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लंड ने बुलाया और चूत चली आई

हैल्लो दोस्तों मैं सारिका बांगड़ की रहने वाली हूँ, मैं ऍम.बी.ए की पढाई कर रही हूँ और मैं यहाँ अकेले रह कर पढ़ रही हूँ |

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

वैसे तो हमलोग मेन दिल्ली के रहने वाले है पर मुझे यहाँ आ कर पढाई करने का बहुत मन था इसलिए मैं यहाँ अकेले बिंदास हो कर रहने आ गई थी और पढाई करती हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है और मेरे बोबे का साइज़ 32 है | मेरी कमर 30 है और मेरी गांड 36 की है आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं मेरी उभरती जवानी का | मेरा एक सेपरेट रूम है जहाँ मुझे कोई दिक्कत नहीं है और न ही मुझे किसी के ताने पसंद है | वहाँ मुझे कोई बोलने वाला नहीं था | मुझे अपने तरीके से जीना पसंद है | चलो अब मैं आप लोगों को बताती हूँ कि मैं कैसे चुदक्कड़ बनी | चलिए मैं आप लोगों को स्टोरी सुनाती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को मेरी ये कहानी पसंद आयगी |

ये बात तब कि है जब मैं 11 कक्षा की छात्रा थी और मैं कॉमर्स की स्टूडेंट थी तो मुझे पढाई ज्यादा करनी थी नहीं और मैं बस बिंदास जीती थी | मेरे पीछे बहुत सारे लड़के पड़े थे और मुझे चोदना चाहते थे सिर्फ लड़के ही नहीं हमारे स्कूल के सर भी मेरे पीछे पड़े थे | पर मैं किसी को भाव नहीं देती थी क्यूंकि मैं ऐसे ऐरो गैरो से चुदवाना नहीं चाहती थी | फालतू लोगों को अपनी जवानी का स्वाद नहीं चखाना चाहती थी | लोग बेतोड़ कोशिश करते थे मुझे पटाने की पर मैं किसी का भी जवाब नहीं देती थी | सर लोग भी मुझे पटाने के लिए मुझसे कहते थे कि हम तुम्हारे नंबर बढ़ा देंगे तुम्हे पास करवा देंगे | पर मैं कहाँ किसी से पटने वाली थी | उसके बाद मैं जब 12 वी कक्षा में पहुंची तब एक लड़का सावन नाम का नया बंदा ट्रांसफर हो कर आया था मैंने उसे देखा तो मैं उसे देखते ही साथ अपना दिल दे बैठी | क्या हैण्डसम बंदा था यार एक दम शाहरुख़ लगता था ? क्या हाईट थी ? क्या पर्सनालिटी थी उस बन्दे की ?  मुझे वो इतना पसंद आया कि मैं खुद जा कर प्रोपोस करने वाली थी कि याद आया कि मैं उससे कम हूँ क्या ? जो मैं उसे प्रोपोस करूँ वो हैण्डसम है तो मैं भी भरे बदन कि मल्लिका हूँ | ऐसे ही दिन बीते जा रहे थे वो मुझे ज़रा भी भाव नहीं दे रहा था मेरी एक बेस्ट फ्रेंड है सुप्रिया उसने मुझे एक दिन कहा कि यार मुझे सावन बहुत पसंद है और मैं प्रोपोस करना चाहती हूँ | सुप्रिया एक चुदक्कड़ किस्म कि लड़की थी हमारे स्कूल में वो कई लोगों से चुदवा चुकी थी और मैं नहीं चाहती थी वो ऐसा कुछ करे सावन के साथ क्यूंकि मुझे सावन बहुत पसंद था | पर मैं ये कन्फर्म नहीं थी कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड होगी या नहीं | फिर मैंने भी सोचा कि चलो हटाओ आजकल कौन प्यार श्यार के चक्कर में पड़ता है सबको तो आज कल चूत ही चाहिए |

फिर सुप्रिया ने उसे प्रोपोस किया और सवान ने उसे मना कर दिया था ये बात पूरे स्कूल में आग कि तरह फ़ैल गई थी | सुप्रिया कि सब हंसी उड़ा रहे थे मैंने भी मन ही मन में सोचा कि चलो अच्छा ही हुआ एक काँटा तो अलग हुआ | फिर मैंने उसे भाव देना चालू कर दिया था पर डर भी रही थी कि कहीं उसने मुझे भी मना कर दिया तो मेरी सारी अकड़ दो मिनट में मिटटी में मिल जायगी | मैं उसे पटाने का प्लान बनाने लगी थी स्कूल के बाद ही मेरी कोचिंग क्लास रहती थी | तो मैं वहाँ गई तो मैंने देखा कि सावन भी उसी कोचिंग क्लास में आने लगा | उसे वहाँ देख कर मेरी आँखे चमक उठी क्यूंकि हमारी क्लास में बस मैं ही उस कोचिंग क्लास में जाती थी | फिर क्या था मैंने उसे हाय कहा उसने भी हाय किया | फिर मैं अपनी जगह पर जा कर बैठ गई कोचिंग के ख़त्म होने के बाद मैं घर कि तरफ जा रही थी पेदल क्यूंकि वहाँ से मेरा घर ज्यादा दूर नहीं था तभी उसने अपनी गाड़ी मेरे पास ला के रोकी और कहा कि हम तो सेम क्लास में पढ़ते हैं मैं भी जवाब में हाँ कह दिया |

