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पापा की दोस्त की बेटी को शादी से पहले चोदा

मेरा नाम आशीष है और मैं अपने पिताजी का कारोबार संभालता हूं। मेरी उम्र 32 वर्ष की है। परंतु मैंने अब तक शादी नहीं की और मेरे घर में मेरी दो छोटी बहन हैं।

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मेरे पापा बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं और वह मेरे साथ ही कारखाने में रहते हैं। जब भी उन्हें समय मिलता है तो वह कहीं बाहर घूमने के लिए चले जाते हैं और मैं काम संभालता हूं लेकिन इस बार मुझे ही मेरे पिताजी ने कहा कि तुम एक काम करो तुम घुम आओ और कुछ दिनों के लिए तुम्हें अच्छा भी लगेगा। मेरे पिताजी ने कहा कि कुछ दिनों के लिए तुम सूरत हो चले जाओ। वहां पर काम भी हो जाएगा और तुम मेरे दोस्त से भी मिल लेना क्योंकि वह काफी समय से मुझे अपने घर पर बुला रहा है परंतु मुझे समय नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से मेरा वहां जाना संभव नहीं हो पाता और उसकी लड़की की भी सगाई हो चुकी है। तुम मेरी तरफ से कुछ गिफ्ट उनके घर पर ले जाना। मैंने अपने पिता जी से कहा ठीक है मैं सूरत में काम भी कर लूंगा और उनके घर पर भी हो आऊंगा। मेरे पिताजी ने जब मुझसे कहा कि वह मेरे बचपन के दोस्त हैं। हम साथ में ही रहा करते थे। अब वह सूरत में ही अपना कारोबार संभाल रहे हैं और मेरा उनसे मिलना बिल्कुल भी नहीं हो पा रहा। उन्होंने मुझसे अपने जमाने की कुछ यादें ताजा की। वह जब मुझे अपनी पुरानी बातें बता रहे थे तो वह बहुत ही खुश हो रहे थे और कह रहे थे कि हम दोनों साथ में ही रहा करते थे। मैने उनसे कहा कि आप वह बात याद कर के इतना खुश हो तो मैंने सोचा मुझे भी उनसे मिलना ही चाहिए।

मेरे अंदर उनसे मिलने की उत्सुकता बहुत थी और मैं जब सूरत पहुंचा तो मैंने उन्हें फोन कर कर बताया कि मैं सूरत पहुंच चुका हूं। तो उन्होंने तुरंत ही मेरे लिए गाड़ी भिजवा दी और जैसे ही मैं उनके घर पहुंचा तो उन्होंने मुझे देखते ही कहा कि तुम तो बिल्कुल अपने पिताजी के जैसे ही लगते हो। वही कद काठी और वही लंबाई। अब उनसे मिलकर मुझे बहुत ही खुशी हुई और मुझे ऐसा लग रहा था। जैसे वह मुझ में कहीं ना कहीं मेरे पिताजी को देख रहे थे और मैंने जब उन्हें वह गिफ्ट दिया जो मेरे पिताजी ने भेजा था तो वह बहुत ही खुश हुए और कहने लगे कि तुम्हारे पिताजी की आदत तो पहले से ही ऐसी है। जब भी वह नहीं आ पाते तो कुछ ना कुछ गिफ्ट भिजवा दिया करते हैं। जब उनकी लड़की पानी लेकर बाहर आई तो मैं उसे देखता ही रह गया। क्योंकि वह बहुत ही सुंदर थी और वह इतनी सुंदर थी की मैं उसकी तरफ से अपनी नजरें हटा ही नहीं पा रहा था। जब उन्होंने मुझसे उसका इंट्रोडक्शन करवाया तो उन्होंने उसका नाम बताया। उसका नाम रीमा था और वह कहने लगे कि यह मेरी इकलौती बेटी है। वह हमारे साथ बैठ कर बातें कर रही थी और जब वह बात कर रही थी तो मैं सिर्फ उसे ही देखे जा रहा था। कुछ समय बाद उसकी मां भी आ गई और जब रीमा की मां आई तो वह भी मुझसे मिलकर बहुत खुश हुई। अब मैं उन्हें कहने लगा कि मैं अपने काम से जा रहा हूं और वही से वापस लौट जाऊंगा लेकिन वह मुझसे बहुत ज्यादा जिद करने लगे और कहने लगे कि तुम सूरत आए हो और ऐसे ही कैसे चले जाओगे। तुम कहां पर रुके हो वह मुझसे पूछने लगे। मैंने उन्हें बताया कि मैं एक होटल में रुका हूं। उन्होंने कहा कि तुरंत ही तुम उस होटल की बुकिंग कैंसिल कर दो और तुम अब हमारे साथ घर पर ही रहोगे। जितने दिन भी तुम्हारा काम होगा तो उतने दिन तुम हमारे घर पर ही रहोगे और यहीं से अपने काम पर जाओगे।

