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सेक्सी दीदी को सोच कर डेली मुट्ठ मारता था किस्मत से उनकी चूत मिल गयी मुझे

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मैं आज आप सब के सामने अपने जीवन की सच्ची घटना बता रहा हूं. यह कहानी उस टाइम की है जब मैं मेरी और बड़ी दीदी शहर में रेंट के रूम में रहते थे और कॉलेज में पढ़ाई करते थे.  मैं आप को अपनी बहन सोनिया के बारे में बता दूं, उस की उम्र २३ साल है और उस का रंग मुझ से बहुत गोरा है. उस का फिगर बहुत सेक्सी है ३२-३४-३६ है. मेरी दीदी अच्छे अच्छो के लंड को खड़ा कर देती थी, उस की गांड देखने वाली थी. जब वह चलती थी तो उस की गांड बहुत कमाल की लगती थी. अगर उसे कोई देख ले तो उस के लंड का पानी वही निकल जाता था.

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हम दोनों एक ही रुम में एक ही बेड पर सोते थे. मेरी दीदी इतनी ज्यादा सेक्सी थी कि उन को सोच कर मैं रोज मुट्ठ मारता था, मैं जब सुबह उठता तो मेरा लंड मुझे पूरा खड़ा मिलता था जिस की वजह से मुझे मुठ मारनी पढ़ती थी जिस से कि मेरा लंड शांत हो जाए. मैं अपने आप को उल्टा कर के अपना लंड बेड के गद्दे पर सेट कर के अपनी गांड को उठा उठा कर अपने लंड को सहलाता था और सोचता था कि यह दीदी की गांड है और कुछ ही देर में मेरा काम हो जाता था. यह मेरा रोज का काम बन गया था. एक दिन सुबह मेरे लंड ने मुझे फिर से उठा दिया था और मैंने देखा कि मेरी दीदी का चेहरा मेरी तरफ है. मैंने उसका चेहरा देखा और मेरा लंड और ज्यादा तड़पने लग गया था उस टाइम दीदी बहुत सेक्सी लग रही थी. अब मैंने अपना चेहरा दूसरी ओर किया और उन के नाम की मुठ मारने लग गया, मुझे बहुत मजा आने लग गया था. मेरी आंखें बंद थी मुझे पता नहीं चला कि दीदी कब उठ गई और मेरे सामने खड़ी हो कर मेरी गांड पर हाथ फेर रही थी. मुझे महसूस जरूर हुआ पर उस टाइम में पूरे जोश में था और एंड पर था और मेरा पानी एक मिनट के बाद निकल गया था.

और मैंने कुछ देर बाद अपनी आंखें खोली तो मैंने अपने सामने दीदी को खड़ा पाया और वह अभी भी मेरी गांड पर हाथ सहला रही थी

मैंने कहा : अरे दीदी आप (में एकदम से चोंक गया था.)

दीदी ने कहा : अरे मुझे लगता है तुम्हें बहुत मजा आया है (दीदी ने मेरी मस्ती करते हुए कहा)

मैंने कहा : यह आप क्या कर रही हो?

दीदी ने कहा : अच्छा तो यह क्या है? तेरे पजामे पर इतना सारा पानी, तुमने अपना सारा पजामा गिला कर दिया है. तुम बहुत खराब हो.

यह सुन कर मैं बाथ रूम की तरफ भागा और बाथरुम में चला गया अब दीदी जोर जोर से हंसने लगी. हंसने की आवाज मुझे बाथरूम में सुनाई दे रही थी.

हम दोनों के बहुत सारे दोस्त हैं जो मेरे और दीदी के क्लास फेलो थे और मुझ से ज्यादा दोस्त दीदी के थे क्योंकि वह लड़की थी और साथ में सेक्सी भी थी. कॉलेज में  सारे दीदी को सेक्सी बोम्ब कह कर छेड़ते थे.

मेरे और दीदी के कुछ फ्रेंड हमारे घर भी आ जाते थे, दीदी काफी ओपन माइंड लड़की थी और लड़कों और लड़कियों से बराबर दोस्ती रखती थी. मेरा मतलब कि वह दोनों के साथ हसती थी और मस्ती करती थी, पर दीदी के सारे दोस्तों में एक दोस्त था विजय जिसे दीदी बहुत पसंद करती थी और वह दीदी को चोदना चाहता था.

कुछ दिन बीत जाने के बाद विजय मुझ से मिला और कहा भाई अजय देख तू मेरी अपनी बहन सोनिया से दोस्ती करवा दें.

मैंने कहा : क्यों? क्या हुआ. तुम तो मेरी बहन के पहले से ही बहुत अच्छे दोस्त हो.

