वह कहने लगे हमारे ऑफिस की पार्टी दो दिन बाद है, मैंने उन्हें कहा मुझे दो दिनों में तैयारी करनी पड़ेगी। मैं घर से बाहर कम ही जाती थी इसलिए मैं उसके अगले दिन ही ब्यूटी पार्लर चली गई और वहां पर मैंने अपना फेशियल करवा लिया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि सुरेंद्र को किसी भी प्रकार से मुझे सपोर्ट ना मिले। मैं जब सुरेंद्र के साथ पार्टी में जाने के लिए तैयार हुई तो वह मुझे देख कर कहने लगे तुम तो आज बहुत ही सुंदर लग रही हो, मैंने सुरेंद्र से कहा तुमने आज तक कभी भी मुझे प्यार भरी नजरों से देखा ही नही तो मैं तुम्हें सुंदर कहां से लगूंगी। सुरेंद्र उस दिन मेरी बहुत तारीफ करने लगा और जब हम लोग रास्ते में जा रहे थे तो उस दिन सुरेंद्र ने मुझे एक रिंग भी दे दी, मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि सुरेंद्र को अचानक से मुझ पर इतना प्यार क्यों आने लगा है, मैं जब सुरेंद्र के ऑफिस की पार्टी में पहुंची तो वहां पर काफी सारे लोग आए हुए थे और सब की फैमिली भी आई हुई थी। सुरेंद्र के ऑफिस में काफी लोग काम करते हैं इसलिए वहां पर काफी भीड़ थी।

जब सुरेंद्र मुझे अपने बॉस से मिलवाने के लिए ले गए तो उनके बॉस की उम्र भी 50 साल के आसपास रही होगी और वह दिखने में बहुत ही हट्टे कट्टे थे। उन्होंने कोट पैंट पहना हुआ था और वह जिस प्रकार से बात कर रहे थे ऐसा लग रहा था कि वह बहुत बड़े आदमी हैं, उन्होंने मेरे पति को कहा कि आप लोग पार्टी इंजॉय करो। सुरेंद्र ने उस दिन मुझे कहा कि तुम भी पार्टी का इंजॉय करो और मैं कुछ देर में अपने दोस्तों के साथ होकर आता हूं। सुरेंद्र अपने दोस्तों के साथ चले गए और वहां शराब पीने लगे, वह लोग बहुत इंजॉय कर रहे थे। मैं किसी को नहीं पहचानती थी इसलिए मैं अकेली बैठी हुई थी, मैं अपने आपको बहुत ज्यादा अनकंफरटेबल महसूस कर रही थी लेकिन यह बात सुरेंद्र को समझ नहीं आई। वह कुछ देर बाद मेरे पास आये और कहने लगे क्या तुम भी पार्टी को एंजॉय कर रही हो, मैंने कहा हां मैं पार्टी एंजॉय कर रही हूं। उसके बाद वह दोबारा से अपने दोस्तों के साथ ही चले गए। कुछ देर बाद उनके बॉस मेरे पास आकर बैठे तो वह मुझसे बड़े तहजीब से बात कर रहे थे और मैं भी उनके साथ ही बैठी हुई थी। सुरेंद्र मुझे देख रहे थे और वह अपने दोस्तों के साथ ही शराब पीने पर लगे हुए थे।

सुरेंद्र के बॉस ने जब मेरा हाथ पकड़ा तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा लेकिन जिस प्रकार से उनका शरीर था मुझे भी लगा कि एक बार तो मुझे उनके साथ सोना ही चाहिए। मैं भी उनके साथ सोने के लिए तैयार हो चुकी थी मैंने भी हामी भर दी। वह मुझे बाहर एक रूम में ले गए जब उन्होंने मेरे काले रंग की साड़ी को अपने हाथों से खोला तो वह कहने लगे तुम्हारा बदन तो किसी परी से कम नहीं है। जब उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठाया तो मैंने पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी। उन्होंने धीरे धीरे मेरे स्तनों के अंदर हाथ डाल दिया उन्होंने मेरी ब्रा के अंदर से मेरे स्तनों को निकाल कर चूसना शुरू कर दिया। वह बड़े अच्छे से मेरे स्तनों का रसपान कर रहे थे और मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था। काफी देर तक उन्होंने ऐसा ही किया अब उनका भी लंड पूरा खड़ा हो चुका था, उन्होंने भी अपने कपड़े खोल दिए। जब मैंने उनके लंड को देखा तो मुझे लगा आज तो यह मेरी इच्छा पूरी कर ही देंगे। उनके मोटे लंड कों मैंने अपने मुंह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से चूसने लगी। वह इतना खुश हो गए कि उन्होंने मुझे वहीं बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी पैंटी को बड़े प्यार से उन्होंने अपने हाथों से निकाल दिया। जब उन्होंने मेरी योनि के अंदर अपनी उंगली डाली तो मैं भी उत्तेजित हो गई थी। जैसे ही उन्होंने अपने मोटे लंड को मेरी योनि में डालना शुरू किया तो वह मेरी मुलायम योनि के अंदर नहीं डाल पा रहे थे उन्होंने कोशिश करते हुए मेरी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। जैसे ही मेरी योनि के अंदर उनका लंड घुसा तो मैं चिल्ला उठी। उन्होंने भी बड़ी तेज मुझे धक्के देने शुरू कर दिए थे और जिस प्रकार से वह मुझे चोद रहे थे मुझे बड़ा आनंद आ रहा था। मैंने उनसे कहा सर आपका लंड तो बहुत ही मोटा और बड़ा है मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। जब उनका वीर्य मेरी योनि में गिर गया तो उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही उन्होंने मुझे पेलना शुरू कर दिया। मेरी बड़ी बड़ी चूतडे जब उनके लंड से टकराती तो उन्हें और भी ज्यादा मजा आ जाता। वह बड़ी तेज गति से मुझे झटके दे रहे थे उन्होंने मुझे तेजी से मारे उन धक्कों के बीच में जैसे ही उनका माल मेरी योनि के अंदर गिरा तो वह शांत होकर बैठ गए और उन्हें बड़ा अच्छा लगा। कुछ समय बाद उन्होंने मेरे पति का भी प्रमोशन कर दिया और मेरे पति की सैलरी भी बढ़ा दी लेकिन मैं अभी भी उनसे अपनी चूत मरवाने के लिए जाती हूं।

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