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शहद लगाकर चाची की चूत का बनाया भोसड़ा

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम कोमल है, Antarvasna और मेरी उम्र 23 साल की है. और मैं उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाके में रहती हूँ. दोस्तों आज जो कहानी मैं आप सभी लोगों को बताने जा रही हूँ, वह मेरी चाची की एक सच्ची कहानी है. मेरी चाची मेरे साथ बहुत ही खुलकर रहती है. और यह कहानी उन्होनें ही मुझको बताई थी. दोस्तों मैं कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट की एक नियमित पाठक हूँ, इसलिये अब आगे की कहानी आप उनकी ही ज़ुबानी पढ़िये. और इस कहानी को कामलीला डॉट कॉम पर प्रकाशित करने में मैंने चाची की स्वीक्रति भी ले ली है।

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हाँ तो दोस्तों अब कहानी की तरफ चलते है. आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मेरा नाम रमीला है, और मेरी उम्र 36 साल की है. और मेरी लम्बाई 5.5 फुट की है, और पहाड़ी इलाके में रहने के कारण मेरा रंग भी साफ़ और गोरा है. और मेरे फिगर का साइज़ 34-30-36 का है. दोस्तों मैं और कोमल अच्छे पडौसी है, और वह मुझको चाची कहकर बुलाती है. हमारे घर में, मैं मेरे पति और मेरे पति का बड़ा भाई यानी कि मेरे जेठजी और उनकी पत्नी और उनके 2 लड़के और एक लड़की यानी मेरे 2 भतीजे और एक भतीजी, हम सब साथ ही रहते है।

दोस्तों आज से सालभर पहले हमारे किसी रिश्तेदार के यहाँ शादी थी, और जिसके कारण हमारे पूरे परिवार के लोग वहाँ जा रहे थे. मेरे बड़े वाले भतीजा जिसका नाम राहुल है और उसकी उम्र 21 साल की है. उसकी कॉलेज की परीक्षा चल रही थी तो, वह शादी में नहीं गया था और मेरी भी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो इसलिए मैं भी घर पर ही रुक गई थी. सभी के शादी में चले जाने के बाद घर में दो दिन बीत गये थे. और एक दिन सुबह के 11.30 बज रहे थे और मैं घर का सारा काम निपटाकर नहाने जा रही थी। और राहुल भी अपने कमरे में बैठकर पढ़ रहा था. और मैं बाथरूम में नहाने के लिये गई और मैंने अन्दर से कुण्डी बन्द नहीं करी थी क्योंकि मैंने सोचा था कि घर पर तो कोई भी नहीं है. और फिर मैंने अपने सारे ही कपड़े उतार दिये और नहाने लगी थी. शेम्पू की बोतल में से शेम्पू निकालकर मैंने अपने सिर पर लगाया और फिर शेम्पू के झाग से अपनी चूत में भी ऊँगली करने लग गई थी. दोस्तों मैं आप सभी लोगों को बता दूँ कि हमारे यहाँ पर एक ही बाथरूम है. मैं अपनी चूत में मजे से ऊँगली कर रही थी कि, अचानक से राहुल भी बाथरूम के अन्दर आ गया था और अपना लंड एकदम से निकालकर मूतने लगा था. और फिर जब उसकी नज़र मुझ पर पड़ी तो मेरा हाथ मेरी चूत में था, जो की उसने देख लिया था. तो फिर उसने तुरंत ही अपना लंड अपनी पेन्ट के अन्दर किया और वहाँ से भागकर उसके कमरे में चला गया था।

और मैं भी फिर से नहाने लग गई थी और उसके बारे में भी सोचने लग गई थी कि, इतनी कम उम्र में भी उसका लंड इतना बड़ा? और फिर मैंने नहाकर कपड़े पहने और सीधा राहुल के कमरे में गई, और वहाँ जाकर मैंने उससे कहा कि बेटा आज जो कुछ भी हुआ था वह किसी से भी मत कहना, और इतना कहकर मैं धीरे-धीरे उसके पास गई और उसके चेहरे को पकड़कर अचानक से उसको किस करने लग गई थी. वह थोड़ी देर तक तो शान्त रहा लेकिन फिर वह भी मेरा साथ देने लग गया था. और फिर करीब 10-12 मिनट तक किस करने के बाद मैं अपना हाथ उसके लंड के पास ले जाकर उसकी पेन्ट के ऊपर से ही उसको सहलाने लगी थी। और फिर राहुल भी धीरे-धीरे उत्तेजित होने लगा तो उसने मुझको खुद से अलग किया और फिर वह मेरी साड़ी को खोलने लगा था. और फिर मैं उसके सामने ब्लाउज और पेटीकोट में ही थी।

और फिर वह मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही मेरे बब्स को दबाने लग गया था. और उसके ऐसा करने से मैं भी अब पूरी तरह गरम हो रही थी. और फिर उसने मेरे ब्लाउज के हुक खोले और फिर उसने मेरे ब्लाउज को भी उतार दिया था. और फिर उसने मेरा पेटीकोट भी खोला. और फिर मैं उसके सामने अब सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में ही थी।

और फिर उसने मुझको अपनी गोद में उठाया और मुझको बेड पर लिटा दिया. और फिर वह मुझको चूमने लगा. पहले तो उसने मेरे होठों को चूमा और फिर चूमते हुए थोड़ा नीचे आया और फिर वह मेरी ब्रा को खोलने लगा और फिर वह मेरे बब्स को ज़ोर-ज़ोर से एक-एक करके दबाने लगा. वह अपने एक हाथ से मेरे एक बब्स को दबा रहा था और दूसरे बब्स को वह अपने मुहँ में लेकर चूस रहा था. जिससे मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी. और मेरे मुहँ से आहहह… उहहह… इसस्स… की आवाजें निकल रही थी. और फिर वह बारी-बारी से मेरे बब्स को चूसता रहा और 10-15 मिनट तक बब्स को चूसने के बाद वह मेरे पेट को चूमता हुआ मेरी पैन्टी तक आ गया. और फिर उसने मेरी पैन्टी को भी उतार दिया. मेरी गोरी चूत और उस पर हल्के-हल्के रेशमी बालों को देखकर वह तो एकदम ही पागल सा हो गया था. और फिर उसने मुझसे कहा कि चाची मैं आज पहली बार सच में किसी औरत की चूत को देख रहा हूँ. और फिर वह उस पर टूट पड़ा और उसको चूमने लगा और अपनी जीभ से चाटने भी लगा. और फिर उसने अपनी एक ऊँगली को मेरी चूत में डाला और अन्दर-बाहर करने लगा. और फिर उसने जब अपनी दूसरी ऊँगली को भी मेरी चूत के अन्दर डाला तो मेरी तो जैसे चीख ही निकल गई थी, और मैंने कऱहाते हुए राहुल से कहा कि, बेटा अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। और फिर वह खड़ा हुआ, और मैंने भी उसके सारे ही कपड़े उतार दिए और फिर जब मैंने उसकी अंडरवियर को उतारा तो मैंने देखा कि उसका लंड पूरा ही खड़ा हो गया था. और वह तकरीबन 7” का लम्बा और 3” का मोटा तो होगा ही।

मैं तो उसको देखकर ही उत्तेजित हो गई थी, और फिर मैं उसके लंड को अपने हाथों में लेकर ऊपर-नीचे करने लगी. और फिर राहुल ने मुझसे कहा कि, चाची इसको एकबार अपने मुहँ में ले लीजिए. लेकिन मैं उसको मना करने लगी और मैंने उसको कहा कि मैंने आज तक तुम्हारे चाचा का लंड भी अपने मुहँ में नहीं लिया है. क्योंकि मुझको ऐसा करना अच्छा नहीं लगता है. तो फिर राहुल ने मुझसे फिर कहा कि एकबार लेकर तो देखिए बहुत मज़ा आएगा, और फिर इतना कहकर उसने अपना लंड जबरदस्ती मेरे मुहँ में डाल दिया और फिर मैं भी उसको चूसने लगी. और फिर थोड़ी देर के बाद मुझे भी वह सब अच्छा सा लगने लगा था. और फिर 5-10 मिनट तक उसके लंड को चूसने के बाद मैंने उससे कहा कि बेटा अब और कितना तडपाएगा अपनी चाची को? अब तो डाल भी दे. और फिर उसने मेरे दोनों पैरो को फैलाया. और फिर अपने लंड को मेरी चूत के ऊपर रखकर एक हल्का सा धक्का दिया, लेकिन उसका लंड फिसल गया. तो फिर मैंने उससे कहा कि इतना मोटा लंड इतनी आसानी से नहीं जाएगा जा किचन में से थोड़ा सा तेल लेकर आ जा. और फिर वह किचन में गया और शहद की बोतल लेकर आया और कहने लगा कि तेल तो नहीं मिला इसलिये मैं शहद लेकर आया हूँ. और फिर मैंने उसके लंड पर शहद लगाया, लेकिन इतनी देर में उसका लंड थोड़ा सा झुक गया था. और फिर मैंने उसके लंड पर शहद लगाकर फिर से अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी जिससे उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर उसने भी थोड़ा सा शहद मेरी चूत पर भी लगाया और थोड़ा अपने लंड पर भी लगाया. और फिर उसने अपना लंड फिर से मेरी चूत पर रखकर हल्का सा धक्का दिया, उसके लंड का टोपा जब मेरी चूत में चला गया था तो, मेरी तो जोर से चीख निकल गई थी. लेकिन वहाँ पर हम दोनों के सिवा और कोई नहीं था. तो फिर उसने एक दूसरा झटका और भी मारा और इसबार उसका पूरा का पूरा ही लंड मेरी चूत में समा गया था. और मेरी आँखो में से आँसू भी निकल गए थे. और फिर वह थोड़ी देर तक एकदम चुप रहा, और फिर वह अपने लंड को फिर से मेरी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा और मुझको भी अब बहुत मज़ा आ रहा था।

