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पड़ोस की माल आइटम को अपने घर बुलाकर चोदा

मेरा नाम संदीप है और मैं एक अध्यापक हूं। मेरी उम्र 35 वर्ष है। मेरी शादी को हुए काफी वर्ष हो चुके हैं। परंतु मेरी पत्नी मुझसे अलग रहती है। उसके विचार मुझसे बिल्कुल भी नहीं मिलते।

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इस वजह से वह मुझसे अलग रहती है। क्योंकि जिस तरीके से वह मुझसे बर्ताव करती है या जिस तरीके का उसका व्यवहार मेरे साथ रहता है मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मैंने कई बार उसे इस बारे में कहा भी कि यदि तुम अपने बर्ताव में बदलाव नहीं लाओगी तो हम दोनों साथ में नहीं रह सकते। वह मुझे हमेशा ही गलत ठहराती रहती है और कहती है कि हमेशा तुम्हारी ही गलती होती है। परंतु मैंने उसे कई बार समझाया कि यदि मेरी गलती होती तो शायद हम इतने सालों से एक साथ अच्छे से नहीं रह पाते। मेरी पत्नी की आदत बहुत ही गंदी है। वह हर बात को बहुत ही लंबा खींच देती है और हमेशा कहती है कि तुम्हारी ही गलती है।

वह हर गलत चीज को मुझ पर ही थोप देती है और हमेशा से ही वह मुझे दोषी ठहराती रहती है। वह एक डॉक्टर है इस वजह से उसे लगता है कि शायद वह जो कहेगी वह सही होगा। मैंने उसे कई बार कहा भी कि यदि तुम सही हो तो मैं तुमसे किसी भी बात में क्यों झगड़ा करूंगा लेकिन वह मेरी बात को नहीं समझती और एक दिन गुस्से में अपने मायके चली गई। वह जब अपने मायके गई तो मैंने उसे कई बार समझाने की कोशिश की, कि तुम अपने मायके में क्यों रह रही हो लेकिन वह मेरे साथ रहने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है। अब मुझे भी लगने लगा है कि मैं उसके बिना अकेले ही खुश हूं और अकेले रह भी सकता हूं। मेरे पड़ोस में एक दिन एक लड़की आई और वह मुझे पहली ही नजर में अच्छी लगने लगी। मैंने जब उसका नाम पता करवाया तो उसका नाम सरिता था। वह किसी कंपनी में जॉब करती थी। मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब मैं उसे देखा करता था। अब मैं अक्सर उसे देखने लगा और जब भी मैं अपने स्कूल से जल्दी आ जाता तो मैं तुरंत ही अपने छत पर चला जाया करता था और जब वह ऑफिस जाती थी तो मैं हमेशा उसे देखा करता था। परंतु मेरी उससे बात नहीं हो पाई थी। क्योंकि मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूं और पड़ोस में सब लोग मुझ से परिचित हैं। यदि मैं उससे बात करता तो सब लोग शायद मेरे बारे में गलत मतलब निकाल देते और वह मेरी पत्नी को ही सही कहते। इस वजह से मैं उससे बात नहीं कर पा रहा था।

एक दिन वह भी छत में टहल रही थी। मैंने उसे जब छत से देखा तो वह अपनी नजर झुका लेती और थोड़े समय बाद वह अपने घर में चली गई। मैं उससे बात करने के बहाने ढूंढ रहा था। तभी एक दिन वह दुकान में कुछ सामान ले रही थी और मैं भी दुकान में कुछ सामान ले रहा था। मैंने उस दिन उससे बात की और उसे उसके बारे में पूछने लगा और मैंने उसे यह बताया कि मैं तुम्हारे पड़ोस में ही रहता हूं। अब हम दोनों के बीच में बातें होने लगी थी और वह जब भी मुझे मिलती तो मुझे देख कर मुस्कुरा दिया करती थी और मैं उसे हमेशा ही कहता था यदि तुम्हें किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो तुम मुझे बता दिया करो। अब हम दोनों के बीच कुछ ज्यादा ही नजदीकियां बढ़ने लगी और एक दिन उसने मुझसे मेरी शादी के बारे में पूछ लिया। मैंने उसे अपनी शादी के बारे में सब कुछ बता दिया और कहा कि मेरी पत्नी मेरे साथ खुश नहीं है। इसी वजह से वह अलग रहने के लिए चली गई है और मैं अकेला ही घर पर रहता हूं।

