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साली की चूत मे मेरा डंडा

मेरा नाम कमलेश पाठक है मैं बनारस का रहने वाला हूं मेरे पिताजी बनारस के एक बहुत ही बड़े डॉक्टर हैं उन्होंने मुझसे भी डॉक्टर बनने की उम्मीद रखी थी परंतु मैं डॉक्टर नहीं बन पाया क्योंकि मेरा रुझान बिजनेस की तरफ था इसीलिए मैंने अपना कारोबार शुरू कर लिया

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। मैंने 5 वर्ष पहले ही अपना कारोबार शुरू किया, मेरे पिताजी ने मेरी उसमें काफी मदद की और उन्ही की मदद की वजह से मैं अपना बिजनेस शुरू कर पाया, मेरा काम अच्छा चल रहा है और मेरी शादी को भी 3 वर्ष हो चुके हैं। एक बार मेरी साली हमारे घर पर आई हुई थी मेरी उससे कभी इतनी ज्यादा बात नहीं हो पाई लेकिन उस वक्त वह हमारे घर पर कुछ दिनों के लिए रहने आई हुई थी, वह बार-बार फोन पर ही बात कर रही थी मैं उसकी इस चीज को बहुत नोटिस कर रहा था मैंने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा भी क्या तुम्हारी बहन का किसी लड़के के साथ अफेयर चल रहा है? वह कहने लगी ऐसा तो कुछ भी नहीं है और मुझे इन सब चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वैसे भी शालिनी मुझे इन सब चीजों के बारे में नहीं बताती है।

जब उसने मुझसे यह बात कही तो मुझे उस पर यकीन नहीं हुआ क्योंकि शालिनी के हाव-भाव मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहे थे मैं शालिनी से सीधा तौर पर नहीं पूछ सकता था क्योंकि वह मेरी बड़ी इज्जत करती है और मैं उससे इतनी अधिक बात भी नहीं करता था। मैंने सोचा एक दिन मैं शालिनी के बारे में पता लगाता हूं, जब वह फोन पर बात कर रही थी तो मैं चुपचाप पीछे से उसकी बातें सुनने लगा, मुझे उस दिन तो ज्यादा जानकारी नहीं मिली लेकिन मुझे उस लड़के का नाम पता चल चुका था जिससे वह बात करती थी, उसका नाम सोनू है और वह बार-बार उसे सोनू कह कर ही संबोधित कर रही थी, अब मैं इतना तो समझ चुका था कि उसका किसी लड़के के साथ अफेयर चल रहा है और मैंने इस बारे में उसकी जानकारी इकट्ठा करवा ही ली। मुझे जब सोनू की जानकारी मिली तो वह एक नंबर का लफंगा और आवारा किस्म का लड़का है उसका काम सिर्फ लड़कियों को अपने जाल में फंसाना है और मैं नहीं चाहता था कि शालिनी भी उसके जाल में फंसे, मैं सीधे तौर पर तो शालिनी से बात नहीं कर सकता था लेकिन मैं सोनू को इस बारे में समझा सकता था।

एक दिन मैं सोनू के पास चला गया और जब मैंने सोनू को इस बारे में समझाने की कोशिश की तो वह मुझे कहने लगा है आप हमारे बीच में बोलने वाले कौन होते हैं, उसने मुझसे बड़ी ही बदतमीजी से बात की मैं भी चुपचाप वहां से चला आया और मैंने भी सोचा कि मुझे अब शालिनी के मैटर में कुछ भी बात करनी नहीं चाहिए परंतु मुझसे रहा भी नहीं जा रहा था और मैं नहीं चाहता था कि सोनू उसके जीवन को बर्बाद करें क्योंकि वह तो शालिनी के साथ टाइम पास कर रहा था, उसकी असलियत को मैं शालिनी के सामने लाना चाहता था उसके लिए मैंने काफी कोशिश भी की लेकिन शालिनी के तो कानो पर जैसे जू भी नहीं रेंग रही थी, वह उस पर आंख बंद कर के भरोसा करने लगी पहले तो वह फोन पर बहुत सारी बातें करते थे लेकिन अब उनका मिलना भी कुछ ज्यादा हो चुका था वह अपने घर भी जा चुकी थी लेकिन उसके बावजूद भी वह सोनू से हमेशा मिलती, मुझे यह बात बिल्कुल अच्छी नहीं लग रही थी और मैंने इस बारे में अपनी पत्नी को भी बता दिया। मेरी पत्नी कहने लगी कि आप शालिनी की जिंदगी को बर्बाद होने से बचा लीजिए क्योंकि उसे इन सब चीजों के बारे में कोई समझ नहीं है, मैंने उसे कहा ठीक है अब तो मुझे शालिनी को सोनू से दूर रखना ही पड़ेगा, मेरे पास इसका कोई भी रास्ता नहीं था और मैंने सोचा कि क्यों ना शालिनी के पापा से इस बारे में बात कर ली जाए,  ताकि वह उसके लिए कोई अच्छा लड़का देख ले। मैंने उन्हें एक लड़के के बारे में बता भी दिया वह बहुत अच्छा भी है और मेरे परिचय में भी है, मेरे ससुर जी तुरंत तैयार हो गए और उन्होंने शालनी से इस बारे में बात की तो शालनी टालमटोल कर रही थी लेकिन वह अपने पापा की बात को नहीं टाल पाई और जब उसने अपने पापा से कहा कि मैं अभी शादी नहीं करना चाहती तो उसके पापा ने कहा तुम्हारे लिए इतना अच्छा लड़के का रिश्ता आया है और तुम मना कर रही हो लेकिन उसे यह बात नहीं पता थी कि मैंने हीं ससुरजी से शालनी के रिश्ते की बात करवाई है लेकिन ज्यादा दिन तक यह बात भी छुपी ना रह सकी और जब शालिनी को इस बारे में पता चला तो उसने मुझे फोन किया और कहने लगी जीजा जी आप मेरे पीछे इतना क्यों पड़े हैं? मैंने उसे कहा तुम ऐसा क्यों कह रही हो।

