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एक के साथ एक चूत फ्री

दोस्तों मेरा नाम अखिल है | मैं रहने वाला जयपुर का हूँ | मेरी उम्र 28 साल हैं और मैं दिखने में गोरा हूँ | मेरी हाईट 6 फुट 4 इंच है और मेरी बॉडी भी ठीक ठाक है जिससे मैं स्मार्ट दिखता हूँ | मेरे लंड का 6 इंच लम्बा और मोटा 2.5 इंच है | मेरी पढाई पूरी हो गयी हैं इसलिए अब मैं अपने घर पर ही रहता हूँ | मैं जो आज कहानी आप लोगो के सामने लेकर आया हूँ, मुझे उम्मीद है की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और मेरी इस कहानी को पढने में मज़ा भी आयेगा | अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ने लेते हुए सीधे कहानी शुरू करता हूँ |

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ये कहानी अभी 15 दिन पहले की है जब मैं अपने घर रहता था तो मेरे पापा ने कहा बेटा जॉब जब तक नही लगती है तब तक तुम शॉप पर ही जाया करो | मैं उस दिन से अपनी शॉप पर जाने लगा | मैं आप लोगो को बता देता हूँ की मेरी मोबाईल शॉप है और मेरी शॉप पर सब काम थोक का होता है | मेरी शॉप पर 8 लड़के कम करते हैं | जब मैं अपने कॉलेज में पढता था तो मेरी कई लड़कियां दोस्त थी और मेरी एक गर्लफ्रेंड भी थी जिसका नाम रागनी था | वो दिखने में मस्त पटका थी उसका मस्त फिगर और सेक्सी गांड देख कर मेरा तो लंड ही खड़ा हो जाता था | मैं उसकी कई बार ठुकाई कर चूका हूँ और एक बार की बात है जब मैंने उसकी चुदाई कॉलेज की लाइब्रेरी में ही उसकी चुदाई कर दी थी | उस दिन लाइब्रेरी में कोई था नही और वो मुझे किस करने लगी थी तो मैंने उसे वहीँ उड़ा दिया था | अब उसकी शादी हो गयी है तो मेरी उससे बात नही होती है और मेरी इस टाइम कोई गर्लफ्रेंड भी नही है | अब मैं अपनी शॉप पर जाने लगा था और मैं जब वहां जाता था तो मुझे एक लडकी रास्ते में बहुत लाइन मारती थी | वो दिखने में मस्त लगती थी उसका फिगर भी सेक्सी था | उसकी बड़ी चौड़ी गांड और बड़ी चूचियां थी पर वो मुझसे कुछ नही कहती थी | एक दिन की बात है जब मेरे फ़ोन पर एक कॉल आई |
मैं – हेल्लो जी आप कौन हो ?
वो – मैं हूँ |
मैं – जी कौन आपका कोई नाम तो होगा ?
वो – हाँ मेरा नाम दिव्या है और आपका क्या नाम है ?
मैं – मेरा नाम अखिल है और कहाँ से हो ?
वो – जहाँ से आप हो |
मैं – ओके क्या तुम मुझे जानती हो ?
वो – हाँ बहुत अच्छे से रोज देखती हूँ पर नाम नही जानती थी |
मैं – हाँ मुझे याद आया तुम वहीँ तो हो जो मुझे रोज सुबह शॉप पर आते देखा करती हो ?
वो – हाँ जी और मैं आपको बहुत पसंद करती हूँ आप ?
मैं – हाँ बहुत पसंद करता हूँ आप इतनी खुबसूरत हो कोई भी प्यार करना पसंद करेगा तो मैं किय नही |
वो – सच में तो आज तक कहा किय नही ?
मैं – डरता था की आप मुझे माना कर दिया तो मुझे बहुत बुरा लगेगा |
फिर मेरी और उसकी ऐसे ही बाते होती रही लगभग एक घंटे तक | फिर उसका फ़ोन कट गया तो मैंने भी कॉल नही की और जब 2 घंटे तक उसकी कोई कॉल नही आई तो मैंने कॉल की तो वो बोली अपने तो कॉल भी नही की जब फ़ोन कट गया था | तब मैंने कहा तुमने फ़ोन कट कर दिया था तो मैंने सोचा सायद तुम्हारे पास टाइम नही है इसलिए फ़ोन कट कर दिया था | तब उसने बताया की बेलंस खत्म हो गया था | इस तरह से मेरी उसकी बाते होने लगी | अब मैं अपनी शॉप पर बैठ कर बात करता रहता था और शॉप पर लड़के सब काम देखते ही थे मुझे केवल बैठना होता था | मैं बैठा रेहता था और उस लड़की से बात किया करता था | एक दिन वो बात करती हुई मेरी शॉप पर आ गयी तो उसने उस दिन मेरी शॉप से एक स्मार्ट फ़ोन लेके गयी थी | मैंने उसे फ़ोन उतने रूपये में ही दे दिया था जितने का मुझे लगा था | फिर मैंने उससे पूछा की तुम्हारे पास तो फ़ोन है तो तुमने ये फ़ोन किसके लिए लिया है | तब उसने बताया की वो फ़ोन उसने अपनी बहन के लिए लिया था | तब मैंने उससे पूछा की तुम्हारे घर मैं कौन – कौन रहता है | तब उसने बताया की मेरे घर में मेरी मम्मी और मेरी बहन मैं रहती हूँ | तब मैंने उससे पूछा तुम्हारे पापा तो वो बोली मेरे गाँव में रहते हैं वो कभी कभी आते हैं | इस तरह से मैंने उसके बारे मैं सब जान लिया | मैं उससे रोज ही बात किया करता था |

