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प्यार का जाल और चुदाई

हेल्लो फ्रेंड्स कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की आप लोग सभी मस्ती में होक रोज सेक्सी कहानिया पढ़ते होंगे | दोस्तों मैं आज आप लोगो को एक नयी कहानी बताने जा रहा हूँ | जो की मेरे जीवन पे आधारित है | ये कहानी मैंने बदले की है | तो चलिए दोस्तों मैं आप लोगो को सीधा कहानी की और ले चलता हूँ उससे पहले आप लोग थोडा मेरे बारे में जान लीजिये | दोस्तों मेरा नाम रविकांत है | मैं हापुड़ का रहने वाला हूँ |मेरे घर में मेरे मम्मी-पापा और एक छोटा भाई है | पापा मेरे बिज़नसमेन है और मम्मी हाउसवाइफ | छोटा भाई अभी 10 साल का है और 6 th में शहर की स्कूल में पढता है |

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दोस्तों ये बात उस समय की है जब मैं 12 th क्लास में पढता था | 10 की पढाई मैंने अपने शहर से की थी और आगे की पढाई करने के लिए मैं दिल्ली आ गया था | यहाँ मैंने ग्लोबल अकादमी में एडमिशन ले लिया था और कॉलेज के हॉस्टल मैं रहने लगा था | दोस्तों मैं बहुत दिखने में बहुत सीधा सादा था पर मैं वैसा था नही | मैं सबके सामने ज्यादा उचल कूद नही करता था | दोस्तों इसके पीछे एक रीज़न था मैं अपने शहर के स्कूल में अपनी बकचोदी के कारण कई बार स्कूल से निकाला जा चूका था और मैं नही चाहता था की मैं यहाँ भी वो करूँ जिससे मेरे पापा मेरे से गुस्सा हो | मैं इस कॉलेज में बहुत ज्यादा शांत रहता था | मैं अपने अप्प को बहुत कण्ट्रोल किया करता था | मेरे इस शांत स्वाभाव को देख कर कई लडके फायदा उठाते थे | यहाँ तक की मैं हॉस्टल में भी शांत रहता था | मेरे इस शांत स्वाभाव का कॉलेज के लड़के कुछ ज्यादा ही फायदा उठा रहे थे और मुझे चुतिया समझने लगे थे | मुझसे अब बरदास नही हो रहा था | फिर मिअने अपना रंग दिखाना शुरू किया | धीरे-धीरे मूझे अपने कॉलेज में 6-7 महीने हो गये थे | मैं सब उस कॉलेज का माहोल जान चूका था | अब जो भी लड़का मुझसे बकचोदी करता था तो मैं उसे मारते-मारते रेल बना देता था | मैं कई लडको को मारा अब सभी लड़के मेरे से डरने लगे थे | अब मैं नही किसिस को दोस्त बनाना चाहता था | लेकिन जो कॉलेज के हरामी लड़के थे वो मूझसे दोस्ती करना चाहते थे | मैंने कई लडको से फोर्मली दोस्ती कर ली थी लेकिन मैं ज्यादा सालो को लिफ्ट नही देता था | एक लड़का मूझे बहुत मानता था वो मेरे तरफ का ही था | वो बहुत सीधा था तथा पढने में बहुत अच्छा था | वो मेरे ही साथ रहता था | कॉलेज के लड़के उससे बहुत परेशान करते थे लेकिन जब से वो मेरे साथ रहने लगा था तब से किसी की हिम्मत नही होती थी की उसे कोई कुछ कह दे | अब मैं और वो सह ही मैं रहते थे | कॉलेज के हॉस्टल में भी अब सब मुझसे सब डरते थे | मैंने और जो मेरे साथ लड़का था हम लोग एक कमरे में हो गये थे | धीरे-धीरे हम लोगो को एक साल हो गया था और हम लोगो के 11 th भी हो गये थे |
अब हम लोग 12 th में आ गये थे | अब मेरा और भी भौकाल टाइट हो गया था | एक दिन मैं और मेरा दोस्त तैयार होकर कॉलेज गये | हम लोग क्लास में बैठे थे | और इधर-उधर की बाते कर रहे थे | अगला पीरियड फ्री था | ठंड का महिना था मैं और मेरा दोस्त कॉलेज के ग्राउंड में बुक्स लेके बैठे थे | वहां दो दो लडकिया और बैठी | वे हमारी तरफ देखे जा रही थी | द्दोनो दिखने में थी बहुत अच्छी | उनमे से एक लड़की मुझे पसंद आयी |मैं भी थोड़ी देर तक उन्हें देखता रहा फिर मैं और मेरा दोस्त जाके उनके पास ही बैठ गये और एक दुसरे से इंट्रोडक्शन होने लगी | वो मेरे से एक क्लास जूनियर थी और हम लोग सीनियर | हम लोगो ने वहां बैठ कर थोड़ी देर बाते की और जब पीरियड ख़त्म हो गया तब आके अपनी क्लास में बैठ गये | अब वे दोनों हम लोगो को कहीं न कहीं कॉलेज में मिल जाती थी | अब हम लोग एक दुसरे के अच्छे दोस्त बन गये थे | मुझे उनमे से एक लड़की पसंद आ गयी थी | मैंने उसे सेट करना चाहा | मैं इंटरवल में उधर