SexKahani.Desi

– Antarvasna Hindi Sex Stories - Kamukta Non Veg Story - Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures - Indian Sex Stories

Advertisements

गर्लफ्रेंड को चोद सील तोड़ा (Meri Pehli Chudai Girlfriend Ko Chod Seal Toda)

मैं जिससे प्यार करता था, उसको मैंने इजहार किया। उसने मेरे इजहार को स्वीकार किया और मैंने Meri Pehli Chudai के मौके पर उसकी कुँवारी चूत चोदने का मजा लिया..

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

मैं जिससे प्यार करता था, उसको मैंने इजहार किया। उसने मेरे इजहार को स्वीकार किया और मैंने Meri Pehli Chudai के मौके पर उसकी कुँवारी चूत चोदने का मजा लिया.. कैसे चोदा मैंने उसकी कुँवारी चूत..?? जानिए.. इस कहानी में..!!

एक दिन रविवार को मेरी प्रेमिका ने अपने घर बुलाया और मुझे गले लगा लिया। उसके कसी कसी चूचियाँ मेरे छाती को छूने लगी तो मेरा लौड़ा खड़ा हो गया। जब वो नाश्ता बनाकर आई, तब मैंने अपने उसके होंठों को चूमते हुए, उसकी चूचियों को दबाने लगा जिसमें वो भी मेरा भरपूर साथ देने लगी और मैंने उसकी कुँवारी चूत की मस्ती भरी चुदाई की..

हेलो दोस्तो,

मेरा नाम राहुल है और मैं दिल्ली से हूँ। मेरी उम्र 26 है और मैं दिखने में अच्छा खासा हूँ। अब कहानी पर आते हैं।

बात 6 साल पहले की है, तब मेरी कॉलेज में मेरी एक क्लासमेट थी, उसका नाम नेहा था। वो बहुत सुंदर थी और मुझे बहुत अच्छी लगती थी।

हालांकि, मैं उसे कहने में डरता था, वैसे वो भी मुझे चाहती थी मेरी बहुत ख्याल रखती थी। अगर मैं कॉलेज ना जाऊँ, तो वो गुस्सा हो जाती।

अगले दिन वो मुझे ङाटती और कहती- नहीं आना था तो मुझे बता देते, मैं भी नहीं आती।

मैं उसे जानबूझकर नहीं बताता था, क्योंकि जब वो मुझे ङाटती तो उसमें प्यार झलकता था,

पूरे कॉलेज में सब यह समझते थे, कि हम दोनों का चक्कर है, लेकिन ऐसा था नहीं।

एक दिन, नेहा की सहेली ने मुझे कहा- तुम उसे कहते क्यों नहीं कि तुम उससे प्यार करते हो।

मैंने कहा- वो बुरा मान गई, तो मैं उसकी दोस्ती नहीं खोना चहता।

नेहा की दोस्त ने कहा- ऐसा कुछ नहीं होगा, वो भी तुम्हें बहुत चाहती है।

इतने में नेहा आ गई और दोपहर के खाना का समय था, तो नेहा ने कहा- राहुल खाना खा लो। मेरे लिए खाना वही लाती थी।

नेहा की दोस्त मुझे इशारा कर रही थी, कि मैं उसे इजहार करूँ।

मैंने नेहा से कहा- मुझे तुमसे कुछ बात करनी है?

वो बोली- कहो क्या पूछना चाहते हो?

मैंने कहा- नेहा मुझे अकेले में बात करनी है?

नेहा ने अपनी दोस्त को बाहर जाने का इशारा किया, और वो चली गई

नेहा ने पूछा- क्या हुआ सब ठीक तो है ना? कोई दिक्कत है क्या?

मैंने कहा- नहीं ऐसा कुछ नहीं है।

उसने कहा- तो क्या हुआ बताओ?

मुझे समझ नहीं आ रहा था, कैसे कहूँ?

उसने फिर पूछा- बोलो ना क्या हुआ?

मैंने हिम्मत करके बोल दिया, पहले तो वो कुछ नहीं बोली फिर हँसने लगी

उसके बाद मुझे एक चांटा मार दिया, मेरे तो होश उड गए, लेकिन उसने मुझे गले लगा लिया और रोने लगी।

मुझे चांटे के लिए माफ़ी मांगी और कहा- पहले नहीं बोल सकते थे, मुझे चूम लिया और लव यू कहा।

तब मेरी जान में जान आ गई, फिर मैंने उसे शाम को कहीं बाहर चलने को कहा- उसने तुरन्त हाँ कर दी।

शाम को हम मिले कार में बैठे और खाना खाने गए और उसके बाद थोड़ा घूमे।

मैंने उसे उसके कमरे पर छोड़ दिया, रात को उसका कॉल आया और हम बातों में लग गए।

नेहा ऩे कहा- कल रविवार है! तो कॉलेज की छुट्टी है, तो तुम सुबह 9 बजे मेरे कमरे पर आ जाना बहुत सारी बातें करनी है।

उसके बाद हम दोनों ने, एक दूसरे को गुड नाइट और लव यू कहा फिर हम सो गए।

गर्लफ्रेंड घर बुला दिया पहली चुदाई का मौका

अगले दिन मैं उसके कमरे पर पहुँचा तो उसने दरवाजा खोला और उसके बाद दरवाजा बन्द करते के साथ मुझे गले लगा ली।

मैंने उसके होंठों पर चूमा और उसने भी मेरा साथ दिया, फिर वो बोली- मैं नाशता बना लेती हूँ फिर हम बैठ कर बातें करते है।

मैंने पूछा- मैं तुम्हारी कुछ मदद करूँ?

