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– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

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चूत की लालसा मन मे पाले बैठा था

मेरा नाम अजय है मैं लखनऊ का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 40 वर्ष है। मैं पेशे से एक डॉक्टर हूं और मेरी पत्नी भी एक डॉक्टर है। मैं लखनऊ में ही काफी समय से काम कर रहा हूं। हम लोग जिस घर में रहते हैं वह हमारा पुश्तैनी घर है और अब वह काफी पुराना होने लगा था इसीलिए एक दिन मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि हमें कहीं दूसरी जगह शिफ्ट हो जाना चाहिए। घर भी काफी पुराना हो गया है। उस घर से मेरा दिल से लगाओ था इसलिए मैं उसे छोड़ना नहीं चाहता था लेकिन फिर मुझे भी लगा कि अब उस घर की स्थिति खराब हो चुकी है इसीलिए अब हमें दूसरी जगह शिफ्ट हो जाना चाहिए और इस घर की मरम्मत करवा देनी चाहिए। मैंने भी नया घर ढूंढना शुरू करवा दिया। मेरे जितने भी करीबी थे मैंने उनसे कह दिया था। मेरे पास काफी लोग आते जाते रहते थे इसलिए मेरी जान पहचान भी अच्छी थी और जल्दी ही मुझे एक अच्छा घर पसंद आ गया। मैं जब घर देखने गया तो मैंने एक ही झटके में वह फाइनल कर दिया। मैंने उस घर के मालिक को पैसे भी दे दिए। अब हम लोग वहां पर शिफ्ट हो गए थे।

मेरे पास समय का अभाव था इसीलिए मैंने एक दिन अपने घर पर एक ठेकेदार को बुलवा लिया। जब वह हमारे घर आए तो मैंने उसे अपने पुराने घर की लोकेशन बता दी थी वह वहां जाकर घर देख आया।  उसने मुझे बताया कि सर वहां पर तो काफी कुछ रिपेयर होना है। मैंने उसे कहा तुम उस घर को अच्छे से रिपेयर करवा दो और जितना भी खर्च आएगा वह तुम मुझे बता देना। उसने मुझे सारा खर्चा बता दिया फिर मैंने उसका काम शुरू करवा दिया। कुछ ही दिनों में मेरे पुराने घर की भी मरम्मत हो गई थी और वह भी अच्छा हो चुका था लेकिन अब हम लोग नए घर में रहने लगे थे इसलिए हमें वहीं पर अच्छा लगने लगा था। मेरी पत्नी भी मुझे कहने लगी कि अब हमें यही रहना चाहिए हालांकि मैं इस पक्ष में नहीं था लेकिन अपनी पत्नी की भी बात को मैं मना नहीं कर सकता था इसलिए मुझे मजबूरी में वहीं रहना पड़ा। मेरी पत्नी भी पेशे से डॉक्टर है और हम दोनों एक ही फील्ड के हैं इसलिए कई बार हम दोनों के बीच में कई चीजों को लेकर मतभेद भी हो जाते हैं। वैसे हम दोनों के पास बहुत कम समय होता है इसीलिए हमने घर में काम पर नौकरानी भी रखी हुई है। वह घर का काम संभालती है।

मैंने एक दिन अपनी पत्नी से इस बारे में बात की कि हमें भी वह पुराना घर किसी को किराए पर दे देना चाहिए नहीं तो उसकी देखभाल नहीं हो पाएगी। मेरी पत्नी ने मुझसे कहा कि आप वह घर किसी को किराए पर दे दीजिए मुझे उसमें कोई दिक्कत नहीं है। कुछ समय बाद हमने वह घर किराए पर दे दिया। मैं भी अपने काम में व्यस्त था और मुझे ज्यादा समय नहीं मिल पाता था। मैं हमेशा ही मॉर्निंग वॉक पर जाता हूं। मैं जब मॉर्निंग वॉक पर जाता तो मुझे हमेशा एक लड़की दिखाई देती उसके चेहरे पर इतना ज्यादा निखार होता कि मैं उसे देख कर उसकी तरफ मोहित हो जाता लेकिन मेरी शादी हो चुकी थी और मैं एक डॉक्टर भी हूं इसलिए मैं ऐसे ही किसी के साथ बात नहीं कर सकता लेकिन वह मुझे अधिकतर दिख जाती थी। वह जब भी मुझे सुबह दिखती तो ना जाने उसे देख कर मेरा दिल उसके लिए क्यों धड़कने लगता। मुझे उसे देखते हुए काफी समय हो चुका था लेकिन मेरी उससे बात नहीं हुई थी। मैं अपने काम में भी बिजी रहता हूं। एक दिन मैं अपने क्लीनिक में बैठा हुआ था मेरा अपना खुद का भी क्लीनिक है जो कि शहर के बीचो बीच है। उस दिन अचानक से वह लड़की मेरे पास आ गई उसे कुछ स्किन में प्रॉब्लम हो रही थी। वह मुझे कहने लगी सर मुझे स्किन में प्रॉब्लम हो रही है आप मुझे उसकी कोई दवाई दे दीजिए। मैंने जब उसका ट्रीटमेंट शुरू किया तो मैंने उसे कहा इसमें काफी समय लगेगा। मैं आपको दवाइयां लिखकर दे देता हूं लेकिन आपको मेरे पास आते रहना होगा। अब मुझे उसका नाम पता चल चुका था उसका नाम गौतमी है। यह तो मेरे लिए जैसे कोई सपना था कि वह अपने आप ही मेरे पास आ गई। वह ट्रीटमेंट के लिए मेरे पास आने लगी थी तो मेरी उससे बातचीत भी होने लगी और बातों बातों में मैंने उससे पूछ ही लिया कि आप क्या करती हैं। जब मुझे पता चला कि वह कॉलेज में पढ़ाती हैं तो मैंने गौतमी से कहा कि आप एक अच्छे प्रोफेशन में हैं और आप दिखती भी बहुत अच्छी हैं। आपका व्यवहार भी बहुत ही अच्छा है।

