SexKahani.Desi

– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

Advertisements

मेरे स्टूडेंट की मम्मी को चोदा

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम करन है मैं आज आप लोगो के लिए जो कहानी लेकर आया हूँ वो मेरी जिन्दगी की एक सच्ची घटना पर आधारित है | मुझे आशा है की आप लोगों को ये कहानी पसंद आएगी | ये मेरी पहली कहानी है अगर कोई गलती हो तो मुझे क्षमा करना | अब मैं आप लोगो को सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

मैं लखनऊ में रहता हूँ और वहां मैं अपने लिए जॉब ढूंढ रहा था | एक दिन की बात है मेरे एक दोस्त ने मुझसे कहा की मेरे पड़ोस की एक भाभी ने मुझसे कहा है की उनको अपने लड़के को ट्यूशन पढ़ाने के लिए एक टीचर की जरूरत है | अगर तू कहे तो मैं उनसे बात कर लूं मैंने कहा ठीक है मैं पढ़ा दूंगा | मैं अगले दिन उनके घर पहुंचा और उस लड़के की मम्मी ने दरवाजा खोला | मैं तो उनको देखता ही रह गया | क्या मस्त माल थी वो उनका फिगर 32-30-34 था | उन्होंने अपने फिगर को बहुत मेन्टेन कर रखा था | उनका नाम कविता था | ऐसा लग ही नहीं रहा था की वो एक बच्चे की माँ है | उन्होंने मुझे अन्दर आने को कहा मैं उनके घर पहुंचा उन्होंने मुझे अपने लड़के सुमित से मिलवाया वो कक्षा 5 में पढता था | उनके पति जॉब करते थे और अक्सर वो घर से बाहर ही रहते थे | उनके घर में वो और उनका बीटा दो लोग ही रहते थे | मैंने उसे एक दिन पढाया पढने में ठीक था | उस दिन से मैं उसे पढ़ाने जाने लगा | मैं रोज उसको पढ़ाने जाता था तो उसकी मामी मेरे लिए चाय लेकर आती थी और जब वो मुझे चाय देने के लिए झुकती थी तो मुझे हमेशा उनके बूब्स के दर्शन हो जाते थे | उनको देखकर मेरा लंड हमेशा तन जाता था | और जब वो मटक-मटक कर चलती थी तो उनकी मस्त चूतडो को देखकर उनकी गांड चोदने का मन होता था |

मैं उनके घर जब भी जाता था तो उन्ही को देखता रहता था | उन्होंने भी इस बात पर गौर किया था | वो भी मुझे धीरे-धीरे लाइन देने लगी | अब वो जब मुझे चाय देने आती तो जान बूझकर मुझे अपने बूब्स के दर्शन करा जाती | कभी-कभी मैं उनको टच भी कर लिया करता था | वो मुझसे कुछ नहीं करती थी | एक दिन मैंने उनको फोन मिलाया | उन्होंने हेल्लो बोला और मैंने उनसे कहा की मुझे आपसे एक बात करनी है उन्होंने कहा क्या बात है सर | मैंने उनसे कहा की मुझे सर नहीं सिर्फ करन कहिये | उन्होंने कहा अच्छा करन जी क्या बात है | मैंने बड़ी हिम्मत करके उनसे कहा की मुझे आप से प्यार हो गया है सोते-जागते मुझे आपका चेहरा दिखाई देता है | तो उन्होंने कहा की मैं भी आपसे बहुत प्यार करती हूँ | फिर हम दोनों की रोज बातें होने लगी | मैं अब उनके घर जाता तो हम दोनों एक दुसरे को देखा करते | वो मुझे देखकर हमेशा एक प्यारी सी स्माइल देती थी | पर उनका लड़का हमेसा मेरे सामने रहता था जिसके कारण मैं कुछ नहीं कर पाता था |

हम दोनों धीरे-धीरे फोन सेक्स करने लगे | वो अपनी चूत में ऊँगली डालकर खुद की गर्मी मिटाती और मैं उसकी चूत के बारे में सोंच कर मुठ मार लिया करता था | एक दिन उन्होंने मुझसे फोन करके बताया की आज सुमित का बर्थडे है | उन्होंने मुझसे कहा की आज आपका रात का खाना मेरे घर पर ही रहेगा | मैं तैयार होकर उनके घर पहुंचा उनके घर में पार्टी चल रही थी आज वो बहुत की क़यामत लग रही थी मैं तो उनको देखता ही रह गया | मुझे देखकर वो भी बहुत खुश थी | उन्होंने मुझे ले जाकर अपने पति से मिलवाया उनका पति कुछ ख़ास नहीं था | फिर मैंने सुमित को गिफ्ट दिया जो मैं उसके लिए लेकर गया था  और उसको बर्थडे विश किया | हम सभी लोग पार्टी का मजा लेने लगे |

