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जिम में चुदाई की वह सुबह

दोस्तों मुझे जिम के बारे मे नहीं पता था लेकिन मेरा अंदर शौक पैदा हो गया इसलिए मैंने जिम जॉइन कर लिया। जिम मे जिम ट्रेनर हूं उसी दौरान मेरी मुलाकात कविता से हुई। जब मेरी मुलाकात कवीता से हुई तो उस वक्त वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए उतावली हो गई। उससे मेरी मुलाकात होने से पहले मैंने अपने जीवन में बहुत ही समस्याएं झेली कैसे में अपने शरीर को हष्ट पुष्ट बना पाया इसके लिए मैंने बहुत ही पापड़ बेले। क्योंकि मेरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था इसलिए मुझे एक व्यक्ति ने अपने जिम में रख लिया और कहा तुम्ही अब मेरे जिम को संभालोगे। मैंने उनके जिम को बड़े अच्छे से संभाला, मैं अपनी बॉडी भी बनाता। उसके बाद तो मैंने कई महिलाओं को चोदा मैं आपको अपने शुरुआती दौर कि आप बीती बताता हूं कैसे मैंने अपने जिम में आने का सपना पूरा किया।

मेरा नाम प्रशांत है मैं एक बहुत ही छोटे गांव से ताल्लुक रखता हूं मेरा गांव रोहतक के पास है, मेरी लंबाई पहले से ही अच्छी थी लेकिन मेरा शरीर बहुत ही दुबला पतला सा था। मैं जब तक गांव में पढ़ाई करता रहा तब तक तो मुझे इन सब चीजों के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं थी लेकिन जब मैं रोहतक आ गया तो रोहतक में मेरे बहुत दोस्त बनने लगे और उनमें से एक दिन मेरे एक दोस्त ने कहा मैं तो आजकल जिम जा रहा हूं और जिम जाकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है, मुझे तो यह भी नहीं पता था कि जिम होता क्या है और जिम किस बला का नाम है। मैंने उससे पूछा भाई यह हो जिम होता क्या है? वह कहने लगा वहां पर लोग कसरत करते हैं और जमकर मेहनत होती है जिससे कि हमारा शरीर मजबूत हो जाता है। मैंने उसे कहा तुम्हें कितना वक्त हो चुका है? वह मुझे कहने लगा मुझे तो दो महीने हो चुके हैं और दो महीने में मैं अपने आप को बहुत ही फिट महसूस कर रहा हूं। जब उसने मुझसे यह बात कही तो मुझे भी लगा कि मुझे भी जिम में जाना चाहिए ताकि मैं भी अपने शरीर को फिट कर पाऊं इसी के चलते मैं जिम में एक दिन चला गया, मैं जब जिम में गया तो वहां का ट्रेनर मुझे बड़े ध्यान से देख रहा था और उसने मुझे बड़ी ही हीन भावना से देखा, वह मुझे ऐसे देख रहा था जैसे कि मैं उसके आगे कुछ भी नहीं हूं।

मैंने उससे पूछा कि आप मुझे ऐसे क्यों देख रहे हैं? वह मुझे कहने लगा तुम यहां क्या करने आए हो? मैं कहने लगा मैं देखने आया था कि जिम में क्या-क्या होता है। वह बडे गुस्से में मुझसे बात कर रहा था और उसने मुझे कहा तुम अब यहां से चले जाओ, उसने मुझे वहां से निकाल दिया लेकिन मुझे उस दिन लगा कि मुझे भी अब जिम में जाना चाहिए इसलिए मैंने जिम में कसरत करने का निर्णय ले लिया और उसमें मेरी मेरे दोस्त ने बहुत मदद की क्योंकि मैं आर्थिक रूप से इतना मजबूत नहीं था इसलिए वही मेरी फीस भरा करता था, मुझे उसके साथ जिम जाते हुए दो महीने से ऊपर हो चुके थे और मेरे शरीर में काफी बदलाव भी था। मैं एक भी दिन कभी जिम नहीं छोड़ता और मुझे अच्छा भी लगने लगा था उसी दौरान मेरी मुलाकात अनिल के साथ हुई, अनिल एक जिम चलाते थे लेकिन उन्होंने मुझे देखा तो वह मुझे कहने लगे मुझे तुम्हारे अंदर कुछ काबिलियत लग रही है और तुम बहुत आगे जा सकते हो, मैंने उन्हें कहा सर मेरे पास पैसों का बहुत अभाव है मेरा दोस्त ही मेरी फीस भरता है और उतने ही पैसों में मुझसे जितना हो सकता है मैं उतना करता हूं। अनिल मुझे कहने लगे कि मैं तुम्हें हर महीने पैसे दे दिया करूंगा, मैंने उनसे कहा लेकिन आप मेरी मदद क्यों करेंगे? वह कहने लगे मुझे तुम्हारे अंदर बहुत काबिलियत दिखती है और मैं बॉडीबिल्डिंग कंपटीशन भी करवाता हूं, मैं तुम्हें अपने जिम के लिए तैयार करना चाहता हूं ताकि तुम मेरे जिम की तरफ से कंपटीशन लड़ो और उससे मेरे जिम का नाम ऊंचा होगा। यह कहते हुए उन्होंने मुझे अपने पास रख लिया और मैं दिन-रात मेहनत करने लगा, मेरे शरीर में पूरी तरीके से बदला हो चुका था और मेरी लंबाई के अनुरूप अब मेरी चौड़ाई भी अच्छे से होने लगी थी, मेरी छाती भी बाहर की तरफ को आ गई थी और जो भी मुझे देखता वह मुझे देखकर कहता कि तुम तो बिल्कुल बदल चुके हो लेकिन यह सब अनिल जी की वजह से हुआ था और मैं जिंदगी भर अनिल जी का एहसान नहीं भूल सकता कि उन्होंने मेरे जीवन को कैसे बदल कर रख दिया।

उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया और उसके बाद उन्होंने मुझे एक जिम खुलवा कर भी दे दिया जिसमें हम दोनों बराबर के पार्टनर हैं। अब वह जिम भी अच्छा चलने लगा और मैं अब एक अच्छा ट्रेनर होने के साथ एक अच्छा बॉडी बिल्डर भी हूं। हमारे जिम में काफी बच्चे आते हैं और वह सब मुझे कहते हैं कि हमें बिल्कुल आपके जैसे बॉडी बनानी है, मैं सब से एक ही बात कहता हूं कि इसके लिए तुम्हें कई साल मेहनत करनी पड़ेगी, मैंने भी कई साल जी जान से मेहनत की है उसके बाद आज मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं कि सब लोग मुझे देखकर कहते हैं कि हमें भी ऐसी बॉडी बनानी है। मेरे जिम में कई लड़कियां भी आने लगी थी इसीलिए मैंने जिम में एक महिला ट्रेनर को भी रख दिया ताकि लड़कियों को कोई दिक्कत ना हो और दिन-ब-दिन हमारे जिम में लड़कियों की संख्या भी बढ़ने लगी थी, मैं ज्यादातर लड़कों को ही ट्रेनिंग देता था और मैं खुद भी अपनी प्रैक्टिस किया करता क्योंकि मुझे और भी कंपटीशन लड़ने होते थे, अनिल जी से मेरी कभी कबार मुलाकात हो जाया करती थी लेकिन उन्हें जब मुझसे कोई जरूरी काम होता था तो ही वह मुझे मिलते थे क्योंकि उनके पास भी ज्यादा समय नहीं हो पाता था वह एक बड़े बिजनेसमैन हैं और वह अधिकतर बाहर ही रहते हैं।

हमारे जिम में एक महिला भी आती हैं उनका नाम कविता है वह दिखने में बड़ी ही सुंदर है लेकिन वह मुझ पर डोरे डालती हैं। उन्हें जब भी मैं अकेला मिलता हूं तो वह कभी भी ऐसा मौका नहीं छोड़ती की जब वह मेरे शरीर को टच ना कर पाए। एक दिन वह सुबह सुबह जिम में आ गई उस वक्त कोई भी नहीं आया था। उस दिन मैंने जिम जल्दी खुलवा दिया जैसे ही वह आई तो मेरे साथ बैठी हुई थी। सुबह उनकी नियत कुछ ठीक नहीं लग रही थी, वह मेरी छाती पर हाथ लगाने लगी। मैंने उन्हें कहा यह सब ठीक नहीं है लेकिन उनकी नियत बहुत खराब थी। उस दिन वह अपनी चूत मुझसे मरवाना चाहती थी, मेरा मूड खराब हो गया। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उन्हें कहा आप इसे अपने मुंह में लेकर चूस लीजिए। उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में जैसे कि लिया तो उनके लिए यह बात आम थी जैसे वह हमेशा लंड लेती हो। जब वह पूरी तरीके से मूड मे हो गई तो मैंने उनके कपड़े उतार दिए। उनके नंगे बदन को देखकर मे खुश हो गया, मैं उन्हें देखता ही रहा। उनका बदन बड़ा ही सॉलिड था और उनकी गांड बहुत बाहर की तरफ उठी हुई थी। मैंने उनके स्तन और उनके होठों का जमकर रसपान किया, जब उनकी योनि से पानी बाहर निकालने लगा तो मैंने उन्हें घोड़ी बनाते हुए उनकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में गया तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड लेकर आज मैं बहुत खुश हूं तुम ऐसे ही मुझे चोदते रहो। मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारे, जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था मैंने अपने वीर्य को उनकी बड़ी गांड पर गिराया लेकिन उनकी इच्छा अभी नहीं भरी थी। वह कहने लगी मुझे अभी मजा नहीं आया, मैंने भी अपने मोटे लंड को उनकी गांड में प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड में प्रवेश हुआ तो वह खुश हो गई। भाभी अपनी गांड को मुझसे मिलाती तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था हम दोनों लगभग 5 मिनट तक एक दूसरे का साथ देते रहे। मेरा वीर्य पतन उनकी गांड के अंदर हुआ तो उस दिन के बाद उन्होंने मुझसे अपनी गांड मरवाने की ठान ली थी। वह हमेशा सुबह जल्दी आ जाती है, वह मुझे कहती मेरी गांड की खुजली मिटा दो। मैं हर सुबह उनको चोदता लेकिन उन्हें चोदकर मेरा शरीर काफी कमजोर होने लगा इसलिए मैंने उन्हें कुछ दिन पहले कह दिया आप मुझसे कुछ दिन दूर रहिए। मैं खुद ही आपको कुछ दिन बाद फोन कर दूंगा इसलिए मै उन्हें मिली नहीं, वह घर पर ही जिम करती हैं और मुझसे हमेशा फोन पर बातें करती हैं। वह मुझसे सेक्सी बातें करती हैं उनसे बात करते हुए भी मेरा पानी निकल जाता है।

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