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यार क्या गुनाह किया चुदाई करके

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सब मैं आज आपको अपने बारे कुछ बताने आया हूँ क्यूंकि मुझे बात करने की बड़ी गन्दी आदत है | दोस्तों मेरा नाम बड्डू है और मैं जबलपुर के पास भिटोनी में रहता हूँ | दोस्तों बड़ा ही अच्छा लगता है जब मैं किसी से बात करता हूँ क्यूंकि उससे मुझे ऊनके बारे में जानने का मौका तो मिलता और दूसरा यह की मैं ऊनसे अपने प्रदेश अपनी संस्कारधानी के बारे में बात हो जाती है | तो दोस्तों मैं आज आपके सामने जो कहानी लेके आया हूँ वो बड़ी ही रोचक है क्यूंकि इसमें मैं आपको एक सच्ची घटना बताने वाला हूँ | दोस्तों ये किस्सा बड़ा रोचक इसलिए है क्यूंकि जब मैं सहपुरा के एलपीजी प्लांट में काम करता था तब वहां एक मस्त वर्क्स मैनेजर आई थी और पूरा प्लांट यहाँ तक की मैनेजर और बड़े अधिकारी भी उसके पीछे पड़े थे पर बेचारों की दाल नहीं गली | वो इसलिए क्यूंकि वो लोग सब साले हब्सी थे और उनको बस उसकी चूत से मतलब था | मुझे भी उसकी चूत चाहिए थी पर मैंने एक अलग तरीका निकाला जिससे न तो मैं उसकी नज़रों में गिरा और आज भी अगर उससे कह दूँ कि मुझे तुम्हे चोदना है तो वो मना नहीं करेगी |

तो दोस्तों अब मैं आपको कहानी की तरफ ले चलता हूँ और बताता हूँ कैसे सब हुआ | दोस्तों बात है तीन साल पहले की है जब मैं उस एलपीजी प्लांट में नया नया भरती हुआ था | मुझे पहले से ही सब पता था कि वहां क्या काम होता है क्यूंकि हमारे घर के पास एक दूकान है | जहाँ एक दादा ऐसे काम करते हैं और प्लांट वाले भी उनसे काम करवाते हैं | वो दादा पहले वहां डिपार्टमेंट मैनेजर थे पर उसके बाद वो वहां से रिटायर हहो गए और उन्होंने खुद का काम चालु कर दिया | मैं शायद 15 साल का था जब मैं उनके पास काम सीखने गया था | तब उन्होंने कहा था तुझे मैं ऐसा बना दूंगा कि वो लोग तुझे अपने आप बुलाने आ जाएँगे | दादा मुझे मन लगा के काम सिखाया और मैं भी अपना सारा दम खम लगा के काम सीखने में लग गया | जब मैं तैयार हो गया तो उन्होंने कहा बस अब तुम इंतज़ार करो | मैंने कहा दादा जी आप ऐसा क्यों बोल रहे हो ? तो उन्होंने कहा बस अब तेरी किस्मत बदलने वाली है |

मैंने भी सोचा होगा कुछ और फिर अपने काम में मस्त हो गया | एक हफ्ते बाद एलपीजी प्लांट के मैनेजर और कुछ लोग आये और उन्होंने दादा जी को कहा जनाब इस बार बड़ा काम है और आप ही इसे कर सकते हो | दादा जी ने मुझे बुलाया और कहा जाओ इनसे काम समझ के आओ बड्डू | मैं उनके साथ गया और उनसे सब समझा और बीछ बीच में उनको समझाता भी गया कि ये ऐसे नहीं ऐसे होता है | मैनेजर भी मुझसे खुश हुआ और चाय पिलाने के बाद वापस हम दादा जी के पास आ गए | दादा जी ने मुझे किनारे ले जाके कहा कुछ बोलना मत अब मेरा खेल देख | मैनेजर ने कहा जनाब काम पसंद आया और लड़का भी | क्या हम इसे अपने प्लांट में लगा ले ? दादा जी ने कहा नहीं ये मेरे पास काम करेगा और वैसे भी आप लोग ज्यादा पढ़े लिखे हो तो वहां बेचारा ये 10 वीं पास क्या करेगा ? उन्होंने कहा अरे ये सब पर भारी है ? दादा जी ने कहा नहीं ऐसा नही हो सकता | तो उसने कहा दादा जी अब मैनेजर तो बना नहीं सकता पर फोरमैन बना दूंगा और पेमेंट भी ज्यादा मिलेगी एक मैनेजर के बराबर |

दादा जी मेरे पास आये और कहा ले बेटा अब तेरी गरीबी ख़त्म और मज़े शुरू | अब तू जा कल से साहब बनके जाना है तुझे | मैं रोते हुए दादा जी के पैरों में गिर गया और कहा आप भगवान् हो मुझ जैसे बेकार को आपने आज एक हीरा बना दिया | उन्होंने कहा नहीं तेरी लगन ने ये जलवा बिखेरा है और अब तुझे हीरे जैसे चमकना है और उजाला करना है | बहुत भावुक पल था वो और जब मैं जाने लगा तो दादा जी ने बस मेरी दूकान कि बेईज्ज़ती मत करवाना | मैंने कसम खा ली थी कि अब जो भी हो मैं वहां अपने हुनर से सबकी मैय्या चोद डालूँगा | मैं अगले दिन वहां पहुँच गया और वहां मेरा सामना उस मैनेजर के चेले से हुआ जो मुझे चमका रहा था | मैंने बोला सुन बे लौड़े जा मैनेजर को बोल बड्डू आया है | उसने जाके बताया और मैनेजर भैया भैया करते हुए बाहर आ गया | अब उस चेले की गांड में कीड़ा काट चुका था और मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था काम करने में |