वह कहने लगी मैं सोनू से बेहद प्यार करती हूं और उससे ही मैं शादी करना चाहती हूं लेकिन आपने पिताजी से मेरे रिश्ते की बात कहकर बहुत गलत किया, मैंने उसे कहा तुम घर पर ही रुको मैं घर पर आता हूं, मैं उसे मिलने के लिए घर पर चला गया। मैं शालिनी से मिलने के लिए घर पर गया तो  घर पर कोई भी नहीं था, मेरे ससुर कहीं बाहर गए हुए थे। मैंने उससे पूछा तुम्हारे पिताजी नहीं दिखाई दिया दे रहे। वह कहने लगी वह लोग कहीं बाहर गए हुए हैं। मै उसके पास बैठ गया मै उसे समझाने लगा लेकिन उसकी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था। मैंने जब उसके बदन को पकड़ा तो वह मुझे कहने लगी आप मुझे इतने कसकर क्यों पकड़ा है। मैंने उसे कहा तुम्हें शायद प्यार से समझाने का फायदा नहीं है तुम्हें समझ नहीं आता इसलिए मुझे यह रास्ता अपनाना पड़ेगा। मैंने उसे लेटा दिया मै उसके होठों को किस करने लगा। वह मुझसे  अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उसे छोड़ा नहीं। मै लगातार उसके बदन को दबा रहा था वह पूरे तरीके से मूड में हो गई।

मैंने भी उसके सलवार के नाड़े को खोलते हुए उसकी योनि को चाटना शुरू किया, जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था तो उसकी चूत गिली हो चुकी थी वह जैसे मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार बैठी थी। मैंने भी अपने मोटे लंड को बाहर निकाला और उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह बड़ी जोर से चिल्लाने लगी। वह कहने लगी आपने तो मेरी चूत फाड कर रख दी मुझे बहुत तकलीफ हो रही है मेरी योनि से खून निकलने लगा है। सोनू से पहले मैंने उसकी सील तोड़ी जब मैं उसे धक्के मारता तो वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लेती जिससे कि उसके बदन में करंट पैदा होने लगा और मेरे अंदर भी गर्मी का एहसास होने लगा। मैं जब उसके बदन की गर्मी को नहीं झेल पाया तो मेरा वीर्य शालिनी की योनि में प्रवेश हो गया। मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा उसे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और वह मुझे कहने लगी आप दोबारा से मेरी चूत मारो। मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालते हुए उसे हिलाना शुरू किया जब मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया तो मैने शालिनी की चिकनी चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि मे गया तो वह जोर से चिल्लाने लगी, मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैं उसे तेज गति से चोद रहा था जब वह पूरी तरीके से जोश मे होती तो मेरा लंड भी एक दम से तन कर खड़ा हो जाता। जब मैं उसे तेजी से पेलने लगा तो मै उसकी चूत की गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया। मैंने उसे समझाया और कहा तुम आज के बाद सोनू से ना ही मिलो तो ज्यादा बेहतर होगा लेकिन उसके बावजूद भी वह मेरी बात नहीं मानी। वह सोनू से मिलने के लिए जाने लगी लेकिन उसे खुद ही इस चीज का एहसास हो गया कि सोनू उसके साथ सिर्फ टाइम पास कर रहा है, सोनू ने उसके साथ संभोग कर लिया था। उसे लंड लेने की आदत हो चुकी थी इसलिए वह मेरे पास आ जाया करती और मुझे कहती जीजाजी सोनू से बेहतर तो आप ही हैं कम से कम घर का माल घर में ही तो रहेगा। मैं भी उसे हमेशा चोदता हूं।

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शीतल का रिश्ता भी हो चुका है लेकिन जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती तब तक मैं उसके यौवन का आनंद उठा सकता हूं और उसे भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं है।

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