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भाई से चुदना चाहती थी लेकिन उसके दोस्त ने चोद कर मेरी सील तोड़ी

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम रानी शर्मा है. मेरे घर में मैं, मेरे मम्मी पापा और भाई है. पापा दुबई में जॉब करते हैं और मम्मी नर्स है. भाई ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद जॉब ढूंढ रहा है और वह ज्यादातर टाइम फ्री ही रहता है.

मैंने अभी १2 वी क्लास में एडमिशन लिया है, और दिखने में थोड़ी मोटी मतलब हेल्दी हु. मेरा फिगर ३२-३०-३४ है. गर्ल स्कूल में पढ़ाई करती हूं, और स्कूल घर के पास ही है तो बॉयफ्रेंड कभी बना नहीं है.

हमने सिटी में घर रेंट पर लिया हुआ था जिसमें एक रूम, रसोई और वोशरूम है. और तीसरे माले पर है, क्योंकि घर की हालत ज्यादा ठीक नहीं है. पापा दुबई में ड्राईवर की जॉब करते हैं और ज्यादा नहीं कमा पाते हे, इसलिए मम्मी को ज्यादातर टाइम ओवरटाइम काम करना पड़ता है, मम्मी नाइट शिफ्ट में ज्यादा काम करती हैं क्योंकि नाइट शिफ्ट में ज्यादा सैलरी मिलती है. मम्मी दिन में चार से पांच के बीच हॉस्पिटल चली जाती है और फिर सुबह ७ से ८ के बीच आ जाती है.

मेरा स्कूल ८ से ३ बजे तक होता है. तो फ्रेंडस ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधे स्टोरी पर आती हु. जब मैं स्कूल से आती हूं तो मम्मी ऑफिस के लिए रेडी हो जाती है और मम्मी के निकलते ही भाई भी अपने आवारा दोस्तों के पास निकल जाता है.

तो मैं अक्सर टाइम पास करने के लिए भाई के लैपटॉप पर मूवी देखने लग जाती हूं. एक बार मेरे पास देखने के लिए कोई मूवी नहीं थी तो मै ऐसे ही लैपटॉप में फोल्डर को ओपन करके देख रही थी. मेरी नजर एक फोल्डर पर गई जिसके अंदर फोल्डर ही फोल्डर बने हुए थे. वह सब को ओपन करके देखती रही पर सब खाली ही थे.

पर ५-७ फोल्डर देखने के बाद एक फोल्डर आया जिसके अंदर वीडियोज ही वीडियोज थे. एक वीडियो चलाया तो देखा यह तो नंगा लड़का एक नंगी लड़की के बिल्कुल पास खड़ा है, और उसके लिप्स चूस रहा है. मैं समझ गई कि यह गंदे वाली मूवी है जिनके बारे में सुना तो बहुत था पर कभी देखी नहीं थी

मैं उसे दिखने लगी लड़का पहले तो लड़की के लिप्स चूसता रहा फिर बूब्स चूसने लगा. फिर लड़की ने लड़के का बड़ा सा लंड पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया और पागलों की तरह चूसने लगी. फिर लड़के ने लड़की की टांग फैलाई और लड़की की चूत पर अपना मुंह लग दीया और चूत को चाटने लगा. यह सब देखकर मैं तो बहुत ज्यादा गर्म हो गई, फिर लड़के ने अपना बड़ा सा लंड लड़की की चूत में डाल दिया और उसे जोर जोर से चोदने लगा. वीडियो लगभग ३० से ४० मिनट की थी और लास्ट में लड़के ने अपना पूरा माल लड़की के बूब्स पर और उसके मुंह पर गिरा दिया.

में तो वीडियो देखकर पागल सी हो गई, और एक के बाद एक काफी सारी वीडियो देख ली. मैं एक एक सिन को ध्यान से देख रही थी. मुझे पता ही नहीं चला कि कब ९ बज गये एक मूवी खत्म हुई तो मेरी नजर बहार की तरफ चली गई, पर अंधेरा हो गया था.

मेरा मूवी बंद करने का मन तो नहीं कर रहा था पर मैंने मन मारकर लैपटॉप बंद कर दिया और खाना बनाने लगी. पर मेरी आंखों के सामने बस चुदाई ही चुदाई चल रही थी. दिमाग में कुछ और आ ही नहीं रहा था.

मेरी चूत बस पानी छोड़े जा रही थी, खाना बनाने के बाद मैं वाशरूम में गई और चूत में उंगली करने लगी, जिस से कुछ देर तो शांत रही पर फिर से चूत में आग लगने लगी.