जब मैं उनकी तारीफ करता तो गौतमी भी अपनी तारीफ सुनकर मुस्कुरा देती। वह मेरे पास अक्सर आया करती थी इसलिए हम दोनों की अच्छी बातचीत भी हो चुकी थी और शायद यह बात चीत अब थोड़ा आगे भी बढ़ गई थी। हम दोनों दोस्ती बन चुके थे। मैंने जब गौतमी से कहा कि मैं अक्सर सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाता हूं तो वह कहने लगी मैं भी मॉर्निंग वॉक पर जाती हूं। उसे भी यह बात पता थी लेकिन सुबह जब हम लोग मिलते तो सिर्फ हाय हेलो कहकर चले जाते  लेकिन अब हम दोनों सुबह साथ में ही मॉर्निंग वॉक पर जाने लगे थे। जब मैं गौतमी के साथ मॉर्निंग वॉक पर जाता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता और उसके साथ मैं बातें भी करता हूं। एक दिन हम लोग सुबह मॉर्निंग वॉक पर साथ में जा रहे थे। उस दिन गौतमी की गांड देखकर मेरा मन मचलने लगा मैंने गौतमी की बड़ी गांड पर अपने हाथ को रख दिया लेकिन उसने मेरा हाथ झटकते हुए कहा आप बहुत बदतमीजी कर रहे हैं आपको यह सब शोभा नहीं देता। वह गुस्से में वहां से चली गई। उसके बाद कई दिनो तक वह मुझे नहीं मिली। मैंने सोचा अब तो मेरा गौतमी से मिलना मुश्किल ही है मैं भी अपने काम में व्यस्त हो गया।

एक दिन वह मेरे क्लीनिक में आई तो मैं उसे देख कर खुश हो गया। जब वह मेरे पास बैठी हुई थी मेरे दिमाग में सिर्फ उसकी चूत की कल्पना थी। मैंने उसे पूछा आज आप कैसे आ गई। वह कहने लगी बस ऐसे ही सोचा आपके पास आ जाऊं उसने मेरे हाथ को पकड़ा तो मैं समझ गया कि यह आज मेरी इच्छा पूरी करना चाहती हैं। मैं गौतमी को अपने अंदर रूम में लेकर गया। जब मैं गौतमी को अंदर रूम में लेकर गया तो मैंने उसके होठों को बहुत देर तक चूसा। जब मैं उसके होठों को चूस रहा था तब मेरे अंदर से जो गर्मी पैदा हो रही थी वह मेरे लिए कुछ अलग ही थी क्योंकि इतनी गर्मी मुझे कभी मेरी पत्नी के साथ सेक्स करते हुए नहीं हुई। मैंने जब उसे नंगा किया तो उसका बदन देखकर मैं बेहोश होने वाला था यदि मैं बेहोश हो जाता तो उसके बदन को मैं कैसे चख पाता। मैंने जल्दी से अपने टेबल पर रखी पानी की बोतल उठाई और पानी पी ली जिससे कि मैं दोबारा नार्मल हो गया। मैंने जब उसके स्तनों का स्पर्श किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था मैंने उसके स्तनों को दबाते हुए अपने मुंह में लेकर 5 मिनट तक चूसा। उसके स्तनों को चूसने में मुझे बड़ा आनंद आ रहा था और उसे भी बहुत खुशी हो रही थी। जब मैंने उसकी योनि को अपनी जीभ से लगाया तो मुझे उसकी योनि को अपनी जीभ से चाटकर बहुत अच्छा लगा मैंने काफी समय तक उसकी योनि को चाटा। गौतमी ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मैं बहुत खुश हो गया। वह मेरे लंड को अपने गले तक लेने लगी। वह मेरे लंड को अपने गले तक लेती तो मेरे अंदर की आग और भी बढ़ने लगी। मैंने भी अपना आपा खो दिया। मैंने उसे घोड़ी बना दिया उसकी बड़ी गांड की तस्वीर मेरे दिमाग में पहले से ही छपी हुई थी। मैंने भी जल्दी से अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया और अंदर की तरफ बड़ी तेजी से डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगे अजय जी आपका तो बहुत मोटा लंड है। मैंने उसकी बड़ी चूतडो को कस कर पकड़ा हुआ था। उसकी चूतड़ों को जब मैं देखता तो मैं अंदर से बहुत खुश हो रहा था मैं उसे धक्के देता तो मेरी दिल की धड़कन भी उतनी तेज हो जाती। वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी। उसने अपने हाथ से टेबल को पकड़ा हुआ था। मैं उसे बड़ी जोरदार तरीके से चोद रहा था मैंने उसके साथ कुछ मिनट तक सेक्स किया लेकिन मेरी चूत मारने की इच्छा पूरी हो गई।

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