फिर उसने मुझसे पूछा कि मैं तुम्हे घर तक छोड़ दूं क्या ? तो मैंने कहा नहीं मेरा घर बस थोडा सा ही आगे है मैं पैदल चली जाउंगी उस दिन बस उससे उतनी ही बात हुई और फिर मैं घर आ गई मैं बहुत खुश थी उस दिन | अगले दिन मैं स्कूल गई और जैसे ही क्लास में गई तो उसने मुझे हाय कहा मैंने भी उसे हाय किया तो ये देख के सुप्रिया बहुत गुस्सा हो गई और मुझसे बोली कि इसने तुझे हाय क्यूँ किया | तो मैंने बताया कि बस ऐसे ही मैं उसे कोई भी बात नहीं बताना चाहती थी | फिर उसके बाद हमारा लंच हुआ तो मैं अकेले ही बैठी थी बाकि सब अपने में मस्ती कर रहे थे | उतने में सावन मेरे पास आया और कहा कि तुम अकेले ही लंच करती हो क्या ? तो मैंने कहा नहीं असल में मैं अकेले रहना चाह रही थी इस वजह से मैं अभी अकेले बैठी लंच कर रही हूँ | फिर वो भी मेरे सामने आ कर बैठ गया और हम दोनों बात करते हुए लंच करने लगे | लंच ख़त्म होने के बाद वो अपनी जगह पर चला गया जब क्लास चल रही थी तब तो वो मुझे बार बार देख रहा था मैं भी उसे देख रही थी | मैं समझ चुकि थी कि ये लड़का अब आ रहा है लाइन में  | फिर स्कूल कि छुट्टी के बाद मैं कोचिंग गई तो वो भी बैठा था, उसने मुझसे कहा कि मैं आज बुक लाना भूल गया हूँ तो मैंने कहा कोई बात नहीं तुम मेरे बाजु में आ जाओ साथ में अकाउंट की प्रेक्टिस कर लेंगे | फिर हम दोनों बात भी करते जा रहे थे और और सवाल भी हल करते जा रहे थे | फिर उसके बाद हमने अपने नंबर आपस में बदले और फिर रोज रात में बात करने लगे | अब तो हम रोज रात रात भर बाते करने लगे और धीरे धीरे स्कूल में भी ये बात पता चलने लगी और पूरे स्कूल में अब तो हमारे प्यार के बारे में खबर उड़ चुकि थी |

एक दिन सावन का जन्मदिन था उसने मुझे कॉल किया कि मैं उससे मिलूं आ कर मेरे घर में पार्टी है | तो मैंने उससे कहा कि अभी तो मैं पापा के साथ थोडा काम से जा रही हूँ मैं शाम तक फ्री हो कर आती हूँ उसने कहा ओके | मैं शाम को 7 बजे फ्री हुई मैंने उसे कॉल किया कि हाँ मैं तुम्हारे घर आ रही हूँ | वो बहुत खुश हो गया था मैंने उसके लिए एक वाइट शर्ट खरीदी थी | मैं उसके घर गई तो मैंने उससे पूछा कि यहाँ तो कोई नहीं है ? तुमने पार्टी के लिए बोला था कहाँ है पार्टी ? तो उसने कहा कि जानेमन पार्टी तो हमारे बीच होगी और उसने मेरी कमर पकड़ के खीच ली अपनी तरफ और सीधा अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देने लगी फिर उसने मेरे कपडे उतार दिए और उसने अपने भी कपडे उतार दिए | फिर हम दोनों एक दुसरे को यहाँ वहाँ चूमने लगे फिर चुम्मा चाटी के बाद मैएँ उसके लंड को चूसा | मैंने 20 मिनट तक उसका लंड चूसने के बाद्द उसका वीर्य निकल गया था | मैंने फिर चूस चूस के उसका लंड खड़ा कर दिया | फिर उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आ कर मेरे दूध पीने लगा |

बहुत देर तक दूध पीने के बाद उसने मेरी चूत चाटी वो बहुत प्यार से मेरी चूत चाट रहा था और मैं अहः अहहः अहहहः अहहहः अहहहः अहहहः अहहहहः अहाहहः आराम चाटो न मेरी चूत आहाहहः अहहहहः अहहहहः अहहहहः बहुत मजा आ रहा है | फिर उसके बाद उसने मेरी चूत चौड़ी करके अपना लंड डाल दिया मेरी चूत में मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं अहहः अहहहः और चोदो अहहहहः चूत फाड़ दो मेरे राजा अहहः अहहः अहहः और चोदो अहहहः अहहः फाड़ दो मेरी चूत | अहहः अहहः अहहः अहहहहभ तुम्हरा लंड बहुत प्यारा है | इसकी दीवानी हो गई हूँ अहहहः अहहहः अहहहः आधे घंटे कि चुदाई के बाद उसने मेरी चूत के ऊपर ही अपना वीर्य छोड़ दिया और हम दोनों ऐसे ही लस्त पड़े रहे फिर मैं उठ कर घर गई |

अब हम दोनों रोज चुदाई करने लगे थे | फिर स्कूल के एग्जाम के बाद सब बिछड़ गये थे मैं भी यहाँ अमृतसर आ गई थी मेरा पुराना मोबाइल गुम गया था जिसमे सावन का नंबर था उसके बाद हमारी कभी बात नहीं हुई | मैंने यहाँ आ के बहुत सारे लंड ले चुकी हूँ अब मैं भी एक चुद्दक्कड़ बन चुकि हूँ | मेरा जीवन अब मेरे हिसाब से जी रही हूँ |

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दोस्तों कैसी लगी आप लोगो को मेरी ये स्टोरी कमेंट करना | उम्मीद करती हूँ आप लोगो को मेरी स्टोरी पसंद आई होगी |

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