यह बात सुनकर सरिता थोड़ी देर तक चुप रही। उसके बाद वह कहने लगी कि इसमें आपकी भी गलती हो सकती है। मैंने उसे कहा कि इसमें मेरी बिल्कुल भी कोई गलती नहीं है। मैं उसे कुछ भी बात कहता हूं तो वह बात का बतंगड़ बना देती और बात को बहुत लंबा खींच लेती है। मुझे उसकी बात बुरी लगने लगी थी और मुझसे वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रही थी। इस वजह से मैं उसके साथ ज्यादा बात नहीं करता था। अब हम दोनों के बीच में बहुत बातें बढ़ने लगी और कहीं ना कहीं सरिता भी मेरी तरफ आकर्षित होने लगी थी और हम दोनों के बीच अब काफी बातें होने लगी। मुझे उसके साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगता था और वह भी मेरे साथ समय बिताना बहुत पसंद किया करती थी। वह हमेशा कहती थी कि मैं जब भी आपके साथ समय बिताती हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। मैं भी इस बात से बहुत खुश था और उसे हमेशा ही कहता था कि मैं जब भी आपके साथ समय बिताता हूं तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता है। अब हम दोनों फोन पर भी बात कर लिया करते थे और हमारी फोन पर काफी देर बात हुआ करती थी।

मैं अब सरिता से फोन पर बात किया करता था और हम दोनों की बहुत ही बातें हुआ करती थी। एक दिन मैंने सरिता से फोन पर अश्लील बातें करना शुरू कर दिया। मैने उसे कहा कि तुम्हारा फिगर कितना है और तुम्हारी चूत मे बाल है या नहीं। वह कहने लगी कि तुम खुद ही आकर देख लो मुझे बताने की क्या आवश्यकता है। जब उसने यह बात कही तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा मैं मुठ मारने लगा। मेरा वीर्य जैसे ही गिरने वाला था तो मैंने उसे कहा कि मेरा वीर्य गिरने वाला है। अब वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी और रात को ही मेरे घर पर आ गई। जब वह मेरे घर पर आई तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और मैंने जल्दी से उसके सारे कपड़े खोल दिया। वह मेरे सामने नंगी थी उसका बदन बहुत ज्यादा गोरा और मुलायम था। मुझसे अब बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था और मैंने तुरंत ही अपने लंड को हिलाते हुए उसके मुंह के अंदर डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने मोटे लंड को उसके मुंह में डाला तो वह उसे चूसने लगी और बहुत ही अच्छे से सकिंग करने लगी।

वह इतने प्यार से मेरे लंड को अपने मुंह में समा रही थी कि मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। अब उसकी योनि से भी पानी टपकने लगा और मुझसे भी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ। मैंने उसे अपने बिस्तर पर लेटा दिया और लेटाने के बाद उसके दोनों पैरों को खोलते हुए उसकी योनि को कुछ देर तक चाटा। उसकी चूत से बड़ी तीव्र गति से पानी निकल रहा था तो मैंने जैसे ही उसकी योनि में अपने लंड को लगाया तो बहुत चिपचिपी हो रखी थी। मैंने धीरे धीरे धक्का देते हुए अपने लंड को पूरा अंदर तक घुसेड दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के पूरे अंदर तक गया तो उसके गले से आवाज निकलने लगी। वह बड़ी तेज मादक आवाज निकालने लगी। मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था जब मैं उसे झटके दिए जाता और उसका शरीर पूरा गर्म होने लगा। मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसे चोदता ही रहूं और मैं ऐसे ही बड़ी तीव्रता से उसे झटके दिए जा रहा था। उसका शरीर पूरा गर्म हो गया और उसके शरीर से पसीना छूटने लगा मेरे शरीर से भी पसीना निकल रहा था। मुझे भी बड़ा ही आनंद आ रहा था जब मैं अपने लंड को उसकी योनि के अंदर बाहर करता जाता।

कुछ देर बाद मैंने उसे अपने ऊपर बैठा दिया और उसकी चूत मे जैसे ही मैंने अपने मोटे लंड को घुसेड़ा तो उसके गले से चीख निकल गई। अब मैं उसे बड़ी तेजी से चोदे जा रहा था। मै उसके स्तनों का रसपान कर रहा था मुझे उसके स्तनों का रसपान करने में बड़ा ही मजा आता और वह भी बड़ी उत्तेजित हो जाती। उसकी उत्तेजना बढने लगी और उसने अपनी चतडो को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया। वह इतने अच्छे से अपने चूतड़ों के ऊपर नीचे किए जा रही थी कि मुझे बड़ा है आनंद आ रहा था। जब वह अपने चूतड़ों के ऊपर नीचे करती तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसे चोदता ही रहा। मै उसे धक्के मारता ज रहा था मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मेरा वीर्य पतन होने वाला है। अब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने तेजी से उसे चोदना शुरू कर दिया। उसके स्तनों पर मैंने अपने दांत के निशान भी मार दिए थे। उसके निप्पल बहुत ही सख्त और अच्छे थे मैं जैसी ही उन्हें अपने मुंह में लेता तो उसके मुंह से बड़ी तेज उत्तेजना निकल जाती।

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अब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही गर्मी निकलने लगी और मैंने जैसे ही उसे तेज झटके दिए तो उन झटकों के बीच मेरा वीर्य पतन हो चुका था।

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