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– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

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खेतों के बीचो बीच गरमा गरम भाभी के यौवन के मजे

मेरा नाम सुनील है मैं मुंबई का रहने वाला हूं, मैं बचपन से ही मुंबई में रह रहा हूं। मेरी बहुत सी लड़कियां दोस्त है और हम लोग हमेशा ही अपना इंजॉय करते हैं, मैं कॉलेज की पढ़ाई कर रहा हूं और मेरे पिताजी एक बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं। मुझे उन्होंने कभी भी कोई कमी नहीं होने दी, जब भी मुझे पैसों की आवश्यकता होती है तो मैं अपने पिताजी से कह देता हूं, वह मेरी इच्छा तुरंत ही पूरी कर देते हैं। मैं अपने आप में ही इतना ज्यादा खोया रहता हूं कि मुझे  अपनी पार्टियों से ही फुर्सत नहीं मिल पाती, मेरे सारे दोस्त भी मेरे तरीके के हैं, वह लोग भी हमेशा ही मुझसे कहते रहते हैं कि आज हम लोग कहीं बाहर आउटिंग पर चलते हैं लेकिन मैं अब इन सब से बहुत दूर हो चुका हूं और मैं सोचने लगा कि मुझे भी कुछ अलग करना चाहिए। मैंने जब इस बारे में अपने पिता से बात की तो वह कहने लगे कि तुम कुछ दिनों के लिए गांव हो आओ, गांव के माहौल में तुम कुछ दिन रहोगे तो तुम्हे बहुत अच्छा लगेगा।

मैंने कहा ठीक है मैं इस बारे में सोचता हूं लेकिन मैं आज तक कभी भी गांव नहीं गया और ना ही मैं गांव के माहौल में रहा हूं। मेरे पिताजी कहने लगे कि तुम चिंता मत करो, तुम कुछ दिन गांव में रहोगे तो तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा, मैंने पिताजी से कहा कि मैं भी चाहता हूं कि कुछ दिन मैं अलग माहौल में रहना चाहता हूं, पिता जी कहने लगे तुम गांव में चले जाओ, वहां पर तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा। हमारा गांव पंजाब में ही है और मैंने कुछ दिनों बाद अपने पिताजी से कहा कि ठीक है मैं गांव जाने का ही प्लान कर लेता हूं, आप वहां पर सारा अरेंजमेंट करवा दीजिएगा। मेरे पिताजी कहने लगे तुम बिल्कुल निश्चिंत रहो और तुम गांव चले जाओ, वहां पर तुम्हारे चाचा हैं वह सारा कुछ देख लेंगे। उन्होंने मुझे मेरे चाचा का नंबर दे दिया और मैं भी अब गांव जाने की तैयारी करने लगा। मैंने मुंबई से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट ले ली और उसके बाद मैं अपने गांव चला गया। जब मैं अपने गांव पहुंचा तो वहां पर आने जाने की बहुत ही समस्याएं हैं इसीलिए मुझे कुछ भी कन्वेंस गांव तक जाने के लिए नहीं मिल पा रहा था। मैंने अपने चाचा को फोन किया तो चाचा कहने लगे कि तुम वहीं पर रुक जाओ मैं तुम्हें लेने आता हूं, चाचा ही मुझे लेने के लिए आए। मैं चाचा से भी पहली बार ही मिला था क्योंकि वह कभी भी हमारे घर पर नहीं आए थे, मैंने चाचा से कहा कि यहां पर तो आने जाने की बहुत समस्या है, वह कहने लगे शाम के वक्त यहां पर कुछ मिलता नहीं है इसीलिए तुम्हें दिक्कत हो रही है।

चाचा अपनी बुलेट पर आए हुए थे और वह मुझे अपने घर ले गए, जब हम लोग आए उस वक्त काफी रात हो चुकी थी इसलिए कुछ भी अच्छे से दिखाई नहीं दे रहा था। जब मैं उनके घर पर पहुंचा तो वहां पर उन्होंने मुझे अपनी पत्नी से भी मिलवाया, वह लोग मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और कहने लगे कि तुम तो अब बहुत बड़े हो चुके हो, जब तुम्हारे पिताजी काफी साल पहले गांव आए थे उस वक्त तुम बहुत ही छोटे थे, मैंने उनसे कहा कि मुझे भी अच्छे से याद नहीं था इसीलिए मैं रास्ता भी भटक चुका था। चाचा बहुत ही अच्छे दिल के है और वह मुझे कहने लगे तुम खाना खा लो, मैंने जब खाना खाया तो मुझे खाना खाकर उस दिन बहुत मजा आ गया और कुछ देर हम लोग छत पर ही बैठे रहे। चाचा मुझे कहने लगे कि क्या तुम शराब पीते हो, मैंने उन्हें कहा कि वह तो मैं अपने बैग में लेकर ही घूमता हूं, चाचा मेरी इस बात से हंसने लगे और कहने लगे चलो लाओ फिर आज तुम्हारे साथ ही बैठकर हम लोग जश्न मनाते हैं। मैं अपने बैग से शराब की बोतल ले आया और उसके बाद हम दोनों ही छत में बैठ कर दारु पीने लगे, हम दोनों ने काफी देर तक शराब पी। उस दिन मैंने चाचा के साथ खुलकर बात की, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और गांव का मौसम भी बहुत अच्छा था। जब मैं सुबह उठा तो सब लोग उठ चुके थे, मेरे चाचा कहने लगे तुम बड़ी देर में उठते हो, मैंने उन्हें कहा कि अभी तो सिर्फ 9 ही बज रहे हैं, वह कहने लगे 9 बजे तो यहां सारे कुछ काम हो जाया करते हैं। मैं उस दिन उठा और मैं फ्रेश होने लगा, मैंने फ्रेश होकर नाश्ता किया और नाश्ता करने के बाद चाचा से कहा कि मैं गांव में घूमने के लिए निकल रहा हूं यदि मुझे कोई दिक्कत होगी तो मैं आपको फोन कर दूंगा, चाचा कहने लगे ठीक है तुम मुझे फोन कर देना, जो कुछ भी समस्या हो।