उसने मुझे कहा- ठीक है! लेकिन तुम रसोई में कुर्सी पर बैठो।

मैंने कहा- ठीक है! अब वो नाशता बनाने लगी और मैं उसके पीछे बैठ कर उसे देख रहा था और बातें कर रहा था।

अब मैं उठा और उसे पीछे से पकड़ लिया, तो वो डर गई।

मैंने पूछा- क्या हुआ? तो वो मेरी ओर मुड़ी और मुझे चूम लिया, उसके बाद उसने मुझसे कहा- नाशता कर लो, फिर आराम से बैठते है।

मैंने कहा- इतनी जल्दी भी क्या है? बाद में कर लेंगे।

उसने कहा- चुपचाप नाश्ता करो!

मैं गुस्सा हो गया और बाहर बरामदे में बैठ गया, वो भागते हुए मेरे पीछे आई और मुझे पकड़ा और माफ़ी मांगी।

अब उसने कहा- अरे अब तो नाश्ता कर लो, फिर जो कहोगे वही करूँगी।

मैंने कहा- जा तू नाश्ता ही बना, मुझे मत बना।

इस पर उसने कहा- बस 2 मिनट! अभी आई ऩा बेबी!

मैंने कहा- ठीक है! वो जल्दी से गई, नाश्ता लेकर आ गई और वो मेरे से चिपकर बैठ गई।

मैंने उसे पकड़ कर अपनी गोद में बिठा लिया, फिर उसने मुझे अपने हाथों से नाश्ता कराया।

अब उसकी गांड मेरे लण्ड पर थी, जो अब खड़ा हो गया था लेकिन मैंने कुछ नही किया।

हमने नाश्ता किया, वो सारे बर्तन उठा कर किचन में रखने चली गई और जैसे ही वापस आई, मेरे से लिपट गई।

मैंने उसे चूमा और हम दोनों बेड पर लेट गए, अब मैंने उसे चूमना चालू कर दिया और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।

रसदार चूचियों को मसलने का आनन्द

उसका फिगर 32 24 34 का था, मैंने उसके दूध पर हाथ रखा और दबाने लगा।

अब मैंने उसे अपने उपर खींच लिया और होंठों को खूब चूमने लगा।

मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और धीरे से उसकी गांड पर ले गया, और दबा दी।

वो बहुत गर्म हो गई थी, उसने अपनी कमर मेरे लण्ड पर दबा दी और जोर से मेरे होंठों को चूमने लगी

मैंने भी अपना हाथ उसकी सलवार में डाल दिया और उसकी गांड के उपर से हाथ उसकी चूत पर ले गया।

उसकी चूत जो पूरी गीली हो चुकी थी, मैं एक उंगली से उसकी चूत सहला रहा था और वो अपनी कमर हिला रही थी।

मैंने उसे अपने उपर से उतारा और उसकी सलवार कमीज उतार दी और पैन्टी उतारते ही उसकी लाल और गीली चूत दिखी।

उसने भी मुझसे कहा- राहुल जो करना है, जल्दी करो। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली कर दी और अन्दर बाहर करने लगा। साली एकदम चोखा माल थी!

अब मैं अपने सारे कपड़े खोलकर पूरा नंगा हो गया और अपने खड़े लण्ड को उसकी चूत पर रखकर सहलाने लगा।

प्रेमिका की कुँवारी चूत चोदने का मजा

वो अपनी आँखें बन्द किए हुए, हल्की हल्की आवाजें निकालने लगी। अब मैं अपने लौड़े को उसकी चूत में धीरे धीरे घुसाना शुरू किया।

मेरा लौड़ा थोड़ा सा ही घुसा होगा, वो जोर से चिलाने लगी- उई माँ! मरर गई! प्लीज निकालो राहुल! मैं मरर जाऊँगी!

मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने आव देखा ना ताव! और कसकर एक धक्का मारा, मेरा लौड़ा चूत को चीरते हुए पूरा अन्दर घुस गया।

अब तो उसकी चीख पूरे कमरे में गूँज गई और अपने दर्द की कहानी सुनाने लगी। मैंने झट से अपने होंठ उसके होंठों में दे दिया।

मैं कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और उसके होंठों को चूसने लगा और चूचियों को हल्के हल्के सहलाने लगा।

अब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने धीरे धीरे हिलना शुरू किया। अब वो भी मेरा साथ देने लगी और अपनी चूतड़ों को हिलाने लगी।

अब मैंने धक्कों की रफ्तार तेज दी और करीब 15-20 मिनट की चुदाई के बाद वो और मैं एक साथ झड़ गए।

मैंने देखा, कि पूरी चादर खून से लाल है और वो भी दर्द से बेहाल थी। मैंने उसकी चूत को साफ किया और चादर को भी साफ किया।

मैंने उसे एक बार और चोदना चाहता था, पर उसने मना कर दिया। मैं भी मान गया और मैं अपने घर को निकल गया।

यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप SexKahani.Desi पर पढ़ रहे हैं!

दोस्तो, यह थी मेरी प्यार की प्यार भरी चुदाई! आपको कैसी लगी? आप अपने विचार हमें इस ईमेल आई डी भेज सकते हैं
[email protected]

1 vote

Advertisements

Disclaimer: This site has a zero-tolerance policy against illegal pornography. All porn images are provided by 3rd parties. We take no responsibility for the content on any website which we link to, please use your won discretion while surfing the links. All content on this site is for entertainment purposes only and content, trademarks and logo are property fo their respective owner(s).

Statutory Warning: This site is just for fun fictional stories on the site | All the stories sent by readers, is published on the site | Readers can view the personal stories | None of these stories to the editor or managing the class association | To use this website, you must be over 18 years of age, and you should have full adult Cetradikar legally or according to where you are using this website if you do not meet these requirements, If you do not have permission to use this website | Any item that is presented on this website, we do not claim to be their own |

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Disclaimer