मैं पूरी पार्टी भर में उनको ही घूरे जा रहा था | फिर पार्टी ख़तम होने के बाद मैंने उनसे कहा की अचा मैं चलता हूँ | तो उनके पति ने मुझसे कहा की आपका घर बहुत दूर है और रात भी काफी हो चुकी है मेरा मन है की आप आज रात यहीं रुक और सुबह चले जाना | मेरे मन में लड्डू फूटने लगे | उन्हने मेरा बिस्तर लागाया फिर वो दोनों अपने कमरे में चले गए |  मैं भी लेट गया और सोने लगा थोड़ी देर बाद मुझे लगा की कोई मेरे लंड को सहला रहा है | मैंने देखा तो कविता मेरा लंड सहला रही थी | मैं समझ गया की आज उसकी चूत चोदने को मिलेगी मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसको किस करने लगा | वो भी मुझे चूमे जा रही थी मैंने उसके बूब्स दबाने सुरु किये और उनकी चूत को अपने हांथों से सहलाने लगा | फिर मैंने एक एक करके उनके सारे कपडे उतार दिए और  उनके बूब्स को निकाल कर उनकी चूचियों को चूसने लगा |

वो मदहोश होने लगी थी मैंने उनसे कहा की यहाँ तुम्हारे पति तो नहीं आयेंगे उन्होंने कहा तुम डरो मत कोई बात नहीं है उनको हम दोनों के बारे में सब पता है | उनकी ये बात सुनकर तो मेरी गांड ही फट गयी | तो उन्होंने मुझसे कहा की अरे मेरे राजा मेरे कहने पर ही उन्होंने तुमको आज रोका | उन्होंने कहा की मेरे पति का एक दिन एक्सीडेंट हो गया उस दिन उनको बहुत चोट आई और उनके लंड में भी चोद आई जिसके कारण उनका लंड नहीं खड़ा होता है | हमने बहुत दवा कराई पर कोई फायदा नहीं हुआ | इतना कह कर वो रोने लगी | मैंने उनको चुप कराते हुए कहा की कोई बात नहीं मैं आपका दुःख समझता हूँ | आप जब कहेंगी की मैं आपके साथ सेक्स करने के लिए तैयार हूँ | तब जाकर वो कुछ शांत हुई मैंने उनको फिर से किस करना चालु किया और उनकी चूत में ऊँगली डालकर अन्दर-बाहर करने लगा |

वो मदहोश होने लगी मैंने उनको लिटाया और उनकी चूत पर अपना मुहँ रख दिया और उनकी चूत के दानो को सहलाने लगा | मै उनकी चूत को चाट रहा था और वो बहुत गरम हो रही थी | वो मेरे सिर को अपनी चूत में दबा रही थी | मिने उनकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी और उनकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा | मुझे बहुत मजा आ रहा था | फिर उन्होंने मुझसे कहा की रुको और मेरे कपडे निकालने लगी उन्होंने मेरे कपडे निकाल दिए और मेरे लंड को बाहर निकाल कर चूसने लगी | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | पहली बार कोई मेरे लंड को चूस रहा था | हम दोनों 69 की पोजीसन में आ गए मैं उनकी चूत को चाटने लगा और वो मेरे लंड को चुसे जा रही थी | थोड़ी देर बाद उनका शरीर अकड़ने लगा मैं समझ गया था की वो झड़ने वाली है | मैं जोर से उनकी चूत को चाटने लगा और थोड़ी देर बाद वो झड गयी | मैंने उनकी चूत को चाट कर साफ़ किया | फिर मैंने उनकी ताने फैलाई और उनकी चूत पर अपना लंड रखा और रगड़ने लगा | वो तड़प उठी उन्होंने मुझसे कहा की अब मत तडपाओ मेरे राजा अब लंड डाल भी दो मेरी चूत में बहुत दिनों से ये चूत प्यासी है आज इसकी प्यास बुझा दो मेरी जान |

मैंने एक झटके में अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया | उनकी चीख निकला गयी मैं धक्के लगाने लगा और उनकी चुदाई करने लगा | वो भी मजे से कमर चला कर अपनी चूत चुदवा रही थी | मैंने लगभग 20 मिनट तक उनकी मस्त चुदाई की उसके बाद हम दोनों झड गए | फिर उनकी मस्त गांड देखकर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया मैंने उनसे कहा की मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है | पहले तो वो नहीं मानी पर मेरे बहुत कहने पर वो मान गयी मैंने अपना लंड उनकी गांड में पेल दिया उनकी गांड बहुत टाइट थी | मैंने जोर से धक्का लगाया मेरा लंड उनकी गांड में घुस गया | वो चिल्लाने लगी और लंड को निकालने के लिए कहने लगी पर मैंने उनकी एक नहीं सुनी मैं उनकी गांड मारता रहा | थोड़ी देर बाद वो शांत हो गयी और अपनी गांड हिला-हिला कर मेरा साथ देने लगी | मैंने उनकी कमर पकड़ ली और जोर –जोर से उनकी गांड की चुदाई करने लगा | फिर मैं झड गया और हम दोनों कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे फिर मैंने उस रात उनकी दो बार और चुदाई की | उस दिन के बाद जब भी उनको चुदाई करवाना होता था वो मुझे बुलाती थी और मैं उनकी चूत की प्यास बुझाता था | हमें आशा है की आपको ये कहानी पसंद आई होगी |

Rate this post

Advertisements

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

Statutory Warning: This site is just for fun fictional stories on the site | All the stories sent by readers, is published on the site | Readers can view the personal stories | None of these stories to the editor or managing the class association | To use this website, you must be over 18 years of age, and you should have full adult Cetradikar legally or according to where you are using this website if you do not meet these requirements, If you do not have permission to use this website | Any item that is presented on this website, we do not claim to be their own |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer