SexKahani.Desi

– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

Advertisements

आंटी नीचे से मेरा लंड गपा गप अपने मुंह में ले रही थी

हेलो दोस्तों में समर प्रजापति अब तो आप मुझे जान ही गए होंगे. फिर भी बता देता हूं मैं बंसवारा का रहने वाला हूं, और इस साइट का रिडर और एक राइटर भी हूं. आपने मेरी पिछली कहानियां पढ़ी और मुझे मेल किया इसके लिए आप सभी को मेरी तरफ से बहोत बहोत धन्यवाद. इस पाठ में मैं आपको वो स्टोरी सुनाऊंगा जिसके बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरे साथ ऐसा भी होगा. अब मैं अपनी चुदाई स्टोरी पर आता हूं. यह कहानी शांति आंटी की देवरानी सरोजा की हे वह शांति आंटी के घर के पास ही रहती है. मतलब एक ही घर है जिस में २ भाग बने हुए हैं, शांति आंटी एक में और एक मैं सरोजा आंटी रहते हैं.

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

अब मैं सरोजा आंटी के बारे में बता देता हूं. वह एकदम खूबसूरत हैं, रंग गोरा और भरा हुआ शरीर. उनके बूब्स ४२ है कमर ३८ की हे और सेक्सी गांड ४० की है. यह मैं अपने अंदाज से बता रहा हूं और उनका पूरा बदन एकदम चिकना है, हाथ रखो तो फिसल जाए. वह दिखने में थोड़ी मोटी है पर है कमाल की और रही बात आंटी की तो उनके बारे में तो आपने मेरी पिछली कहानियों में पढ़ा ही होगा.

तो चलो अब चुदाई का कार्यक्रम शुरू करते हैं. यह घटना २ महीने पहले की है. उस दिन बारिश भी हो रही थी और मेरा लंड भी कुछ ज्यादा ही गर्म हो रहा था. तो मैं आंटी के घर पहुंच गया और उनको आवाज़ लगाई. तब वह छत पर कपड़े लेने गई थी तो उन्होंने छत से ही मुझे ऊपर आने को कहा. मैं भी ऊपर चला गया और कपड़े उतारने में उनकी हेल्प करने लगा. लेकिन बारिश भी इतनी तेज थी कि हम दोनों थोड़ी ही देर में एकदम पूरा तरह से भीग गए थे.

जब सारे कपड़े उतार लिए तब हम छत पर बने एक छोटे से रुम में चले गए जहां से सीड़िया नीचे जाती थी. आंटी ने सारे भीगे हुए कपड़े वहां की बकेट में डाल दिया. उन का भीगा बदन मुझ में जोश भर रहा था और वह मुझे ही देख रही थी. मैंने भी वक्त जाया ना करते हुए उनकी कमर को पकड़ा और बाहों में भर के किस करने लगा. दोस्तों क्या पल था वह और भीगे होठों पर किस करना तो सच में बहुत ही मजेदार होता है,

अब मैं धीरे धीरे उनके कपड़े उतारने लगा और वह मेरे कपड़े खोलने लगी. कुछ देर में वह पैंटी में और मैं अंडरवेअर में था. फिर मैं उनके बदन पर किस करने लगा. धीरे धीरे किस करते हुए में उनकी चूत तक आ गया और पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को चाटने लगा. बारिश के ठंडे पानी से भीगी चूत पर जब मैंने अपनी जबान घुमाई तो ऐसा लगा जैसे किसी गर्म चीज को छू रहा हूं. बिल्कुल अंगारे की तरह गर्म थी. कुछ देर बाद मैंने पैंटी उतार दी और अपनी एक उंगली चूत में डाल कर अंदर बाहर करने लगा और उनकी चूत के दाने को चाटने लगा. आंटि अहह ओह्ह हहह ओह्ह हहह उम् हाहाह ओह हहह उम्म्म जोर से कर रही थी. मजा आ रहा है और तेजी से कर और आंटी जड गई.