कुछ देर में भाई आ गया तो मैंने उसे खाना दिया और खुद भी खाया. हम दोनों भाई बहन एक ही बेड पर सोते थे, क्योंकि हमारे पास एक ही बेड था, अगर मम्मी होती तो उस दिन भाई चारपाई लगा लेता था.

रात को मेरी चूत में मुझे बहुत तंग किया, भाई साथ में लेटा हुआ था इसलिए मैं ज्यादा हरकत भी नहीं कर सकती थी, बस चुपचाप लेटी रही. भाई रात को ११ से १२ के बिच रूम के टॉप पर जाता था जहां पर वह और हमारे पड़ोस में रहने वाला एक लड़का सिगरेट पीते थे. उसके बाद भाई आकर सो जाता था. भाई के जाने के बाद मैंने चूत को शांत करने की कोशिश की पर कुछ देर में फिर से चूत मचलने लगी. उस रात तो मैंने किसी तरह से रात निकाली.

सुबह नींद आ रही थी क्योंकि रात को सोई नहीं थी पर स्कूल जाना था इसलिए उठना पड़ा और नहा धोकर रेडी हो गई और स्कूल के लिए निकल गई. घर आकर चेंज किया खाना खाया और मम्मी के जाने का वेट करने लगी. मम्मी के जाने के बाद कुछ देर में भाई बाहर चला गया, तो मैं फिर से मूवी देखने लगी.

अब तो मेरा रोज का यही काम हो गया था. मेरी चूत की आग बढ़ती जा रही थी. उंगली करने से कुछ शांति फिर से चूत में आग लग जाती, जवानी का नशा तो पहले से था बची हुई कसर मूवीज ने पूरी कर दी थी. मेरे आस पास भाई के अलावा कोई नहीं होता था इसलिए मैंने उस पर ही लाइन मारनी शुरू कर दी.

अब में घर पर आते ही स्कूल ड्रेस चेंज नहीं करती थी, मम्मी बोलती तो मैं बोलती कि थोड़ी देर तक कर लूंगी मैं, और जैसे मम्मी चली जाती, भाई का बॉक्सर और एक पुराना टॉप पहन लेती जो काफी टाइट हो गया था. पहले दिन तो भाई ने बोला  कि यह क्या पहन लिया? तो मैंने कहा भाई गर्मी लगती है.

मे रोज ऐसा करती थी, बोक्सर में मेरी गांड एकदम उभर कर बाहर आ जाती और टॉप मैं मेरे बूब्स कहर मचाते थे. पर जीसे दिखाने के लिए यह सब कर रही थी उसे मुझ में कोई इंटरेस्ट ही नहीं था. मेरी यह कोशिश फेल होती दिखी तो मैंने दूसरी कोशिश ट्राय की. मुझे थोड़ा डर भी लगा पर चूत की आग डर पर भारी पड़ गई.

रात को जब मैं सोने लगी तो कुछ देर बाद ही भाई की तरफ हो गई और धीरे धीरे उसे चिपक कर सो गई. उसने एक दो बार मुझे हिलाकर जगाया पर में जानबूझकर सोने की एक्टिंग करती रही. जब उसके ऊपर जाने का टाइम हुआ तो उसने मुझे अपने से दूर किया और चला गया. जब तक वह आया तब तक मैं सो चुकी थी.

अब में हर रोज ही ऐसा करने लगे. कुछ दिनों में इसका असर भी शुरु हो गया. अब जब मैं सोते हुए भाई के पास चिपकती तो वह खुद ही मुझे चिपक के सो जाता था. मेने अपनी एक टांग भाई के ऊपर रख ली थी और किसी तरह से उसका लंड चूत पर मसाज करने की कोशिश करती रहती.

अब जब भाई उपर जाता तो मैं उसके जाने के बाद जागती रहती और जब वह आता तो सोने की एक्टिंग शुरू कर देती और फिर से उसे चिपक कर सो जाती. कभी दूसरी तरफ मुंह करके सोती तो वह मुझे चिपक जाता और में उसका लंड अपनी बेक पर फिल करती थी.

पर वह इससे आगे बढ़ नहीं रहा था. रात को सोते हुए मैंने ब्रा और पैंटी पहनना भी बंद कर दिया ताकि उसको अच्छे से फिल करा सकूं और वह मुझे फील कर सके.

पर आज कल उसे ना जाने क्या हो गया था? ऊपर जाने से पहले तो बहुत ठीक होता था, पर जब वो नीचे आता था तो आते ही सो जाता था उसके मुंह से अलग सी स्मेल भी आती थी, जो सिगरेट कि नहीं लगती थी और ना ही शराब की लगती थी.

