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लंड मेरा भाई, तेरी मार लेगा

यह बात तब की है जब मैं एग्जाम देने के लिए अजमेर से अहमदाबाद जा रहा था। दोस्तों मेरा नाम रोहित शर्मा है। मेरा बोगी नंबर 13 ए सीट नंबर 42 था।

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ट्रेन जयपुर से आनी थी मैं स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था ट्रेन का समय रात 10:00 बजे था। मुझे मेरे पापा ने स्टेशन अपनी गाड़ी से ड्रॉप किया। और फिर पापा घर चले गए। 9:30 बजे में स्टेशन पहुंच गया था। स्टेशन से मैंने पानी की बोतल कुरकुरे केक ले लिया। ट्रेन 10 मिनट लेट थी। मैं ट्रेन का इंतजार करने के लिए सीट पर बैठ गया। इतने में ट्रेन 10:10 पर स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। मेरे पास सिर्फ एक बैग था क्योंकि मुझे एग्जाम देकर अगले दिन वापस घर आना था

 

5 मिनट के लिए ट्रेन स्टेशन पर रुकी थी। मैं ट्रेन में अपनी  सीट  ढूंढ रहा था। इतने में एक अंकल ने मुझसे पूछा बेटा सीट नंबर कौन सी है आपकी मैंने कहा 42  नंबर है। उन्होंने कहा 40 नंबर पर बैठ जाओ वह मेरी सीट है। और मैं 40 नंबर पर बैठ गया। बगल में कोई लोग सो भी रहे थे कुछ लोग उठे थे। मेरे सामने की सीट पर एक बहुत खूबसूरत लड़की बैठी थी। जिसकी उम्र 18 वर्ष के करीब रही होगी। देखने में बहुत ही सुंदर थी। उसने ब्लू कलर की जींस वाइट कलर की टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके बगल में एक अंकल बैठे थे जो देखने से उसके पिता लग रहे थे और उसकी मां ऊपर वाले बर्थ पर सोई हुई थी। वह लोग शायद अहमदाबाद जा रहे थे। मेरे बराबर में 2 लोग बैठे हुए थे। वह लड़की गुजराती लग रही थी। मेरी नजर ही नहीं हट रही थी उससे। उसने भी मुझे एक दो बार घूर कर देखा। मुझे लगा शायद उसको बुरा लग रहा है।

इतने में मेरे बगल में बैठे हुए व्यक्ति ने मुझे कहां भैया मुझे सोना है क्या आप ऊपर चले जाएंगे। मैंने कहा ठीक है और मैं ऊपर वाली बर्थ पर चला गया। फिर मैं उस लड़की को ऊपर से देखने लगा। मुझे मन ही मन बहुत खुशी हो रही थी उस लड़की को देख कर। उसके मोमे मुझे ऊपर से दिखाई दे रहे थे। मेरे दिमाग में शैतानी सूझ रही थी।  उसको देखकर मजा तो आ रहा था। इतने  मैं उसकी मां उठी और गुजराती में बोली मुझे समझ नहीं आया। पर शायद ही मतलब था कि तू ऊपर सो जा मैं नीचे सो जाती हू। फिर क्या था मेरे मन में जैसे लड्डू से फूट पडे। और वह लड़कियों पर आ गई। उसकी मां नीचे जाकर सो गई। उसके पिताजी सो चुके थे। और लगभग ट्रेन में सभी लोग सो रहे थे। इतने में सामने वाले अंकल ने आवाज लगाई बेटा लाइट बंद कर देना। और मैंने अपना हाथ नीचे किया और लाइट बंद कर दी। वह लड़की अपने मोबाइल पर गेम खेल रही थी।

मैं भी अपने मोबाइल पर Facebook चला रहा था। वह लड़की भी मेरी तरफ देख रही थी। मैंने भी उसकी तरफ देखकर एक प्यारी सी स्माइल दे दी उस लड़की ने भी एक इस्माइल मेरी तरफ दी। मैं था तो बचपन से ही हरामी मैं समझ गया उसके दिल में भी कुछ चल रहा है। बस फिर क्या था मैंने उससे उसका नाम पूछ लिया। अपना नाम किंजल बताया। मैंने पूछा किंजल करती क्या हो उसने कहा मैं बीएससी फर्स्ट ईयर में हूं। मैंने उसको बोल दिया मैंने भी BSC  से ही पढ़ाई की है। धीरे-धीरे बातें होती रही और तकरीबन रात के 12:30 बज गए थे। मालूम ही नहीं पड़ा कब 12:30 हो गए मैंने किंजल से उसका फोन नंबर लिया और WhatsApp पर बातें करने लगा क्योंकि सब लोग सो रहे थे तो आवाज सुनाई दे रही थी सबको।

फिर हमने WhatsApp पर बातें शुरू कर दी बात काफी आगे बढ़ चुकी थी। मैंने किंजल को एक इमेजेस सेंड किया जो कि किस वाला था। उसने भी मुझे वैसा ही इमेजेस सेंड किया। फिर तो बात आगे बढ़ती जा रही थी। बात आगे बढ़ते बढ़ते मैंने किंजल से सेक्सी बातें शुरू कर दी थी। शायद किंजल की भी चूत में खुजली होने लगी थी। उसको भी मज़ा आने लगा था फिर मैंने उससे उसका फिगर पूछा उसने बताया  34 28 34 मुझे तो ऐसा लगने लगा जैसे मेरी बरसों की तपस्या पूरी हो गई हो। फिर मैंने पूछा कौन से कलर की चड्डी पहनी है उसने बताया पिंक और ब्रा सफेद। किंजल ने मुझसे पूछा तुम्हारा कितना बड़ा है मैंने कहा 10 इंच का है। फिर बातों ही बातों में मेरा भी लंड से पानी छूटने लगा। फिर मैंने किंजल को कहा मेरे बर्रथ पर आ जाओ। और वह धीरे से मेरे बर्थ पर आ गई। और मेरे बगल में आकर लेट गई। लेटते ही उसने मेरे लोड़े को पकड़ लिया। बोलने लगी तुम्हारा तो बहुत बड़ा है।