और मैंने उसको कहा कि इतना मज़ा तो मुझे उस समय भी नहीं आया था जब तुम्हारे चाचा ने मुझको पहलीबार चोदा था. और यह सब सुनकर राहुल ने भी अपनी स्पीड को थोड़ा और बढ़ा दिया था. और मैं भी अपनी गांड को उठा-उठाकर उसका साथ दे रही थी. और मेरे मुहँ से सेक्सी सी आवाजें भी आ रही थी और साथ ही मैं उससे कह रही थी कि थोड़ा और ज़ोर से करो और “आज तुम अपनी चाची की चूत को फाड़कर उसका भोसड़ा बना दो”

आहहह… उहहह… मार डाला रे ईसस्स… और ज़ोर से और फिर तकरीबन 15 मिनट के बाद मैं झड़ गई थी. लेकिन राहुल का अभी नहीं हुआ था और वह मुझको वैसे ही चोदता रहा, और फिर 10 मिनट तक और चोदने के बाद उसने मुझसे कहा कि चाची अब मेरा भी निकलने वाला है, तो मैंने उससे कहा कि आज तू अपना सारा माल मेरे मुहँ में ही निकाल दे रोज तो तेरे चाचा के माल का स्वाद लेती हूँ, लेकिन आज मैं तेरे माल का स्वाद लूँगी. और फिर उसने अपना सारा गरमा-गरम माल मेरे मुहँ में ही छोड़ दिया. और फिर वह मेरे ऊपर ही आकर गिर गया था. और फिर हम दोनों वैसे ही सो गये थे।

फिर 2-3 घंटे बाद जब मेरी नींद खुली तो मुझे लगा कि जैसे कोई चीज़ मेरी गांड में अन्दर-बाहर हो रही है. और फिर मैंने देखा तो राहुल शहद को मेरी गांड में अपनी ऊँगली से अन्दर डाल रहा था. और फिर मैं वैसे ही लेटी रही, और फिर राहुल अपनी जीभ से मेरी गांड को चाट रहा था. और अब मैं भी फिर से जोश में आ गई थी. और फिर उसने अपना पूरा का पूरा लंड एक ही झटके में मेरी गांड में घुसा दिया था और मैं दर्द से चिल्ला उठी थी आहहह… इस्स्स्स…. मार डाला रे…. निकाल इसको बाहर मर गई रे…. मैं तो, लेकिन उसने अपना लंड मेरी गांड से बाहर नहीं निकाला. और फिर थोड़ी देर के बाद मुझे भी जब मज़ा आने लगा तो मैं भी अपनी गांड को उठा-उठाकर उसका साथ देने लगी थी. और फिर थोड़ी देर के बाद वह मेरी गांड में ही झड़ गया था और वह फिर से मेरे ऊपर ही आकर गिर पड़ा था। और फिर मैंने जब घड़ी में देखा तो शाम के 6 बज गये थे. और फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम में नहाए. और फिर हम दोनों ने साथ में बैठकर रात का खाना खाया।

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और फिर रात में भी उसने मुझे अलग-अलग पोजीशन में चोदा था. और फिर तो यह सब तकरीबन एक हफ्ते तक चलता रहा और एक हफ्ते के बाद जब सभी लोग शादी में से वापस आ गए थे, तो अब हम दोनों को चुदाई करने में थोड़ी परेशानी होने लगी थी. लेकिन फिर रात में सब लोग के सो जाने के बाद मैं राहुल के कमरे में जाती थी और फिर हम दोनों पूरी रात खूब मज़ा करते थे।

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