अब मैं खड़ा हो गया और वह अपनों घुटनों पर बैठ गई फिर मेरे लंड को बाहर निकाल कर मुंह में भर लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और वह उम् अह्ह्ह ओह्ह हहह ओफ्ह हहह कर रही थी और मुझे भी मजा आ रहा था. मेरे मुह से भी हह ओह्ह हहह ओह हहह और आंटी अहह ओह हहह ओह्ह बहोत मजा आ रहा हे आह्ह आयाह ह्हह्ह ओह्ह येस्स. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने आंटी को खड़ा किया और अभी की तरफ झुका कर लंड उसकी चूत में डाल दिया और झटके लगाने लगा. आंटी आहें भरने लगी और आंटी फिर झड़ गई मेरा भी होने वाला था तो मैंने स्पीड और बढ़ा दी. उनके पानी से उनकी चूत पूरी भीग गयी थी और चिकनी हो गई थी जिससे फच फच की मादक आवाज आ रही थी.

करीब २० मिनट बाद मैं भी आंटी की चूत में ही झड़ गया. जब हम चुदाई कर रहे थे तो हमें आस पास का कोई ख्याल नहीं था. पर जब हम फ्री होकर खड़े हुए और सीढ़ियों में देखा तो दोनों ही हक्के बक्के रह गए. हमारी हालत ऐसी की काटो तो खून नहीं क्योंकि सीढ़ियों में शांति आंटी की देवरानी सरोजा आंटी खड़ी थी. और वह वहा पर वह वहां कब से खड़ी थी इस बात का भी हमें कोई भी अंदाजा नहीं था.

जब हमारे होश ठिकाने आए तो जल्दी जल्दी में हम लोगों ने अपने अपने कपड़े फटाफट पहने. फिर मैं चुप चाप वहां से निकल गया. पपर शान्ति आंटी अभी वहीं खड़ी थी. उसके बाद उन दोनों के बीच क्या हुआ इसका मुझे कुछ भी पता नहीं था. क्योंकि मैं तो वहां से अपने घर आ गया था और मुजे बहोत फ़िक्र हो रही थी की अब क्या होगा? कही कमरा भांडा फुट गया तो. उसके बाद शाम को शांति आंटी का फोन आया और उन्होंने मुझे बताया कि कोई प्रॉब्लम जैसी बात नहीं है, और उन्होंने सरोजा को अच्छी तरह से समझा दिया है तब जाकर मेरे दिमाग से बोज थोड़ा कम हुआ. पर आंटी ने यह भी बोला कि कल रात में उनके घर ही सोऊंगा ईस बारे में वह मेरी मोम से बात कर लेगी.

मेरी मां और आंटी की अच्छी जमती थी तो मां मान गई और मुझे आंटी के घर सोने की परमिशन दे दी. मैं कल रात का वेट करने लगा मुझे लग रहा था कि कल रात की आंटी ने चुदवाने के लिए बुलाया होगा पर उनके दिमाग में तो कुछ और ही प्लान था. फिर में भी अगले दिन रात ८ बजे उनके घर पहुंच गया तब आंटी नाइटी पहन कर बैठी थी और टीवी  देख रही थी मैं भी उनके पास जाकर बैठ गया और टीवी  देखने लगा. कुछ देर बाद सरोजा आंटी भी वहां आ गई. उस ने लाल कलर की नाइटी पहनी हुई थी आते ही उन्होंने मुझे देखा और एक सेक्सी स्माइल करी और मेरे पास आकर बैठ गई और शांति आंटी ने टीवी बंद कर दिया. अब मेरा दिमाग ठनका और सारा माजरा मेरी समझ में आ गया की आज सरोजा आंटी की चुदाई करनी हे.