एक दिन की बात है जब उसने मुझे अपने घर बुलाया और बोली की मेरे घर पर कोई नही है मेरी मम्मी गाँव गयी हुई हैं | तब मैं उस दिन उसके घर में रात को गया था | फिर मैं और दिव्या बैठ कर बात कर रहे थे तो दिव्या ने मेरी होठो पर एक छोटी सी किस की पर मुझे मज़ा नही आया | तब मैंने दिव्या की होठो पर अपने होठो को रख कर उसकी गुलाब जैसी होठो को अपने मुंह में रख कर चूसने लगा | मैं उसकी होठो को अपने दांतों से दबा कर खीच खीच कर चूसने लगा | तब वो मेरे साथ देती हुई मेरे होठो को चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ में उसके कपड़े के अन्दर हाथ को ले जाकर उसके मस्त गोल और चिकने बूब्स को दबाने लगा | वो मस्त होकर मेरे होठो को चूसती हुई अपने चिकने दूध को मसला रही थी | मैं उसके होठो को चूसने के बाद मैंने उसके कपडे निकाल कर दिए और वो 2 मिनट में ही मेरे सामने एकदम नंगी हो गयी | उसने ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी | उसके दूध बहुत ही गोल और चिकने थे जैसे की उसके बूब्स को आज तक किसी ने टच ही न किये हो | मैं उसके एक दूध को अपने मुंह में रख कर चूसने लगा साथ में उसके दुसरे दूध के निप्पल को हाथ में पकड कर मसलने लगा तो उसके मुंह से ओह्ह्ह ओह्ह हाँ हाँ हाँ.. आ आ आ आ…. ऊ ऊ ऊ ऊ… ओ ओ मई ओ मई ओ मई…. करती हुई अपने बूब्स को चूसा रही थी | मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर जोर – जोर से उसके निप्पल को पकड कर खीच – खीच चूस रहा था | वो तेज – तेज ओह्ह ओःह्ह… आ आ आ आ.. ऊ ऊ ऊ ऊ हाँ हाँ हाँ… उई माँ उई माँ उई माँ…. करने लगी थी और ये आवाजे सुनकर उसकी बहन आ गयी और वो दरवाजे से देखने लगी | वो ये देखकर गर्म हो गयी थी और बोली दीदी दरवाजा खोलो तब मैं और दिव्या डर गए | फिर उसने दरवाजा खोला तो मैंने देखा की वो भी अपने बूब्स को जोर जोर से मसलती हुई अपनी चूत को सहला रही थी | तब मैं समझ गया की साली भी चुदेगी और फिर मैंने उसको भी नंगा कर के उसके बूब्स को मुंह में रख कर चूसते हुए उसकी चूत में ऊँगली डाल कर उसकी चूत में ऊँगली को हिलाने लगा | उसके बूब्स दिव्या से भी मस्त और चिकने थे | फिर मैंने अपने कपडे निकाल दिए और उन दोनों से लंड को चूसने को कहा | तब वो दोनों बहने घुटने पर बैठ के एक मेरे लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी और एक मेरी गोलियों को मुंह में रख कर खीच खीच कर चूसने लगी | वो दोनों मेरे लंड को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसती रही | फिर मैंने दिव्या को बैठ पर लेटा दिया और उसकी चूत के मुंह पर अपने लंड को रखा तो उसकी चूत गीली थी जिससे उसकी चूत में मेरा लंड एक ही बार में पूरा घुस गया | मैं उसकी चूत में लंड को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर कटे हुए उसकी चुदाई करने लगा और उसकी छोटी बहन अपनी चूत को उसके मुंह पर टिका कर चूत को चटवा रही थी | मैं उसको मस्त धक्को के साथ चोद रहा था | वो गर्म गर्म सांसे लेती हुई ओह्ह ओह्ह.. ऊ ऊ ऊ ऊ हाँ हाँ हाँ.. उई मई उई मई… करती हुई चुद रही थी मैंने उसकी 10 मिनट तक मस्त ठुकाई की और उसकी चूत का पानी निकल गया | फिर मैंने उसकी बहन की ठुकाई सुरु की तो उसकी बहन के मुंह से सिसिकियाँ पर सिसिकियाँ निकल रही थी | पर मैं उसकी चूत में जोर जोर के धक्को के साथ उसकी चुदाई कर रहा था | मैं उसकी बहन की 8 – 9 मिनट तक मस्त चुदाई की और फिर मैं झड गया | मैंने उसकी बहन की इस तरह से ठुकाई की थी की वो उठ भी नही पा रही थी | फिर मैं अपने घर चला आया |

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ये थी मेरी कहानी | मुझे उम्मीद है की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी | कहानी पढने के लिए धन्यवाद |

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