एक दिन जब मेरा भाई आया तो वह एकदम नशे में था, उसे ढंग से चला भी नहीं जा रहा था, पडोस वाले लड़के ने उसे पकड़ा हुआ था और वह उसे अंदर रूम में लेकर आया.

भाई को ऐसे देखकर मैं एकदम से उठ गई और बोली क्या हुआ? तो अनवर जो हमारे पड़ोस में रहता था और मेकेनिक का काम करता था और २५ से ३० साल के बीच में उसकी उम्र थी, वह एकदम हट्टा कट्टा मर्द था. अनवर ने कहा कि भोसडीके ने ज्यादा माल पि लीया. मैं तो मना कर रहा था पर माना ही नहीं और दो सिगरेट का माल एक में ही डाल कर पी गया, चढ़ गई साले को.

उसने भाई को बेड पर गिरा दिया और मे भाई को ठीक से लेटाने लगी में जब भाई को चादर ओढ़ कर हटी तो देखा कि अनवर मेरी बेक को घुर रहा था और जब मेने उसकी तरफ देखा तो वह मेरे बूब्स को घूरने लगा, उसे ऐसे करते देख मेरे अंदर हलचल होने लगी.

मेने उसकी नजर पकड़ ली और उसकी तरफ देखकर स्माइल कर दी, और बोली थैंक्यू तुम भाई को लेकर आ गए, पानी पियोगे? तो उसने हां में सर हिला दिया. में जग से गिलास में पानी भर ही रही थी कि भाई जोर से खासा और वोमिट करने लगा. अनवर ने उसे उठाया और वोशरूम की तरफ ले गया, या फिर भाई ने वमिट की, उसके बाद मैंने पहले भाई को पानी दिया तो उसने गिलास पकड़ कर पानी पी गया और अनवर ने उसे दोबारा बेड पर लिटा दिया.

फिर मैंने अनवर को एक ग्लास पानी दिया तो उसने पानी पी लिया और खाली गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया, गिलास पकड़ते हुए में बोली कि भाई को फिर से वमिट हो गई तो?

अनवर ने कहा अब नहीं होगी, फिर मेरी तरफ देखता हुआ बोला तुम कहो तो मैं कुछ देर यहीं पर रुक जाता हूं, उसने तो मेरे मन की बात बोल दी और मेने भी फोरन हां कर दी और बोली हां तुम कुछ देर यही पर रुक जाओ.

उसके बाद मेंने भाई के ऊपर चादर ढक दी और फिर से भाई के साथ ही लेट गई और दूसरी साइड में जगह बनाकर अनवर को कहा कि तुम भी लेट जाओ कुछ देर, अनवर मेरी फीलिंग्स को समझ गया था.

वह मेरे पास आकर लेट गया मैंने लाइट ऑफ कर दी और भाई की तरफ मुंह कर के लेट गई. अनवर मेरे पीछे लेटा हुआ था. कुछ ही देर में अनवर ने अपना एक हाथ मेरी कमर पर रखा, उसका हाथ एकदम मस्त था. जब मेरे तरफ से कोई रिएक्शन नहीं हुआ तो वह मेरे बिल्कुल करीब आ गया, उसका लंड मेरी बेक पर टच करने लगा.

अब उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और मेरे बूब्स को दबाने लगा. मेरे दूध उसके  बड़े बड़े हाथों में समा रहे थे, वह बहुत तेज दबा रहा था, जिससे मुझे तकलीफ हो रहा था, पर उस दर्द में भी मुझे मजा आ रहा था.

अब तो थोड़ा हटा और उसने अपने कपड़े निकाल दिए ओर फिर से मेरे पीछे चिपक गया और मेरे बूब्स दबाने लगा, और मेरे गाल पर तो कभी गर्दन पर किस करने लगा, में बस उसी पोजीशन में लेटी रही.

अब वह अपने हाथ मेंरे बॉक्सर पर ले गया और मेरे बॉक्सर को उठाने लगा, मेरे लेटे होने की वजह से उसे प्रॉब्लम हो रही थी तो मैंने अपनी बेक थोड़ी उपर उठा दी जिस से बोक्सर आराम से निकल गया, मेरे नीचे कुछ भी नहीं पहना था.

अब वह फिर से मेरे पीछे लेट गया और अपने लंड को मेरी चूत पर सेट करने लगा. उसका गरम लंड मेरी चूत पर टच होते ही मेरी चूत में खलबली सी मच गई और मुझे जोर का करंट लगा, जिससे मैं कांप सी गई.

उस ने देर ना करते हुए लंड को पकड़ा और जोर लगाकर अंदर करने की कोशिश की, पर लंड अंदर नहीं गया और आगे की तरफ स्लिप हो गया, मेने अपनी टांगों को थोड़ा खोल दिया और एक टांग को आगे की तरफ करके लेट गई, अब उसने फिर से लंड को चूत पर लगाया और एकदम से जोर लगा दिया उसका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया.