मैंने भी उसके मोमो को दबाना शुरु किया। और बहुत देर तक दबाता रहा। फिर मैंने वीर की बुर में उंगली डाली वहां से गिला गिला निकल रहा था। मैंने उसके मोमे चूसने शुरू किया। मजा आ गया था उसके मोमे अंग्रेजों की तरह गोरे गोरे थे जैसे की हम ने ब्लू फिल्म मैं देखे थे। फिर तो जैसे मेरा लंड और सख्त हो गया। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके मुंह में दे दिया। उसको चुसवाने मैं मज़ा आने लगा और मेरी लंड की लार उसके मुंह में जा रही थी। पर उसको मजा आ रहा था। देखते ही देखते उसने पूरे मुंह में समा लिया। मैंने किंजल को कहा बाथरुम में जाओ वही करते हैं। हम दोनों ट्रेन के टॉयलेट में चले गए। टॉयलेट में जाते ही मैंने फिर से उसके मुंह में दे दिया। क्योंकि बहुत अच्छे से ले रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे कब से ले रही है बहुत समय हो गया है बहुत का लिया है। फिर मैंने उसको उठाया और उसकी जींस टॉप उतार दी। ट्रेन हिलती जा रही थी और फिर मैंने सारे कपड़े उतार दिए किंजल के वह देखने में परी के जैसी लग रही थी। मैंने अपने जीवन में बहुत सी लड़कियां को चोदा है किंजल जैसी लड़की नहीं देखी। उसका शरीर हल्का लाल रंग मिला हुआ,  बहुत मुलायम था।

फिर मैंने उसे टॉयलेट के वाश बेसिन पर बैठाया और उसकी चूत में लंड डाला जो गया ही नहीं मैंने उससे पूछा इससे पहले भी कुछ किया है क्या उसने कहा नहीं। फिर मैंने दो तीन धकके लगाए। तो उसका खून निकलने लगा मैंने पहली बार किसी वर्जिन लड़की को चोदा था। फिर देखते ही देखते मैंने उसको ऐसे चोदा जैसे अपनी भड़ास निकाल रहा हूं।वह चिल्ला रही थी। फिर मैंने उसका मुंह दबा दिया लेकिन उसको भी मजा आ रहा था। और मैंने आधे घंटे का उसके साथ सेक्स किया। फिर मैंने अपना माल उसके मुंह में गिरा दिया। उसका मुंह मेरे माल से पूरा भर गया था। और उसने मेरे माल को निगल लिया। जैसे पता नहीं कितने भूखी हो जो भी कहो आनंद भरपूर आया। और उसकी चूत का खून मेरे लंड पर लग गया था। उसने पानी से साफ किया। और हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और अपने बर्थ पर  आ गए। मैंने उसको बर्थ पर भी पेला।

मन ही नहीं कर रहा तो उसे छोड़ने का कम से कम पांच बार रात में हमने सेक्स करा। और इतने में सुबह के 5:00 बज चुके थे और मैंने उसे कहा जाओ अपने बर्थ पर जाओ और सो जाओ फिर मैं भी सो गया और करीबन 9:00 बजे उठा मेरे टोपी में दर्द हो रहा था इतने में किंजल उठ गई। पूछने लगी कैसे हो। मैंने कहा दर्द हो रहा है उसने भी कहा मेरे भी बहुत दर्द हो रहा है पर मज़ा भी बहुत आया रात को। मैं इस बात से बहुत खुश हुआ किंजल को मजा आया। देखते-देखते अहमदाबाद आ गया और हम लोग उतर गए मैंने भी अपना एग्जाम दिया और उस दिन वहीं रुक गया। मेरा एग्जाम भी अच्छा गया था। मैं अपने घर पर फोन किया और अपने पिताजी को कहा आज मैं यहीं रुक रहा हूं। मेरे पापा ने कहा ठीक है बेटा वहीं रुक जाओ कोई बात नहीं आराम से आ जाना। फिर क्या था मेरे मन में लड्डू फूटने लगे और मैंने किंजल को होटल में बुलाया जहां मैं रुका था। उसने अपने घर में बहाना बनाया कि किसी दोस्त के घर जा रही हूं।

फिर क्या था हम दोनों पहले अहमदाबाद घूमे। क्यों मुझे अहमदाबाद की ज्यादा जानकारी थी नहीं तो उसने मुझे अहमदाबाद घुमाया और फिर हमने एक होटल में रात का खाना खाया फिर हम अपने रूम में चले गए। उसके बाद मैंने किंजल के साथ रात को चूदाई मचाई। उस रात भी हमने बहुत मजे किए मैंने उसकी चूत को चाटा जिसमें से अभी खून निकल रहा था मैंने उसको उस दिन भी घोड़ी बनाकर बिस्तर पर लेटा कर बाथरूम में उसके मुंह में सब  कुछ किया। फिर सुबह अपने घर चली गई और मैं अजमेर के लिए निकल पड़ा।

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बीच में काफी टाइम तक हमारी बातें हुई लेकिन अब उसका फोन लगता नहीं है। मैंने जिंदगी में पहली बार किसी वर्जिन को चोदा था।

 

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