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देवर बना सहारा

मेरा नाम अंकिता है और मैं सतना की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 28 साल है और मैं शादीशुदा हूँ |

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अभी तक मेरे बच्चे नहीं हैं क्यूंकि मेरे पति को बच्चे करने का अभी मन नहीं है और वो ज्यादातर समय बाहर ही रहते हैं इसलिए चुदाई भी कम ही होती है मेरी | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 4 इंच है | मेरा फिगर 32-34-36 है | इससे आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं कैसी लगती हूँ | दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है तो उम्मीद करती हूँ कि आप लोग को पसंद आएगी | अब मैं अपनी कहानी में आती हूँ | मेरे घर में मेरे बाबु जी ( ससुर ) अम्मा ( सास ) मेरे देवर जी, मेरे पति और मैं रहते हैं | मेरा देवर अभी छोटा है और कॉलेज की पढाई कर रहा है | मेरे पति एक प्राइवेट फर्म में मेनेजर हैं और ज्यादातर समय उनका बाहर ही बीतता है | जब मैं शादी हो कर यहाँ आई थी तब से मेरे बड़े अरमान थे जी भर कर चुदने के | लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही मेरे ये अरमान मिटटी में मिल गए

 

जिस दिन मेरी सुहागरात थी उस दिन तो उन्होंने मुझे बहुत अच्छे से प्यार करते हुए चोदा | लेकिन बाद में जब उनका मन होता तब वो चोदते और मैंने सोचा था कि मैं हर समय चुदाई के मजे लूं | मैंने सुना था कि जब नयी नयी शादी होती है तब पति और पत्नी खूब चुदाई करते हैं लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हो रहा था | मैं बहुत ही उदास रहती लेकिन मेरे पति को इस बात से जरा भी फर्क नहीं पड़ता | क्यूंकि वो हमेशा काम काम और काम ही करते रहते हैं | मुझे तो कभी कभी लगता है कि इन्होने शादी मुझे बस घर की नौकरानी बनाने के लिए किये हैं | एक दिन की बात है दोपहर का समय था और बाबु जी और अम्मा कहीं किसी कथा में गए हुए थे | घर में मैं और मेरे देवर मन्नू ही बस थे | पहले मैं आप लोगो को मन्नू के बारे में बता दूं कि मन्नू की उम्र 20 साल है | वो दिखने में भी हेंडसम है और उसके शारीरिक बनावट भी बहुत गजब की है | वो घर में ही कसरत भी करता है | मैं दिन के वक़्त खाना बना रही थी और मन्नू नहाने गया हुआ था | खाने में नमक डालना था तो उसका डब्बा ऊपर रखा हुआ था | मुझे खुद नहीं पता कि कैसे किसी ने इतनी ऊपर रखा हुआ है |

जब मैं स्टूल के ऊपर चढ़ कर नमक का डब्बा निकाल रही थी कि तभी स्टूल थोड़ी बहक गई और मैं नीचे धड़ाम से गिरी और मेरे मुंह से चीख निकल गई अम्मा हाय कितना दर्द हो रहा है.. मर गई रे मैं तो कोई मदद करो मेरी | मन्नू कहाँ हो जल्दी आओ | मन्नू भी जल्दी जल्दी में चड्डी पहनना भूल गया शायद और टॉवल लपेट कर किचिन में आ गया | मन्नू ने मुझे उठाते हुए पुछा क्या हुआ भाभी ? तो मैंने कहा आज तेरी भाभी मर गई मन्नू जल्दी से कमरे में ले कर चल मुझे | हाय बहुत दर्द हो रहा है मन्नू | उसने मुझे तुरंत उठाया और मुझे कमरे में ले गया | जैसे ही उसने मुझे बेड पर लेटाया तो टॉवल मेरे कंगन में फंस गई | जिस वजह से टॉवल खुल गई और उसका लम्बा मोटा लंड मेरे सामने आ गया | कुछ पल के लिए तो मैं अपने दर्द को भूल कर उसके लंड की तर्रफ देख रही थी | फिर उसने मुझे लेटा कर अपने लंड पर हाँथ रख लिया | मैंने उसे टॉवल दिया और कहा ये ले लगा ले और मुझे हंसी आ गई | मन्नू ने टॉवल लपेट कर कहा भाभी आप हंस क्यूँ रहे हो ? मैंने कहा कुछ नहीं | फिर उसने कहा भाभी मैं चेज कर के आता हूँ | मैंने कहा अरे रुक मत जा अभी | सबसे पहले एक कम कर किचिन में जा गैस बंद कर और मेरे पास आ | उसने ठीक वैसा ही किआ |