से गुजरा तो देखा की वो अकेली क्लास में बैठी थी | मैं गया मैंने थोड़ी देर तक उससे बात की फिर मैंने उसे पर्पोस मार दिया वो भी मुझे लाइक करती थी | उसने मेरा पर्पोस एक्सेप्ट कर लिया | मैं वहां से अपनी क्लास में आया और अपने दोस्त को बताया की भाई मैंने तेरी भाभी को पर्पोस मार दिया और उसने भी एक्सेप्ट कर लिया है | वो थोडा खुश हुआ और कहा की भाई मुझे उसकी सहेली बहुत पसंद है मेरा काम भी बनवा दे | मैंने उसे कहा की ठीक है भाई देखता हूँ तेरा भी | अगले दिन मैंने उसे उसको पर्पोस मारने को कहा की जा | वो गया उसने पर्पोस किया उसको तो उसने उसे स्लैप मार दिया और गुस्सा हो गयी | ये सीन मैं दूर से खड़ा होकर देख रहा था मुझे बहुत गुस्सा आया | मेरा दोस्त मेरे पास दुखी होकर आया और कहा की भाई मना कर दिया साली ने स्लैप मार दिया | मैंने उसे तस्सली दी और कहा की उसे भूल जाया अब मैं इसे इसका घमंड दिखता हूँ | अब मैं अपनी गर्लफ्रेंड से ज्यादा नही मिलता था अब मैं उसकी सहेली को लिफ्ट देता था क्योकि मुझे साली से बदला लेना था | मैं उससे कई बार अकेले में बाते करता रहता था | धीरे धीरे वो मेरे पे लट्टू हो रही थी | मैंने एक दी उसको पर्पोस मार दिया और उसने भी कहा की मैं भी तुम्हे लाइक करती हूँ | मैंने उससे कहा की ये बात अपनी सहेली को पता नही चलनी चाहिये उसने कहा की ठीक है | दोस्तों मेरा दोस्त दिखने में थोडा ओड लगता है इसीलिए साली ने उसे मना कर दिया था | अब मैंने उसे पूरी तरह से सेट कर लिया था | एक दिन मैंने उससे कहा की काल हम क्लब चलेगे तुम तैयार रहना | रात हुई मैं और मेरा दोस्त रात में नाईट आउट मार दिए और मैंने अपने दोस्त से कहा की तुम मुझसे दूरी बना के रखना जिससे की उसे पता न चले | मैं रात को उसके पास गया वो अपनी सहेलिओ के साथ गाडी में बैठी थी मैं भी जा के गाडी में बैठ गया और मेरा दोस्त मेरा पीछा करते हुए औटो से आ रहा था | हम लोग क्लब पहुंचे वहां हम लोगो ने खूब दारू पी और फिर डांस किया | मेरा दोस्त भी छिपकर क्लब में ईंजोय कर रहा | जब रात ज्यादा हो गयी तब हम लोग क्लब से बाहर निकल आये | साले सब एकदम टल्ली हो गये थे किसी को होश नही था | मैंने फिर गाडी ड्राइव की और फिर उसके दोस्तों को घर छोड़ा और फिर उसको लेके मैं शहर के बाहर चला गया मैंने अपने दोस्त को भी उसी गाडी में बैठाल लिया था | जब मुझे कोई सुनसान रास्ता दिखा मैंने गाडी वहीँ रोक दी और अपने दोस्त को बाहर कर दिया | वो इतने नशे में थी की उसे कुछ पता ही नही चल रहा था | मैंने उसे गाडी की पिचली सीट पर लिटा दिया और उसके सब कपडे निकाल दिए | मैंने उसके होंठो को कुछ देर चूमा और फिर बाद में अपना लंड निकाल कर उसके मुह में डाल दिया और उसे चूसाने लगा | थोड़ी देर तक मैंने उसे अपना लंड चूसाया फिर तब मेंरा लंड खड़ा हो गया तब मैंने उसके दोनों पैरों को फोल्ड किया और अपना लंड डालके जोर-जोर धक्के दे रहा था | उसे थोडा होश आ गया था और वो भी मुझे चिपक रही थी और अपने मुह से आह आह आह आहा आहा हा अह आहा अह आहा अह आहा आहा अह आह आहा आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उ उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह आह आह आ आह आह आहा अ आहाह आह आहा आहा अह आह आहा अह की सिस्कारिया निकाल रही थी | मैंने 10 मिनट तक उसकी चूत में अपने लंड से धक्का दिया और फिर उसके बाद मैं उसकी चूत में ही झड गया | फिर मैं गाडी के बाहर निकल आया और अपने दोस्त को अंदर भेज दिया | उसने भी उसकी चूत मारी और कम से कम 10-15 मिनट के बाद बाहर आया | उसे अभी भी पूरी तरह से होश नही आया था मैंने उसको कपडे पहनाये और फिर जाके उसके घर छोड़ कर आये थे |

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तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | इस तरह से मैंने अपने दोस्त की बेइज्जती का बदला लिया | आशा करता हूँ की आप लोगो को पसंद आएगी |

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