एक महिना बीत गया था मुझे वहां काम करते करते और सब मेरे काम से बड़े प्रभावित थे | मुझे हर जगह से लोग अपनी और से सम्मान के रूप में कुछ न कुछ देते रहते थे | मैं दादा जी के पास जाता रहता था और उनको सब बताता रहता था | क्यूंकि जो कला मुझे मिली थी वो उन्ही की देन थी | मैं बहुत खुश था फिर एक दिन मुझे पता चला उस मैनेजर का ट्रान्सफर हो गया है और उसकी जगह कोई नहीं मैनेजर आ रही है | अगले दिन वो आ गयी और उसने सबकी खबर लेली | मैं उस समय काम में व्यस्त था तो मैं गया नहीं | वो खुद मेरे पास आई और कहा मैंने सबको बुलाया था आप क्यों नहीं आये | मैंने कहा मैडम आपकी बात से ज्यादा ज़रूरी काम है जिससे ये प्लांट चल रहा है | उसने मुझे देखा और कहा हो कौन तुम ? मैंने कहा एक जोहरी का बेशकीमती हीरा और उस जोहरी का नाम है दादा जी भिटोनी वाले | उसने कहा मुझे भी मिलना पड़ेगा इस जोहरी से | फिर उसे ना जाने क्या हुआ उसने मुझे सबसे कठिन काम दे दिया और वो भी मैंने चुटकियों में कर दिया |

वो मुझसे इम्प्रेस हो गयी और मुझे देख कर स्माइल करने लगी और मैं उसे लाइन मारने लगा | वो भी मुझसे देख कर मुझसे कहने लगी क्या तुम मुझसे प्यार करते हो ? तो मैंने कहा हाँ मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हे चोदना चाहता हूँ | उसने कहा नहीं आज मेरे घर में सब लोग हैं तुम कल मेरे घर आ जाना और मुझे बहुत चोदना | मैंने कहा अरे घर का क्या काम मेरी यहाँ ईतनी चलती है कि मैं किसी भी कमरे में तुमको चोद दूँ और कोई कुछ बोलेगा भी नहीं | उसने कहा अच्छा ये बात है तो फिर बताओ कब और कहाँ चोदोगे मुझे | मैंने कहा ठीक है अब तुम कल मुझसे मिलना पर सुनो अगर सच में प्यार करती हो तभी आना नहीं तो मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा | उसने मुझ्हे गले से लगाया और कहा जोहरी ने सही हीरा चुना है मेरे लिए | मैंने कहा क्या ? उसने कहा दादा जी की पोती हूँ मैं | मैंने कहा श्रेया तुमाहरा नाम है ? उसने काहा हां मेरे पतिदेव मैं ही हूँ आपकी श्रेया आपके बारे में बहुत सुना है मैंने और तब से ही आपसे प्यार हो गया |

मैंने कहा यार मैं शादी नहीं कर पाऊंगा जब तक मैनेजर नहीं बन जाता | उसने कहा ठीक है और फिर हम घर चले गए | उसके बाद अगले दिन उसको मैंने अपने मैं प्लांट में बुलाया और वहां एक केबिन है वहां मैंने उसको बैठाया और उसको पह्हले गले से लगाया और कहा यार तुम बड़ी मस्त हो | उसने कहा अच्छा ऐसा क्या ? मैंने इतना कहते ही उसको किस कर लिया और उसके बाद वो भी मुझे किस करने लगी | हम दोनों एक दुसरे को किस करते करते मदहोश हो गए थे | हम दोनों एक दुसरे के होंठों को चूस चूस के एक दुसरे को गरम कर रहे थे | फिर मैंने उसको उठा कर उसको गले लगाया और धीरे से उसका कुरता उतार दिया | वो एक बहुत ही बड़ी माल थी उसके क्या दूध थे | ब्रा के ऊपर से ही इतने बड़े थे तो अन्दर से क्या होगा | मैंने तुरंत उसका ब्रा खोला और ऊसके दूध पीने लगा | वो भी मधोश्ही में मेरा लंड पकड़ के मसलने लगी और हलकी सिस्कारियां भरने लगी |

फिर मैंने उसकी सलवार को भी उतार दिया और उसकी जन्नत जैसी चूत पर ह्हाथ फेरने लगा | वो ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी | उसने मेरा लंड चूसने से मना कर दिया और कहा सीधे इसको मेरी चूत में डालो | मैंने उसकी चूत में जैसे ही लंड डाला तो उसके पानी की वजह से मेरा लंड आसानी से अन्दर चला गया | उसकी चूत बड़ी टाइट थी और मूझे चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था | मैंने उसको करीब दो घंटे तक चोदा और ऊसके बाद हम दोनों अपने काम में लग गए |

एक साल हो गया है उसकी चुदाई करते हुए और अब मैंने उससे शादी करने का फैसला किया है |

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