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चाचा की लड़की को चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया

मेरा नाम शुभम है। मेरी उम्र 30 वर्ष की है। मैं एक बहुत ही बड़ी कंपनी में नौकरी करता हूं। यह नौकरी मुझे मेरे मामा ने ही दिलवाई थी। क्योंकि वह भी इसी कंपनी में नौकरी करते थे तो उन्होंने ही अपना रिफरेंस दिया था।

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उसके बाद मेरी जॉब लग गई। मेरी जिंदगी बहुत ही अच्छे से चल रही है। मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या या तकलीफ नहीं है। मैं कई बार सोचता हूं कि मैं बहुत ही खुशनसीब हूं कि मुझे एक अच्छी जिंदगी मिली है। मेरे पिताजी भी एक बहुत बड़े पद पर कार्यरत थे। अब वह रिटायर हो चुके हैं। इसलिए वह घर पर ही रहते हैं। परंतु रिटायरमेंट के बाद जितना भी पैसा मिला, उन्होंने मेरे लिए प्रॉपर्टी खरीद लिए और मेरे लिए घर भी बना दिया। मैं घर में एकलौता हूं। इस वजह से उन्होंने मुझे कहा कि तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और मेरी सैलरी भी बहुत अच्छी है। जिससे कि मैंने अपना खुद का एक घर लिया हुआ है। इस वजह से मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है और ना ही मुझे किसी भी प्रकार की कोई पैसे की तंगी है। परंतु मैं अपने जीवन में खुश नहीं था और कुछ समय ऐसा चाहता था कि मैं अकेला रहूं। मैंने जब यह बात अपने पिता से कही तो वह कहने लगे कि तुम कुछ दिनों के लिए गांव चले जाओ। मैंने उन्हें कहा कि गांव तो मैं कई वर्षों पहले गया था। मुझे वहां पर कोई जानता भी नहीं है तो मैं गांव में क्या करूंगा। वह कहने लगे कि तुम गांव में चले जाओ। तुम्हारे चाचा गांव में ही है तो वह तुम्हारा ध्यान रख लेंगे। मैं उन्हें फोन कर दूंगा और तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।

मैंने ऑफिस से कुछ समय की छुट्टी ले ली और मैं गांव चला गया। मेरे पिताजी ने मेरे चाचा को फोन कर दिया था और मेरे चाचा मुझे लेने गांव के स्टेशन पर आए हुए थे। मैं उन्हीं के साथ उनके घर पर गया। जब मैं उनके घर गया तो मैंने वहां एक सुंदर सी लड़की देखी। जिसे देखकर मेरी आंखें फटी की फटी रह गई। मुझे ऐसा लगा कि इतनी सुंदर लड़की गांव में कैसे हो सकती है। जब मेरे चाचा ने मुझे उससे मिलाया तो उसका नाम बबीता था और मैं उससे मिलकर बहुत खुश हुआ। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था की इतनी सुंदर लड़की मैंने देखी थी। मुझे शायद उसे पहली नजर में ही प्रेम हो गया था लेकिन वह मेरे चाचा की लड़की थी। इसलिए मैं चुप था मेरे चाचा ने मेरी बहुत ही खातिरदारी की और मुझे काफी अच्छा लग रहा था। गांव में मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं अपने आप को रिलैक्स फील कर रहा हूं। मेरे चाचा ने कहा कि तुम बबीता के साथ ही गांव में घूम लिया करो। मेरे चाचा ने कहा कि गांव में एक पुराना किला है, तुम वहां पर चले जाओ। तुम्हें बहुत ही अच्छा लगेगा वहां घूम कर। अब मैं और बबीता वहां चले गए। मेरे चाचा ने मुझे अपनी गाड़ी की चाबी दे दी थी।

हम दोनों उनकी गाड़ी से ही उस किले में चले गए और जब बबीता मुझे वहां घुमा रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मुझे उसके साथ घूमना बहुत ही पसंद आ रहा था। वह जिस तरीके से मुझसे बात करती मुझे बहुत अच्छा लगता। मेरे दिल ने उसके लिए कुछ ज्यादा ही धड़कना शुरू कर दिया था और मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था। मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया जब मैं उसके साथ घूम रहा था। घूमने के बाद हम दोनों वापस आ गए। मेरे चाचा ने मुझसे पूछा, तुम्हें वहां कैसा लगा। मैंने अपने चाचा से कहा कि मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब हम लोग उस किले में घूम रहे थे और बबीता ने मुझे बहुत ही अच्छे से उस किले के बारे में जानकारी दी। बबीता भी मुझसे अब काफी खुलकर बात करने लगी। और मैं भी उससे बहुत ज्यादा बात करने लगा था लेकिन मुझे यह डर था कि कहीं मैंने उससे अपने दिल की बात बता दी तो वह मेरे चाचा को ना बता दे। इस वजह से मुझे कहीं ना कहीं डर भी लग रहा था।