मैं अब अकेले ही घूमने के लिए निकल पड़ा, मैं जब गांव में घूम रहा था तो वहां पर कुछ बच्चे हैंडपंप पर खेल रहे थे मैंने उनकी तस्वीर ले ली और जब मैंने उन्हें उनकी तस्वीर दिखाई तो वह लोग बहुत खुश होने लगे। मैं उनके साथ ही कुछ दूर तक पैदल पैदल चलता गया, मैं जो भी फोटो लेता वह सब मैं अपने इंस्टाग्राम में डाल देता। मेरे एक दोस्त ने मुझे फोन किया और कहा कि तुम आजकल कहां घूम रहे हो, मैंने उसे बताया कि मैं अपने गांव आया हुआ हूं, मैं उससे बात करते करते ही चल रहा था और आगे ही चल कर मैं गिर पड़ा, मेरा पैर पता नहीं किस चीज में फंसा। मैं बहुत तेज गिरा, जिससे कि मेरा कैमरा भी टूट चुका था, जब मैंने अपना कैमरा देखा तो मैं बहुत ही दुखी हुआ और वहीं बैठ गया, काफी देर तक मैं वहीं बैठा हुआ था। आगे से हॉट भाभी आ रही थी उसने पटियाला सूट पहना हुआ था, उसका यौवन देख कर मैं पिघलने लगा। जब वह मेरे पास आई तो मुझसे उसने पूछा कि आप यहां ऐसे क्यों बैठे हो। मैंने उसे बताया मेरा पैर यहां किसी चीज में फस गया और मैं गिर गया जिससे कि मेरा कैमरा टूट गया।

वह मेरे साथ बात करने लगी लेकिन मैं उसके स्तनों को देख रहा था। वह समझ चुकी थी मुझे उससे क्या चाहिए मैंने जब उन भाभी का हाथ पकड़ा तो वह मुझे कहने लगी हम लोग खेतों में चलते हैं। मैं समझ गया वह बहुत ज्यादा ही लंड की भूखी हैं। मैं भाभी को खेतों में ले गया उन खेतो के बीच कुछ भी नहीं दिख रहा था। मैंने जब उनके होठों को अपने होठों में लिया तो मुझे एक अलग ही फीलिंग आने लगी। जब मैंने उनके कपड़े खोले तो उनके स्तन देख कर मेरा वीर्य गिर गया। मैं उनके नंगे बदन को देखकर पागल हो गया और मेरा मूड खराब हो चुका था। मैंने भी उन भाभी को कसकर पकड़ लिया और उनके स्तनों का रसपान किया तो वह भी अब पूरी मचलने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत तुम फाड़ कर रख दो। मैंने उन्हें कहा भाभी आप सब्र रखो मैं अभी आपकी चूत का भोसडा बना कर रख देता हूं। मैंने जैसे ही उनकी गिली चूत पर अपने लंड को रखा तो वह मचलने लगी, मैंने धीरे धीरे उनकी योनि के अंदर अपने कडक लंड को डाल दिया। मेरा लंड जब उनके अंदर जा रहा था तो वह पूरे मूड में आने लगी और मेरा लंड अब उनकी योनि के अंदर तक जा चुका था। मैं जब उन्हें झटके मार रहा था तो मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा था वह पूरे मूड में आ गई, वह कहने लगी थोड़ा तेज तेज मुझे धक्का मारो। मैंने उन्हें इतने तेज तेज झटके मारे कि उनका पूरा शरीर दुखने लगा उनकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा। भाभी ने कहा तुम्हारा लंड लेकर मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। जब वह झड़ गई तो उन्होंने मुझे जकड़ लिया और मैंने उन्हें तेज गति से झटके मारे लेकिन मेरे वीर्य जल्दी ही गिर गया। मेरी इच्छा बिल्कुल नहीं भरी थी मैंने भी उन्हें घोड़ी बनाते ही उनकी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मेरा कडक लंड उनकी गांड में घुसा तो उछल पड़ी उनकी गांड से खून की धार निकल रही थी। मैंने भी उनकी बड़ी बड़ी चूतडो को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा। मैंने उन्हें इतनी तेज तेज झटके मारे उनका पूरा शरीर दर्द होने लगा वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिला रही थी। 5 मिनट के बाद ही मेरा माल उनकी टाइट गांड के अंदर गिर गया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और भाभी ने कहा कि कल से तुम इसी वक्त आ जाया करना और मेरे हुस्न का स्वाद चख लेना। मै हमेशा शाम को उसी वक्त जाता हूं और भाभी मुझे अपने हुस्न का रसपान कराती है।

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