विजय ने कहा : नहीं यार तू समझा नहीं. मैं दूसरी दोस्ती की बात कर रहा हूं.

मैंने कहा : कौन सी दोस्ती की भाई.

विजय ने कहा : चुदाई वाली दोस्ती की, मैं तेरी बहन सोनिया की चुदाई करना चाहता हूं इसके लिए तेरी बहन भी राजी है. बस वह और मैं तुझ से पूछना चाहते हैं.

मैंने कहा : अच्छा भाई अगर ऐसा है तो मुझे क्या प्रॉब्लम होनी है? अगर लड़का लड़की राजी है तो क्या करेगा उस के भैया जी?  तू ही बता विजय अब तू ऐसा किया कर रोज मेरे घर आ जाया करो शाम को, मैं बाहर होता हूं इसलिए तेरी बात आसानी से बन जाएगी. अब कुछ दिन के बाद मुझे लगा कि विजय ने अपनी सेटिंग कर ली है, अब मेरी बहन दिन रात उस से फोन पर बातें करने लग गई थी. मेरी बहन अब देर रात तक बातें करती थी और जब वह विजय से बात करती थी तो मैं उन को छेड़ता था जिस से वह मुझे प्यार से डांटती थी.

अब एक दिन इंडिया और पाकिस्तान का टी२० मैच था, मैं और मेरी दीदी मैच शुरु होने का इंतजार कर रहे थे, तभी दीदी ने मुझे कहा तू विजय को फोन कर वह भी आज हमारे साथ मैच देख लेगा. तब मेरे दिमाग में यह सुन कर एक आईडिया आया और मैंने विजय को फोन कर के कहा कि तू जल्दी घर आ जा. आज तुझे मेरी दीदी की चूत मिल जाएगी पर आते हुए एक विस्की की बोतल ले आना. विजय ने वैसा ही किया और आते हुए व्हिस्की की बोतल ले आया. अब हम तीनों एक साथ टीवी के सामने बैठ गए और मेच शुरू हो गया. अब दीदी हमारे बीच में बैठ गई. अब विजय ने बोतल खोली और तिन ग्लास में विस्की डाल दी. मैंने और विजय ने एक एक पैग मार लिया था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

अब दीदी की बारी थी. वह पहले बहुत ना नाही कर रही थी, पर विजय के जोर देने पर उस ने भी एक पैग मार लिया, दीदी को पहले उस का टेस्ट बहुत खराब लगा पर बाद में धीरे धीरे हमारे साथ पीने लग गई. मैं नहीं पी रहा था क्योंकि मैं जानता था कि आज विजय मेरी दीदी की चूत मारने वाला है इसलिए मेरा होश में रहना जरुरी था.

कुछ देर बाद विजय और दीदी दोनों नशे में टून हो गए थे. वह मैच की एड देख कर  भी पागल जैसी हरकतें कर रहे थे, पर दीदी कुछ ज्यादा ही टून हो गई थी, दीदी उठी और विजय को गोद में बैठ गई, जिस से विजय का लंड खड़ा होने लग गया था जो उस के पजामे में साफ साफ दिखाई दे रहा था. वह मेरी दीदी को अपने लंड पर सेट कर रहा था और पतली सी दीदी को उठा उठा कर अपने लंड पर उस की गांड रगड रहा था, और दीदी भी उस का साथ देने लग गई थी. उसने विजय का सर पकड़ा और उसे लिप्स किस करने लग गई.

किस करते हुए विजय ने दीदी के बोबे दबाने शुरू कर दिए थे, और कुछ ही देर ही मैं दीदी का टॉप उतार दिया था. अभी दीदी सिर्फ ब्रा और जींस में थी, उस ने दीदी को उठाया और बेड रूम में ले गया और मैं बाहर से सब कुछ देख रहा था. क्योंकि बेडरूम सोफे से साफ दिखता है. वह दीदी को चूम रहा था और बूब्स को दबा रहा था. अब उस ने दीदी की ब्रा उतार दी, अभी दीदी के बूब्स आजाद हो गए थे. यह देख कर विजय उस पर ऐसा टूटा कि जैसे कभी बुब्स देखने को ना मिले हो. वह पागलों की तरह बूब्स को चूस रहा था और उस के निप्पल को अपने दांत से काट रहा था.

दीदी के मुंह से आऔउ अह्ह्ह औऊ या गग्ग येस्स गग्ग इह अग्ग्ग अय्य्य इह अहह अम्म ओह हां औ अय्य्य औउ गैग अग्ग ह अग्ग अग्ग आःह्ह अह्ह्ह औउ विजय बस करो. दीदी नशे की हालत में पूरे मजे ले रही थी. अब विजय ने दीदी की जींस और पेंटी उतार कर फेंक दी और दीदी की गुलाबी चूत को चूसने लग गया. दीदी आऔउ अह्ह्ह औऊ ओह्ह येस्स आऊ अहह येस्स्स्स की मदहोश आवाज निकाल रही थी.

अब और थोड़ी देर में विजय अपना लंड पकड़ कर दीदी के ऊपर आ गया. उस ने अपना लंड चुत पर सेट किया और एक ही झटके में पूरा लंड उतार दिया. दीदी ने  बहुत जोर से चीख मारी पर विजय नहीं रुका. वह लगातार दीदी की चूत चोद रहा था.

मैं यह सब देख रहा था और साथ साथ व्हिस्की भी पी रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं जैसे कोई पोर्न मूवी लाइव देख रहा हूं.

 जब विजय दीदी की जबरदस्त चुदाई कर रहा था तभी दीदी के मुंह से आह अह्ह्ह अह्ह्ह औऊ औऊ निकल ही रही थी. चोद दे मुझे मेरे राजा, आज इस सोनिया को रंडी बना दे. मुझे अपनी कुत्ती समझ कर मेरी चूत फाड़ दे और जोर से चोद अहः औऊयेस्स ह्येस.

उधर से विजय जवाब दे रहा था हां साली, तेरी चूत का आज मैं कमरा बना कर जाऊंगा. मेरी कुत्ती ले मेरा लंड और मेरी रंडी बन जा हमेशा के लिए. उन दोनों की बातें सुन कर अब मेरा भी लंड खड़ा होने लग गया था. अब विजय ने दीदी को घोड़ी बनाया और उसको चोदने लग गया. उसके चोदने की स्पीड बहुत तेज थी. उसने दीदी के छक्के छुड़ा दिए थे. अब दीदी और ज्यादा जोर से चीखने लगी थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम १० मिनट बाद विजय वह आओ औउ ओह अह्ह्ह औउ करने लग गया और अपना लंड निकालकर दीदी की कमर और गांड पर अपना सारा पानी निकाल कर बेड से उतर गया और दीदी वैसे ही लेटी रही और सो गई.

उसने अपने कपड़े पहने और वह चला गया, जाते हुए उसने मुझे थैंक यू कहा.

अब मैंने अकेले ही सारी व्हिस्की खत्म कर दी थी और मैं दीदी के पास गया और उन को साफ किया. जब मैं विजय का पानी उन की गांड से साफ कर रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया. तो मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और दीदी के ऊपर चढ़ गया मेरे ऊपर आने से दीदी की जिस्म में हलचल हुई और मुझे भी करंट जैसा फील हुआ.

अब मेरा लंड दीदी की गांड के बीच में सेट था. मैंने दीदी की गर्दन पर किस किया और अपनी जुबान से उसे छेड़ना शुरु कर दिया.

दीदी हरकत में आ गई थी पर में नहीं रुका मैंने उनकी पूरी गर्दन चाट चाट कर लाल कर दी. अब उनकी हल्की सी आंख खुली दीदी ने मुझे अपनी तिरछी नजरों से देखा और हल्के से एक सेक्सी सी मुस्कुराहट के साथ बोली अजय तुम हो अहह… यार तुम्हारा दोस्त विजय कमाल का है.

मैंने कहा क्यों दीदी आज उसने आपको चोद दिया क्या?

दिदि ने कहा हां चोद दिया, तूझे नहीं पता? सब तेरे सामने ही तो हो रहा था.

मैंने कहा चुद कर कैसा लग रहा है? मजा आया की नहीं?

दीदी ने कहा हां मजा तो आया पर अभी मेरी प्यास बाकी है, अब तुम मेरी प्यास बुझाओ चलो शुरु हो जाओ.

यह कह कर दीदी ने मुझे ऊपर से उतार कर खुद सीधी लेट गई और अपनी टांगें खोल कर मुझे बोली आजा मेरे राजा तुझे जन्नत का दरवाजा दिखाती हूं.

दीदी ने मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत के ऊपर सेट कर लिया और कहा चलो राजा हो जाओ शुरू मेरी चूत चाटो.

यह सुनकर मैं दीदी की चूत चूसने और चाटने लग गया था, और दीदी फिर से आवाजें निकाल रही थी और बहुत सेक्सी आऔउ अह्ह्ह औऊ और और अहहोह हह एस अय्य्य अय्य्य्स कर रही थी.