एक दिन हम लोग बैठ कर बातें कर रहे थे तो मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और जब मैंने उसके हाथ को पकड़ा तो वह शर्माने लगी और मुझे कहने लगी तुम यहां क्या कर रहे हो। मैंने उसे कहा कि मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ लिया है और मुझे तुमसे प्रेम हो गया है। वह कहने लगी तुम यह किस तरीके की बात कर रहे हो। यदि यह बात पिता जी को पता चलेगी तो वह क्या सोचेंगे और ताऊ जी को इस बारे में पता चलेगा तो वह भी हमारे बारे में क्या सोचेंगे। मैंने उसे कहा कि तुम इस बारे में बिल्कुल भी चिंता मत करो। मुझे तुम्हें देखते ही प्रेम हो गया और मैंने तुम्हें अपने दिल की बात बता दी। तुम्हारा क्या फैसला है तुम मुझे सोच कर बता देना। मुझे अब बहुत शांति मिल रही थी। क्योंकि यह बात कई दिनों से मेरे दिल में थी और मैं उसे बबीता को बताना चाहता था। परंतु फिर भी नहीं बता पा रहा था। मुझे यह बात तो पता थी कि बबीता भी कहीं ना कहीं मुझ से बहुत प्रभावित है। परंतु वह अपने मुंह पर इस बात को नहीं ला पाई और उसने मुझे कहा कि यदि आप इस बारे में सोचना छोड़ दें तो यह हम दोनों के लिए बेहतर होगा। नहीं तो इसमें हम दोनों का ही नुकसान होगा। मुझे भी अब ऐसा लगने लगा कि शायद वह ठीक कह रही है। इसलिए मैंने यह बात अपने दिमाग से निकाल दी।

हम दोनों अब एक अच्छे दोस्त बनकर साथ में रह रहे थे। परंतु मुझे ना चाहते हुए भी बबीता को देखकर अंदर से एक अलग ही तरीके की फीलिंग आ जाती और मैं जब उसकी नीली आंखों को देखता तो मैं उसकी तरफ आकर्षित होता चला जाता। एक दिन मेरे चाचा और चाची खेत में काम के लिए गए हुए थे। उस दिन बबीता और मैं घर पर ही थे हम दोनों बैठकर बातें कर रहे थे। तभी मुझे बबीता के बड़े-बड़े स्तन दिखाई दे रहे थे और उसकी गांड का उऊभार भी मुझे दिखाई दे रहा थे। मेरा मन पूरा खराब होने लगा और मैं बबीता से सट कर बैठ गया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया वह मेरी बाहों में आ गई जब वह मेरे बाहों में थी तो वह छटपटाने लगी। मैंने उसे कसकर पकड़ते हुए उसके होठों को किस कर लिया। मैं उसके होठों के रस को अपने होठों में ले रहा था उसके गुलाबी होंठ मुझे बहुत ही अच्छे लग रहे थे। मैंने उसे धीरे-धीरे नीचे लेटाना शुरू किया और उसके सूट को ऊपर उठाते हुए खोल दिया। मैं उसके स्तनों को बड़े ही अच्छे से अपने मुंह में ले रहा था तो उसे भी मजा आ रहा था। उसका बदन बहुत ज्यादा गोरा और मुलायम था।

कुछ समय बाद मैंने उसके सलवार को भी उतार दिया और उसकी चूत को मैंने चाटना शुरू किया। उसकी चूत से पानी निकल रहा था और वह बड़े ही मजे में आने लगी। थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड को उसकी योनि में जैसे ही डाला तो उसकी सील टूट चुकी थी।  मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसे धक्के दिए जा रहा था। उसकी योनि से खून भी निकल रहा था और मैं उसे ऐसे ही तीव्रता से चोदा जाता। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में समा लिया और बहुत ही अच्छे से उन्हें चूसने लगा। मैं उसके स्तनों को इतने अच्छे से चूस रहा था कि मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसे और भी तेजी से धक्के मारना शुरू कर दिया। लेकिन मेरा मन नहीं भर रहा था तो मैंने उसे उल्टा लेटा दिया और उसकी योनि में अपने को डाल दिया। उसकी चूतडे  जैसे ही मेरे लंड से टकराती तो मुझे बड़ा आनंद आता। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया मैंने उसे चोदना शुरू किया और बड़ी तेज गति से उसे धक्के दे रहा था। मैंने इतनी तेज तेज उसे धक्के देना शुरु किया कि उसका पूरा शरीर टूटने लगा और वह मुझे कहने लगी कि तुमने तो मेरे चूत को अच्छे से मारकर उसका भोसड़ा बना दिया है तुम इतनी तेजी से मुझे चोद रहे हो कि मेरा शरीर पूरा दर्द हो रहा है। अब वह झड़ चुकी थी और ऐसे ही मेरे सामने लेटी हुई थी मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और बड़ी ही तीव्रता से धक्के मारने शुरू किए। लेकिन थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य पतन हो गया और मेरा माल जैसे ही बबीता की योनि में गया तो वह कुछ समय बाद प्रेग्नेंट हो गई।

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मेरी गांड अभी तक फटी पड़ी है कि मुझे क्या करना चाहिए।

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