फिर जब वो आया तो मैंने उससे कहा कि देख टेबल के ऊपर आयल रखा हुआ है वो जरा मेरे कमर में लगा के मालिस कर दे | उसने कहा ठीक है भाभी कर देता हूँ लेकिन इसके लिए आपको कपड़े उतारने पड़ेंगे | मैंने कहा रुक | उस समय मैंने गाउन पहना हुआ था तो मैंने उसे उतार दी और ब्रा पेंटी में उलटे हो कर लेट गई | वो शर्म से लाल हो रहा था तो मैंने उससे कहा अरे देख क्या रहा है करना मालिश अभी दर्द हरा है तो कर दे मालिश दर्द गया तो पता नहीं आगे क्या हो सकता है | उसने मेरी कमर में तेल लगा कर मालिश करना चालू किया तो मेरे शरीर में एक सिहरन सी हुई | मुझे उसका ऐसा करना बहुत अच्छा लग रहा था | वो भी शायद मुझे देख कर गरम हो गया होगा | इसलिए उसने अपनी टॉवल निकाल दिया | अब वो अच्छे से दोनों पैरो को फैला कर मेरे पीछे बैठ गया और मालिश करने लगा | उसके बाद उसने मुझसे कहा भाभी आपकी पेंटी थोड़ी नीचे करने पड़ेगी नहीं तो पेंटी में तेल लगेगा | उस समय मैंने सफ़ेद कलर की पेंटी पहने हुई थी और सफ़ेद रंग की ब्रा | मैंने कहा रुक मैं पूरा ही उतार देती हूँ |

मैं बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी और मुझे अब ऐसा लग रहा था जैसे अब वो मुझे चोद ही दे वो | फिर जैसे ही मैंने पेंटी उतारने के लिए पलती तो देखा कि वो तो पूरा नंगा बैठा है और उसका लंड मेरे सामने है | मैंने कुछ नहीं सोचा और सेह्द उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर हिलाने लगी | लंड एक दम लोहे की तरह सख्त हो गया था | फिर मैं उसके लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी तो उसके मुंह से आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह की आवाज़ निकलने लगी | मैंने उससे पुछा कैसा लग रहा है तो उसने कहा भाभी बहुत अच्छा लग रहा है | मैं उसके लंड को हर तर्रफ से चाट रही थी और वो आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए सिस्कारियां ले रहा था | फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में भर ली और चूसने लगी तो वो आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए मेरे ब्रा को खोल कर मुझे नंगी कर दिया | अब हम दोनों ही नंगे हो चुके थे | मैं उसके लंड को जोर जोर से ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और वो आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए मेरे मुंह में लंड को अन्दर बाहर करते हुए चोद रहा था | फिर मैं पट हो कर लेट गई और वो मेरे होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगा और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी किस्सिंग में |

कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरे एक मम्मे को अपने मुंह में ले कर दूसरे को दबाने लगा और मैं आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए उसके सिर पर हाँथ फेर रही थी | फिर उसने मेरे दूसरे मम्मे को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और पहले को मसलने | मैं आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | थोड़ी देर के बाद उसने मेरे दोनों पैरो को फैला दिया और मेरी चूत को जीभ से सहलाते हुए चाटने लगा और मैं आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए अपने मम्मों को मसलने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरे दोनों मम्मों को भी मसलने लगा और मैं आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए मदहोश होने लगी |

मेरी चूत चाटने के बाद उसने मेरी गांड के नीचे तकिया लगया और फिर लंड को मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा तो मैं आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए उसके हाँथ को पकड़ दबाने लगी |

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कुछ देर बाद उसने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दिया और जोर जोर से चोदने लगा और मैं भी आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए फुल मजे से चुदाई के मजे ले रही थी | उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरे पीछे से मेरी चूत को चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह आहा ऊंह उमह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए अपनी गांड चुदवा रही थी | बीस मिनट के बाद उसने अपना माल मेरी चूत के अन्दर ही झड़ा दिया |

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