मुझे बहुत दर्द हुआ और मेरे मुह से आई आऊ अह्ह्ह मम्मी निकल गई और मैं उठने की कोशिश करने लगी.

वह एकदम हट्टा कट्टा मर्द था. वह मुझे कहा हिलने देता? उसने पूरा जोर लगा के पूरा लंड अंदर पेल दिया. मैं तो दर्द से बिलख पड़ी और रोते हुए बोलने लगी छोड़ दे प्लीज.

वह बोला रंडी साली चुप कर और वह धक्के लगाने लगा. जीस से मेरा दर्द धीरे धीरे कम होने लगा और कुछ देर में दर्द के साथ मजा आने लगा.

उसका लंड बहुत तेजी से अंदर बाहर हो रहा था जिससे मेरी चूत से पच पच की आवाज आने लगी थी क्योंकि मेरी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और मैं तो स्वर्गलोक में पहुंच गई थी.

उसने अपने धक्को की स्पीड एकदम तेज कर दी और कुछ ही देर में तेज गरम गरम धार मुझे मेरे पेट में महसूस हुई. वह फिलिंग ऐसी थी कि मेरे उस का एहसास बता नहीं सकती, अब वह धीरे धीरे धक्के मारता हुआ शांत हो गया और मेरे ऊपर लेट गया.

में भी एकदम शांत हो गई और ऐसे ही लेटी रही. फिर वह मेरे ऊपर से हटकर साइड में लेट गया तो मैं भी उसकी तरफ मुंह करके लेट गई और स्माइल के साथ उसे देखने लगी तो उसने कहा  तू तो बहुत मस्त लौंडिया निकली.

मैंने उसे कहा बच्ची नहीं हूं में अब बड़ी हो गई हूं. तो उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे बूब्स को दबाता हुआ बोला वह तो मैं देख चुका हूं जान, और मेरे गाल पर मुह लाकर किस करने लगा. उसकी हरकतें मुझे फिर से गर्म करने लगी, और कुछ देर में उस का लंड भी खड़ा हो गया.

अब उसने  मुझे अपने लोडे पर बैठने का इशारा किया. मैं भी उसकी बात को समझ गई और उसके लंड को अपने हाथ से अपनी चूत पर सेट कर के उस पर बैठने लगी. मुझे दर्द हो रहा था पर मैं किसी तरह से आराम आराम से उसके लंड को अंदर ले रही थी. तभी उसने मुझे पकड़ कर नीचे से झटका मारा और पूरा लौड़ा मेरे अंदर चला गया. मेरे मुह से आऔउ ईई आईई माँ की आवाज निकल गई और चेहरे पर दर्द भरे भाव आ गए थे.

पर उसने मेरे दर्द को नजर अंदाज करते हुए नीचे से धक्के मारने शुरू कर दिए, कुछ ही देर में मेरा दर्द एकदम से गायब हो गया. अब मैं भी उसके लंड पर उछलने लगी जैसा मैंने मूवीज में देखा था.

मैं बिल्कुल वैसे ही उसके लंड पर उपर निचे हो रही थी और वह बस लेटा हुआ था और मेरी कमर पर हाथ रखा हुआ था, मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने दोनों हाथ उसकी चेस्ट पर रखे हुए थे और घुटनों के बल होकर पूरी स्पीड से अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी.

मेरे रूम में आवाज गूंजने लगी. मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और शायद उसे भी उसने मुझे एक दम सा पलटा और अपने निचे लेकर स्पीड से धक्के लगाने शुरू कर दिया, और कुछ देर में अपना माल फिर से मेरे अंदर में उगलने लगा.

अब तो मैं पूरी तरह से थक गई थी, शांत होने के बाद वह मुझे फिर से हग कर के लेट गया और में भी नंगी उसकी छाती पर हग कर के लेटी रही.

करीब २०-२५ मिनट बाद मैंने उसे कहा कि अब तुम चले जाओ क्योंकि मम्मी सुबह किस टाइम आ जाए पता नहीं चलता. तो उसने कहा मन तो तुझे एक बार और चोदने का कर रहा है.

मैंने कहा कल चोद लेना तो वह हसता हुआ बोला तो तुझे कुत्ती बना कर चोदूंगा, मैंने भी स्माइल करते हुए कहा ठीक है. उसके बाद उसने कपड़े और रुम से बाहर चला गया. मैंने भी वोशरुम में जाकर खुद को साफ किया फिर कपड़े पहन कर सोने चली गई.

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