मैंने उन्हें मना किया लेकिन वह बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं थे और जब वह इतनी जिद कर रहे थे तो मुझे भी लगा कि शायद वहां रुक जाना चाहिए। अब मैं उनके घर पर ही रुक गया और जब मैं उनके घर पर था तो मैं सिर्फ रीमा को ही देख रहा था। क्योंकि मेरी नजरों से हट ही नहीं पा रही थी और रीमा भी मुझसे बात कर रही थी। वह मुझसे पूछ रही थी कि तुम कब से काम कर रहे हो। मैंने उसे बताया कि मैं अपने पिताजी के साथ ही काफी समय से काम कर रहा हूं और अब मैं उनका काम अच्छे से संभाल पा रहा हूं। मेरे घर में मेरी दो बहने हैं। मैंने जब रीमा को उनकी फोटो दिखाई तो वह बहुत ही खुश हुई और कहने लगी ये तो बहुत ही सुंदर है। फिर मैंने उसे भी कह दिया कि तुम से सुंदर नहीं है क्योंकि तुम तो बहुत ही ज्यादा सुंदर हो। रीमा भी कहीं ना कहीं मेरी भावनाओं को समझ गई थी लेकिन उसकी सगाई हो चुकी थी। इसलिए वह भी मजबूर थी और मैंने उसे उसके होने वाले पति के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि उनका भी अपना एक बहुत बड़ा कारोबार है। वह उसे ही संभालते हैं। वह घर में इकलौते हैं और वह बहुत ही अच्छे हैं। रीमा ने मुझे अपने होने वाले पति की फोटो भी दिखाई वह दिखने में बहुत ही अच्छा था और एक सिंपल और साधारण किस्म का व्यक्ति प्रतीत हो रहा था। मैंने जब उससे पूछा क्या तुम उससे मिली हो, तो वह कहने लगी कि हां एक बार हमारी मुलाकात हुई है लेकिन इतनी ज्यादा मुलाकात नहीं हो पाई। मैंने कहा कि तुम्हारी फोन पर भी बात होती है तो वह कहने लगी कि नहीं हमारी फोन पर तो ज्यादा बात नहीं हो पाती। क्योंकि उनके पास वक्त बहुत कम होता है। इस वजह से वह मुझे फोन भी नहीं करते हैं और मैं भी उन्हें डिस्टर्ब नहीं करती हूं। रीमा बहुत ही अच्छी लड़की थी और मैं भी कहीं ना कहीं चाहता था कि शायद कुछ समय पहले मुझे रीमा मिली होती तो मेरी उससे शादी हो जाती। परंतु अब बहुत ही लेट हो चुका था लेकिन फिर भी हम दोनों एक दोस्त बनकर तो रह ही सकते थे और मैंने भी रीमा को कहा कि तुम मुझे सूरत घुमा देना। वह कहने लगी क्यों नहीं। जब मैं अपने काम से फ्री हो गया तो मैं उसके साथ सूरत घूमने के लिए चला गया और हम दोनों एक साथ बैठकर बहुत ही अच्छा टाइम बिता रहे थे। मैं उसे जितना भी समझ पाया तो मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि वह बहुत ही अच्छी और साधारण लड़की है। अब हम दोनों घर लौट आए।

हम दोनों काफी देर तक बात कर रहे थे। वह रात को जब मेरे कमरे में आकर बैठी तो मुझे उसे देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैंने उसकी गांड पर अपना हाथ फेरना शुरू कर दिया। वह मेरे सामने लेट गई और मैंने उसके होठों को चूमना शुरू कर दिया। उसके होठों को मैंने इतने अच्छे से चुमा की उसका पूरा शरीर गरम हो गया। मैंने उसके दोनों पैर चौडे करते हुए उसके सारे कपड़े उतार दिए। उसकी योनि को मैंने बहुत देर तक चाटा। उसके बाद मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर घुसा दिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि में डाला तो उसकी योनि से खून की पिचकारी निकलने लगी। मुझे बहुत मजा आने लगा जब मैं उसे देखे जा रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसे चोदता ही रहूं क्योंकि मुझे उसे चोदने में बहुत ही आनंद आ रहा था। जब मैने उसे धक्के मारे तो मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था। मैं उसे ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था।। रीमा भी बहुत खुश हो रही थी और वह भी पूरी उत्तेजना में आ गई। वह कहने लगी तुम मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो तुम मुझे ऐसे ही झटके मारते रहो। उसने मेरे लंड को अपनी योनि से बाहर निकालते हुए मेरे ऊपर खुद ही बैठ गई। जब वह मेरे लंड पर बैठी तो मुझे बड़ा मजा आने लगा और मैं उसे बड़ी तेजी से झटका मार रहा था। उसकी योनि से अभी भी खून टपक रहा था। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसे तेजी से चोदता जाता। क्योंकि उसकी योनि बहुत ही ज्यादा टाइट थी और मैं उसे बड़ी तेज तेज धक्के मार रहा था। वह भी अब अपनी चतडो को हिलाने लगी और वह इतने अच्छे से अपने चतडो को हिला रही थी। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह भी पूरे मूड में है।

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वह अपने चूतडो को बड़ी तेजी से हिलाए जा रही थी मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। जब वह इस प्रकार से कर रही थी तो थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिर गया। मैं जब उससे मिलता हूं तो उसे जरूर चोदता हूं।

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