अब मैं भी उसकी चूत को मजे से चाटने लग गया था. अब मेरा एक हाथ ऊपर गया और दीदी के राईट साइड बूब्स पकड़ लिया और उस के निप्पल को अपनी उंगलियों में लेकर जोर जोर से मसलने लगा. अब दीदी अपनी चरम सीमा पर थी. उनका जिस्म टाइट होने लग गया था और अपनी लेग्स में मेरा चेहरा पूरा दबाने लगी थी और कुछ ही देर में दीदी ने मुझे कस कर पकड़ लिया और अपना पानी मेरे मुंह में डाल दीया.

मैंने भी दीदी कर सारा पानी पिया और उनकी चूत चाट चाट कर साफ कर दी. अब दीदी पूरी ढीली हो गई थी, और अब मेरा फेस भी  छोड़ दिया था. और कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे.

अब दीदी ने मुझे ऊपर किया और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और बोली अजय तुम्हारा तो विजय से भी बड़ा है, तुम कहां थे अब तक? अगर मुझे पहले यह पता होता तो मेने विजय से चुदाया ना होता.

मैंने कहा चलो कोई बात नहीं दीदी अब मैं आ गया हूं ना, आपको किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी.

दीदी ने कहा अब तुम मुझे सिर्फ सोनिया बुलाओ, अब मैं तुम्हारी दीदी नहीं मैं तुम्हारी रखेल हूं.

यह सुनकर मेरा पूरा खड़ा हो गया और झटके मारने लग गया था.

अब मेने दीदी को फिर से उल्टा कर दिया और उनकी गांड अपनी थूक से भर दी और अपने लंड पर चूत का पानी लगाया और अपना लंड गांड पर सेट किया और एक झटका मार दिया और लंड आधा अंदर चला गया. यह देख कर में बोला डार्लिंग सोनिया यह गांड हे की चूत हे? टाईट ही नहीं हे, अपनी गांड भी चुदवाती हो क्या बाहर?

दीदी ने कहा नहीं मेरे राजा यह सारा कमाल अपने घर की मोमबत्ती का है, जिसने मेरी गांड का कमरा बना दिया है.

मैंने कहा तो मैं आपकी चूत ही मार लेता हूं.

उस ने कहा नहीं तू मेरी गांड ही मार. चूत की टेंशन मत ले, चुतो की तो अपने प्यारे भाई के सामने लाइन लगा दूंगी. भूल गए क्या मेरी कितनी सहेलियां है? उन सबकी चूत तुजे दिलाऊंगी, अब तुम सिर्फ मेरी गांड मार दे.

यह सुन कर मुझे चुतो का ढेर दिखने लग गया और अब मैं जोर जोर से लंड दीदी की गांड में उतार रहा था, अब मुझे मजा आने लग गया था, मेरा लंड भी अपने अंदाज में गांड को चोद रहा था.

दीदी भी बड़ी मस्त होकर अपनी गांड हिला हिला कर चुदवा रही थी और आह्ह प्लीज मुझे और मारो यार, फक मी यार और जोर से चोदो मुझे जैसी आवाजें निकल रही थी.

अब दीदी ने मुझे पूछा अजय आज तक किसी लड़की की गांड मारी है?

मैंने कहा नहीं दीदी पहली बार आपकी ही मार रहा हूं, और बहुत मजा आ रहा है.

दीदी ने कहा अच्छा तो चूत तो मारी होगी ना?

मैंने मस्ती में कहा हा दीदी अभी मारनी है आपकी.

दीदी ने कहा चल हट बुद्धू लंड गांड से निकाल और अब चूत भी मार ले.

मैंने झट से गांड से लंड निकाला और चूत में लंड घुसा दिया और चूत को चोदने लग गया. मैंने अच्छे से चूत चोदने के लिए उनकी गांड के नीचे पिलो रख दिया. अब मेरा लंड  दीदी की चूत में पूरा जा रहा था और उनकी बच्चेदानी को टच कर रहा था. यह फीलिंग बहुत सेक्सी थी.

मैंने अब अपनी स्पीड बढ़ा दी क्योंकि मेरा पानी निकलने वाला था. उधर सोनिया ने अपनी गांड उठाकर पिलो नीचे से निकाल दिया और अपने लेग्स से मुझे लोक कर के अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लग गई थी.

करीब ५ मिनट बाद ही हम दोनों ने एक साथ अपना पानी निकाल दिया. वह पल बहुत खास था. उस पल में एक चूत में दोनों और से पानी की बौछार हुई और लंड  को पूरा गीला कर दिया. चूत से पानी बाहर आने लग गया था और चादर पर गिर रहा था और वह भी गीली हो गई थी.

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हम एक दूसरे के ऊपर ही सो गए, नशे के कारण हम दोनों को भी नींद आ गई.

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