सरोजा आंटी के हस्बैंड भी दुबई में जॉब करते हैं और उनका एक बेटा और एक बेटी है जो नाना के घर गए हुए थे. पिछले २ साल से उनके हस्बैंड नहीं आए थे, तो वह सेक्स के लिए तड़प रही थी और बदनामी के डर से उन्होंने कुछ किसी और के साथ ऐसा करने की हिम्मत भी नहीं की, पर जब मुझे शांति आंटी की चुदाई करते देखा तो उनकी आग भी भड़क गई और शांति आंटी से मेरे लिए बात की इसलिए मुझे आज रात उनके घर सोने बुलाया था. अभी शांति आंटी हम दोनों को वहां अकेला छोड़कर सोने चली गयी और इधर मेरा सरोज आंटी पर टूट पड़ा उनको वही सोफे पर लिटा दिया और उन पर चढ़ गया.

मैंने अपने होठ उनके होठों पर रख दीये और किस करने लगा. सरोजा भी मेरा साथ देने लगी. हम दोनों एक दूसरे को डीप किस कर रहे थे. कुछ ही देर में हमारी सांसे गर्म हो गई करीब २० मिनट तक मैंने आंटी को लगातार किस किया उसी बीच मैंने अपने एक हाथ को उनकी नाइटी में डाल दिया और बूब्स दबाने लगा. आंटी मादक आवाजें निकल रही थी उनकी आवाज नहीं निकल रही थी ज्यादा, फिर मैंने उनको खड़ा किया और नाईटी निकाल दी उन्होंने अंदर कुछ नही  पहना था और अब नंगी थी मेरे सामने थी. उनका बदन लाइट में चमक रहा था फिर मैंने अपने कपड़े भी निकाल दिए.

अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए वैसे एक बात बता दूं दोस्तो. मुझे यह पोजीशन खूब पसंद है. अब आंटी नीचे से मेरा लंड का गपा गप अपने मुंह में ले रही थी और मैं उनके ऊपर उनकी चूत को चाट रहा था. आंटी की सिसकियां निकल रही थी जो पूरे कमरे में गूंज रही थी, बहुत दिनों से प्यासी हु आज उस की प्यास बुझाते सुमेर आह्ह ओह्ह हहह ओह हहह ओह हहह उम् अह्ह्ह ओह एस हहह उम्म्म ओह्ह हाहाह क्या मस्त चुसका है खाजा चूत को शांत कर दो इसे. अब मैं भी तांव में आ गया.

आंटी के मुंह में जोर जोर से झटके मारने लगा जिस से लंड आंटी की गले तक जा रहा था. और उनकी गुगु की आवाज़ आ रही थी और चूत में भी उंगली कर रहा था. कुछ देर बाद आंटी और मैं दोनों साथ में जड गए और हमने एक दूसरे का सारा पानी पी लिया. थोड़ा नमकीन स्वाद था उसका. तभी मेरी नजर कमरे के दरवाजे पर पड़ी जहां शांति आंटी खड़ी थी वह बिल्कुल नंगी थी और खड़े खड़े अपनी चूत में उंगली कर रही थी और बूब्स को दबा रही थी.

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

मेरी तो लॉटरी लग गई थी कि आज दोस्तों एक साथ चोदने को मिलेगी पर मन में थोड़ा डर भी था कि क्या मैं दोनों आंटियों को सैटिस्फाई कर पाऊंगा या नहीं? खैर जो भी हो मुझे आज चुदाई तो दोनों की करनी थी. तो मैंने शांति आंटी को भी हमारे बीच बुला लिया और आगे  क्या हुआ यह मैं आपको अगले पार्ट में बताऊंगा क्योंकि यह स्टोरी रात भर की चुदाई की है.

1 vote

Advertisements

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

Statutory Warning: This site is just for fun fictional stories on the site | All the stories sent by readers, is published on the site | Readers can view the personal stories | None of these stories to the editor or managing the class association | To use this website, you must be over 18 years of age, and you should have full adult Cetradikar legally or according to where you are using this website if you do not meet these requirements, If you do not have permission to use this website | Any item that is presented on this website, we do not claim to be their own |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer